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शिवसागर में शिक्षक बाबूलाल भार्गव के निधन से शोक की लहर

सुंदरमल हिंदी इंग्लिश हाईस्कूल और सोफी मर्सी स्कूल में लंबे समय तक शिक्षा की ज्योत जगाई

शिवसागर 1 मई : शिवसागर के शिक्षण जगत के एक सम्मानित व्यक्तित्व, श्री सुंदरमल हिंदी इंग्लिश हाईस्कूल और सोफी मर्सी मेमोरियल स्कूल के पूर्व शिक्षक बाबूलाल भार्गव का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। शहर के एटी रोड निवासी थे और भार्गव सर’ के नाम से लोकप्रिय थे। शुक्रवार को दिन के लगभग 11:20 बजे उन्हें शिवसागर के प्रगति नर्सिंग होम में हृदय रोग से आक्रांत अवस्था में भर्ती कराया गया था, जहां दोपहर 12:05 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

9 अगस्त 1948 को जन्मे बाबूलाल भार्गव लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित थे। बाबूलाल भार्गव शिवसागर कॉलेज से डिग्री प्राप्त करने के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कानून के छात्र रहे। आरंभिक जीवन में उन्होंने शिवसागर के प्रसिद्ध शनि मंदिर में पुरोहित का दायित्व संभाला। बाद में वे शिक्षण क्षेत्र में आए और श्री सुंदरमल हिंदी इंग्लिश हाईस्कूल में लंबे समय तक अध्यापन किया। स्कूल के अंग्रेजी माध्यम बनने के बाद उन्होंने 1996 से 2006 तक सोफी मर्सी मेमोरियल स्कूल में शिक्षण कार्य किया। उन्होंने सैकड़ों विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी और अन्य विषयों की शिक्षा दी। उनके छात्र उन्हें कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासनप्रिय, सरल स्वभाव वाले और प्रेरणादायी शिक्षक के रूप में याद करते हैं। वे न केवल पाठ्यक्रम पर बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान देते थे। स्वर्गीय भार्गव ने कवि प्रेम गोगोई की असमिया भाषा की प्रसिद्ध पुस्तक “शिवसागर” का हिंदी भाषा में अनुवाद किया था। जिसके लिए उन्हें साहित्य प्रेमियों द्वारा सराहा गया। शुक्रवार शाम 5 बजे शहर के थानाघाट स्थित शांतिवन मुक्तिद्वार श्मशान में शोकाकुल माहौल में उनकी अंत्येष्टि क्रिया संपन्न की गई।

उनके निधन की सूचना मिलते ही शिवसागर के विभिन्न संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। श्री मारवाड़ी पंचायत जन दातव्य समिति, श्री सुंदरमल मॉडर्न स्कूल, मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा, मारवाड़ी युवा मंच शिवसागर शाखा एवं प्रगति शाखा, सोफी मर्सी स्कूल, शिवसागर स्पोर्ट्स एसोसिएशन, असम एनवायरनमेंटल सिस्टम सहित अनेक शैक्षणिक संस्थानों, खेल संगठनों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वर्गीय बाबूलाल भार्गव अपने पीछे दो पुत्र, दो पुत्रियाँ, जामाता, बहू, नाती-नातिनी और अन्य आत्मीयजनों को शोक-संतप्त छोड़कर गए हैं। श्री सुंदरमल मॉडर्न स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि बाबूलाल भार्गव जी ने पूरे सेवा काल में शिक्षा को समर्पित रहकर कई पीढ़ियों को आकार दिया। उनका निधन शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति है। सोफी मर्सी स्कूल प्रबंधन ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक सच्चे शिक्षक और अच्छे इंसान थे, जिनकी याद हमेशा बनी रहेगी।

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