प्रतिभा और तप का सम्मान—मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी महिला शाखा ने बांसुरी पोदार और सुवन्नय पाटनी का किया अभिनंदन : असम न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यायिक पद पर नियुक्ति पाने वाली बांसुरी पोदार का सम्मान—प्रतिभा, मेहनत और समर्पण को सराहा : दस दिवसीय कठिन तपस्या पूर्ण करने पर सुवन्नय पाटनी का अभिनंदन—श्रद्धा, संयम और धार्मिक समर्पण को बताया प्रेरणादायी
अध्यक्ष संतोष शर्मा के नेतृत्व में सम्मान कार्यक्रम—महिला शाखा ने दोनों प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं

गुवाहाटी, 29 सितंबर : मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी महिला शाखा के लिए प्रतिभा, उपलब्धि और धार्मिक साधना के सम्मान का अवसर गौरवपूर्ण रहा। शाखा की ओर से समाज की दो प्रतिभाशाली महिलाओं—सुश्री बांसुरी पोदार और श्रीमती सुवन्नय पाटनी—की विशिष्ट उपलब्धियों पर उनका सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। शाखा अध्यक्ष संतोष शर्मा के नेतृत्व में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में महिला शाखा की पदाधिकारियों और सदस्यों ने दोनों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

न्यायिक सेवा में सफलता पर बांसुरी पोदार का सम्मान
मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य पंकज पोदार एवं गुवाहाटी महिला शाखा की सदस्य रीतु पोदार की सुपुत्री बांसुरी पोदार ने असम न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर न्यायिक पद पर नियुक्ति प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि को परिवार के साथ पूरे समाज के लिए गौरव का विषय बताते हुए महिला शाखा की ओर से उनका सम्मान किया गया।
महिला शाखा ने कहा कि न्याय के क्षेत्र में बांसुरी पोदार की नई यात्रा उनकी प्रतिभा, मेहनत, जिम्मेदारी और समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनकी उपलब्धि विशेष रूप से युवा पीढ़ी और समाज की बेटियों को अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
सम्मान के दौरान महिला शाखा की सदस्यों ने बांसुरी पोदार की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। साथ ही उम्मीद जताई कि वह न्यायिक क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्ठा और समर्पण के साथ करते हुए समाज का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

दस दिवसीय तपस्या पर सुवन्नय पाटनी का अभिनंदन
इसी क्रम में महिला शाखा की सलाहकार मंजू पाटनी की पुत्रवधू सुवन्नय पाटनी को दस दिवसीय तपस्या पूर्ण करने पर सम्मानित किया गया। उनकी इस कठिन धार्मिक साधना को श्रद्धा, आत्मसंयम, दृढ़ संकल्प और धर्म के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बताया गया।
महिला शाखा की ओर से कहा गया कि दस दिवसीय तपस्या पूर्ण कर सुवन्नय पाटनी ने अपने परिवार के साथ समाज को भी धार्मिक रूप से गौरवान्वित किया है। उनकी साधना से तप, त्याग और संयम जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश मिलता है। शाखा ने उनकी तपस्या की अनुमोदना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
शाखा पदाधिकारियों और सदस्यों का रहा सक्रिय सहयोग
सम्मान कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला शाखा की कोषाध्यक्ष शांति कुंडलिया, उपाध्यक्ष रेखा गोयल एवं रश्मि जैन, कार्यकारिणी सदस्य ज्योति शर्मा तथा सदस्य बबिता सरावगी एवं सुरेल बिदासरिया का सराहनीय योगदान रहा। सभी ने दोनों सम्मानित महिलाओं की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके सम्मान कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
‘प्रतिभा और संस्कार दोनों समाज की अमूल्य धरोहर’
मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी महिला शाखा ने इस अवसर पर शिक्षा एवं पेशेवर उपलब्धियों के साथ धार्मिक संस्कार, तप और संयम को समाज की महत्वपूर्ण धरोहर बताया। एक ओर बांसुरी पोदार की न्यायिक सेवा में उपलब्धि ने शिक्षा, प्रतिभा और मेहनत का संदेश दिया, वहीं सुवन्नय पाटनी की दस दिवसीय तपस्या ने श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक समर्पण की प्रेरणा प्रस्तुत की।
मारवाड़ी सम्मेलन गुवाहाटी महिला शाखा परिवार ने बांसुरी पोदार और सुवन्नय पाटनी को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सफल एवं मंगलमय भविष्य की कामना की।




