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शिवसागर जिले में डिमौ समीप नाहरानी की मेघा टी एस्टेट में तेंदुआ पिंजरे में कैद : वन विभाग ने लगाया था पिंजरा : कई दिनों से चाय मजदूरों और स्थानीयों में आतंक का था माहौल

खबर फैलते ही हजारों लोग जुटे, इलाके के लोगों ने ली राहत की सांस

शिवसागर 16 मई : शिवसागर जिले के डिमौ के समीप नाहरोनी स्थित मेघा टी एस्टेट में कल रात वन विभाग द्वारा स्थापित पिंजरे में एक तेंदुआ फंस गया। इससे पूरे इलाके में राहत की लहर दौड़ गई है।

बागान के मजदूरों और स्थानीय निवासियों में पिछले कई दिनों से भय का माहौल था, क्योंकि यह तेंदुआ खुलेआम घूम रहा था और पशुधन पर हमले कर रहा था। वन विभाग के खोवांग रेंज के अधिकारियों ने स्थानीयों लोगों की शिकायत पर पिंजरा लगाया था। कल रात जब तेंदुआ पिंजरे में फंस गया तो वन अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

आज सुबह खबर फैलते ही पिंजरे में कैद तेंदुए को देखने मेघा टी एस्टेट में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। इलाके में पिछले कई दिनों से तेंदुए के मुक्त विचरण के कारण चाय मजदूरों और आसपास के गांवों में आतंक व्याप्त था। तेंदुए ने गाय-बैल, बकरी, मुर्गी आदि पशुधन को निशाना बनाया था, जिससे लोगों को भारी नुकसान हो रहा था।

मेघा टी एस्टेट एनएच-37 के किनारे बसा है। पिछले कई दिनों से यह तेंदुआ बागान में घुस-घुसकर पशुधन का शिकार कर रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेंदुए के कारण चाय मजदूर दिन-रात डरे रहते थे। कई परिवारों के पालतू जानवरों को नुकसान पहुंचा।

इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं असम के चाय बागानों में आम हैं, लेकिन इस बार तेंदुए के सक्रिय होने से स्थिति गंभीर हो गई थी। स्थानीयों की बार-बार शिकायत के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने का फैसला किया।

गुरुवार को पिंजरा लगाया गया और कल रात सफलता मिल गई। वन अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल जानवर स्वस्थ है और कोई चोट नहीं आई है।

वन विभाग का कहना है कि ऐसे पिंजरे लगाकर वन्यजीवों को पकड़ना और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ना ही हमारा लक्ष्य है। इससे न केवल स्थानीयों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि वन्यजीवों का संरक्षण भी होता है।

एक स्थानीय चाय मजदूर ने कहा कि कई दिनों से हम डरे हुए थे। अब बच्चे बिना डर के बाहर खेल सकेंगे।” बागान प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने भी वन विभाग की सराहना की।

वन विभाग ने स्थानीयों से अपील की है कि वे शांत रहें और कोई भी जानवर दिखने पर तुरंत सूचना दें। तेंदुए को पकड़ने की यह सफलता प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है और पूरे इलाके के लिए राहत भरी खबर है। आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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