शिवसागर में एक ही दिन कांग्रेस के दो बड़े विरोध प्रदर्शन, दौलमुख चाराली पर गरमाया सियासी माहौल : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर इस्तीफे की मांग, SIR और मतदाता सूची संशोधन को लेकर उठाए सवाल : दिखौ की विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पात्र महिलाओं को अरुणोदय का लाभ देने की मांग पर धरना
जिला आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा कई मांगों वाला ज्ञापन—कांग्रेस ने राहत, मुआवजे और लाभार्थी चयन में पारदर्शिता की उठाई मांग

शिवसागर, 28 सितंबर : शिवसागर जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार को एक ही दिन दो अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए, जिससे शहर का ऐतिहासिक दौलमुख चाराली राजनीतिक विरोध का प्रमुख केंद्र बना रहा। एक कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर उनके इस्तीफे की मांग की गई, जबकि दूसरे कार्यक्रम में दिखौ नदी की हालिया विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और अरुणोदय योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने की मांग को लेकर धरना दिया गया।

ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका, इस्तीफे की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवसागर जिला कांग्रेस के सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने दौलमुख चाराली पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की रोक-टोक के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हुई।
पुतला दहन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में विरोध मार्च निकाला और निर्वाचन आयोग तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने मतदाता सूची संशोधन और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान विसंगतिपूर्ण तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर अजय कुमार गोगोई ने उठाए सवाल
विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे शिवसागर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार गोगोई ने मीडिया से बातचीत में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों और कथित अनियमितताओं को सार्वजनिक रूप से उठाते रहे हैं। गोगोई ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका की आलोचना करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को किसी प्रकार के राजनीतिक पक्षपात से मुक्त रहकर अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

बाढ़ पीड़ितों के उचित मुआवजे की मांग पर अलग धरना
इसी दिन शिवसागर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से दौलमुख चाराली पर एक अलग विरोध सभा और धरना भी आयोजित किया गया। सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस कार्यक्रम में 19 जुलाई को दिखौ नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष (संगठन) मुस्तफा खान द्वारा संचालित विरोध सभा में जिला अध्यक्ष अजय कुमार गोगोई ने आरोप लगाया कि ऊपरी असम, विशेषकर शिवसागर और चराईदेव जिलों में दिखौ की बाढ़ से व्यापक तबाही होने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों को अब तक घोषित सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
15 हजार रुपये की घोषित सहायता से भी कई परिवार वंचित होने का आरोप
गोगोई ने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों के घर, संपत्ति, आजीविका और पशुधन को भारी नुकसान पहुंचा था। कांग्रेस का आरोप है कि दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित परिवारों को घोषित 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तक नहीं मिल पाई है।
कांग्रेस ने नुकसान के सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि कई प्रभावित परिवारों के घरों तक सरकारी सर्वेक्षण दल अभी तक नहीं पहुंचे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि प्रत्येक प्रभावित परिवार के नुकसान का सही और निष्पक्ष आकलन कर घर, संपत्ति, पशुधन तथा आजीविका को हुई क्षति के अनुरूप उचित मुआवजा जल्द जारी किया जाए।
‘अब भी सरकारी सहायता के इंतजार में हैं कई बाढ़ पीड़ित’
अजय कुमार गोगोई ने कहा कि बाढ़ के बाद गैर-सरकारी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाई। उन्होंने दावा किया कि यदि इन संगठनों की ओर से मदद नहीं पहुंचाई जाती तो कई बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।
उन्होंने राज्य सरकार से सभी प्रभावित इलाकों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और सहायता तथा मुआवजा वितरण में किसी भी पात्र परिवार को वंचित नहीं रखने की मांग की।
अरुणोदय योजना को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा
धरना कार्यक्रम में कांग्रेस ने अरुणोदय योजना के लाभार्थियों के चयन का मुद्दा भी उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पहले योजना का लाभ प्राप्त कर रहे कुछ लाभार्थियों के नाम मौजूदा सूची से हटाए गए हैं। कांग्रेस ने मांग की कि निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली प्रत्येक महिला को उसकी राजनीतिक पहचान या संबद्धता से परे योजना का लाभ दिया जाए।
अजय कुमार गोगोई ने आरोप लगाया कि अरुणोदय जैसी कल्याणकारी योजना को दलगत राजनीति से अलग रखते हुए केवल निर्धारित पात्रता के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाना चाहिए। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को योजना से वंचित नहीं करने और नाम हटाने अथवा जोड़ने की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
मुख्यमंत्री को भेजा मांगों से संबंधित ज्ञापन
विरोध स्थल से ही शिवसागर जिला कांग्रेस कमेटी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने, अरुणोदय योजना के पात्र लाभार्थियों को लाभ सुनिश्चित करने सहित कई मांगों वाला ज्ञापन शिवसागर जिला आयुक्त के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को भेजा।
दोनों विरोध कार्यक्रमों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार गोगोई के साथ पार्टी के जिला और प्रदेश स्तर के कई नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। विरोध सभा में प्रदेश कांग्रेस के सचिव अब्दुर रहमान, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी सदस्य लक्षीनाथ संदिकै, शिवसागर ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लाचित मोहन, दिलीप फुकन, प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव मुनमी बरगोहाईं और प्रशांत गोगोई ने भी अपनी बात रखी।
इसके अलावा जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुस्तफा खान सहित विभिन्न स्तर के पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के सदस्यों ने भी विरोध कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों से लेकर बाढ़ प्रभावितों के मुआवजे तथा अरुणोदय योजना के लाभ तक कई मुद्दे एक ही दिन उठाए जाने के कारण दौलमुख चाराली कई घंटों तक कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना रहा।




