शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति बनी बाढ़ पीड़ितों की उम्मीद : 170 परिवारों तक पहुंचाई राहत सामग्री : आमगुड़ी गांव तटबंध क्षेत्र में मानव सेवा का प्रेरक उदाहरण
चावल, दाल, नमक और सरसों तेल वितरित : युवाओं की भागीदारी ने बढ़ाया सेवा अभियान का प्रभाव

शिवसागर, 20 जुलाई : शिवसागर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा और बाढ़ के कारण जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। कई गांवों में जलभराव, तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर परिवार, क्षतिग्रस्त मकान, बाधित संपर्क मार्ग और दैनिक जरूरतों की कमी जैसी परिस्थितियों के बीच अनेक परिवार कठिन दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे संवेदनशील समय में सामाजिक संगठनों द्वारा राहत और सहायता के लिए बढ़ाए जा रहे कदम प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं।
इसी मानवीय दायित्व का परिचय देते हुए अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, असम प्रांत के अंतर्गत संचालित शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए एक व्यापक राहत अभियान चलाया। समिति ने शिवसागर शहर के समीप स्थित आमगुड़ी गांव के तटबंध क्षेत्र में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित कर समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

170 जरूरतमंद परिवारों तक पहुंची राहत सामग्री
समिति द्वारा बाढ़ प्रभावित 170 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। प्रत्येक परिवार को दैनिक जीवन की आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिसमें चावल, दाल, नमक एवं सरसों का तेल शामिल था। लगातार जलभराव और बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के लिए यह राहत सामग्री तत्काल राहत का माध्यम बनी।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के समय केवल सहानुभूति व्यक्त करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ राहत सामग्री को व्यवस्थित रूप से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया गया।

सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय
राहत वितरण अभियान समिति की सभी सदस्याओं के सामूहिक सहयोग, समर्पण और सेवा भावना के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। राहत सामग्री के वितरण के दौरान समिति की अध्यक्षा सरिका देवड़ा, उपाध्यक्ष श्वेता अग्रवाल, सचिव प्रीति केजरीवाल, कोषाध्यक्ष संगीता झूरिया तथा सक्रिय सदस्य अनु शर्मा एवं प्रीति शर्मा स्वयं उपस्थित रहीं और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
राहत वितरण के दौरान समिति की सदस्याओं ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी ली तथा उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी बनी प्रेरणा
समिति ने इस सेवा अभियान को सफल बनाने में यश देवड़ा के महत्वपूर्ण योगदान के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। समिति के अनुसार राहत सामग्री की व्यवस्था, पैकेजिंग, परिवहन तथा प्रभावित क्षेत्र तक सामग्री पहुंचाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
समिति की सदस्याओं ने कहा कि राहत कार्य में युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी समाज के लिए अत्यंत सकारात्मक संदेश है। युवाओं को समाज सेवा के ऐसे कार्यों से जुड़ते देख सभी ने उनकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की और इसे सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों का प्रेरक उदाहरण बताया।

‘मानव सेवा ही हमारा सर्वोच्च धर्म’ : सरिका देवड़ा
समिति की अध्यक्षा सरिका देवड़ा ने कहा कि “मानव सेवा ही हमारा सर्वोच्च धर्म है। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में प्रभावित परिवारों की सहायता करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति भविष्य में भी हर जरूरतमंद परिवार के सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगी।”
उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति संकट के समय एक-दूसरे के साथ खड़े होने में निहित है और समिति इसी भावना के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी।

‘सेवा भावना से ही सफल हुआ राहत अभियान’ : प्रीति केजरीवाल
समिति की सचिव प्रीति केजरीवाल ने कहा कि “समिति की सभी सदस्याओं के सहयोग, समर्पण और सेवा भावना के कारण यह राहत अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका। समाजहित और जनसेवा से जुड़े ऐसे कार्यों में समिति भविष्य में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ सक्रिय रहेगी।”
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सामाजिक संगठनों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है तथा प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।

समाज सेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है समिति
समिति की जनसंपर्क अधिकारी पायल अग्रवाल ने बताया कि शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति समाज सेवा और मानवीय सहयोग की अपनी परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रही है। समिति समय-समय पर स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्य जैसे विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है।
उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल राहत सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना भी है।

आपदा की घड़ी में सामाजिक संगठनों की पहल बनी राहत का सहारा
शिवसागर जिले में बाढ़ की चुनौती के बीच जहां प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, वहीं विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन भी प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसे समय में शिवसागर मारवाड़ी महिला समिति की यह पहल न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि संकट की घड़ी में समाज की सामूहिक भागीदारी और मानवीय संवेदनाएं ही सबसे बड़ी ताकत होती हैं। समिति के इस सेवा अभियान की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।




