‘एडवांटेज असम 2.0’ के तहत शिवसागर में उद्योगों को नई रफ्तार—स्थापना और विस्तार में आ रही बाधाएं दूर करने में जुटा जिला प्रशासन : पिछड़ रहे 38 निवेशक-उद्यमियों से जिला आयुक्त मृदुल यादव का सीधा संवाद—प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति और समस्याओं की विस्तृत समीक्षा : भूमि, पुनर्वर्गीकरण, बैंक ऋण और अन्य अड़चनों के समाधान के लिए विभागीय समन्वय व त्वरित कार्रवाई पर जोर
समीक्षा बैठक के बाद शिवसागर और नाजिरा में ‘एडवांटेज असम 2.0’ के तहत क्रियान्वित कई परियोजनाओं का उपायुक्त ने किया निरीक्षण : रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए उद्यमियों की सराहना

शिवसागर, 25 सितंबर : असम के औद्योगिक क्षेत्र को विकसित और मजबूत करने, निवेश के लिए बेहतर अवसर तैयार करने तथा उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से लागू ‘एडवांटेज असम 2.0’ (Advantage Assam 2.0) के तहत शिवसागर जिले में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। इसी क्रम में उद्योगों की स्थापना और विस्तार में पीछे चल रहे निवेशक-उद्यमियों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

38 निवेशक-उद्यमियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक
जिला आयुक्त कार्यालय के सुकाफा कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला आयुक्त मृदुल यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ‘एडवांटेज असम 2.0’ के तहत अपने-अपने उद्योगों की स्थापना अथवा विस्तार में अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं कर पाए जिले के कुल 38 निवेशक-उद्यमियों के साथ सीधे संवाद किया गया।
बैठक के दौरान जिला आयुक्त ने प्रत्येक उद्यमी की प्रस्तावित परियोजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विस्तार से यह जानने का प्रयास किया कि किन कारणों अथवा व्यावहारिक कठिनाइयों के चलते संबंधित उद्योगों की स्थापना या विस्तार का काम निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं के समक्ष मौजूद समस्याओं और उनके संभावित समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

भूमि और वित्तीय समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से भूमि संबंधी समस्याओं, भूमि के पुनर्वर्गीकरण, बैंक ऋण एवं अन्य वित्तीय कठिनाइयों के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक और व्यावहारिक अड़चनों पर चर्चा की गई, जिनके कारण प्रस्तावित उद्योगों की स्थापना अथवा मौजूदा इकाइयों के विस्तार की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
जिला आयुक्त मृदुल यादव ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर देते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से आपसी समन्वय के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विभागीय या प्रशासनिक कारणों से उद्यमियों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े और लंबित मामलों पर यथाशीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएं।

औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी समस्याएं समझने की सलाह
जिला आयुक्त ने जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करने और वहां की समग्र व्यवस्थाओं का जायजा लेने की भी सलाह दी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उद्योगों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान जमीनी स्तर पर सामने आ रही बाधाओं के वास्तविक कारणों की पहचान और उनका विश्लेषण किया जाए। इसके आधार पर आवश्यक कदम उठाकर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

विभिन्न विभागों और बैंक के प्रतिनिधि रहे मौजूद
महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला विकास आयुक्त पवित्र कुमार दास, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के प्रभारी महाप्रबंधक मृणाल दास, अग्रणी बैंक प्रबंधक जयदीप चौधरी, विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी तथा निवेशक-उद्यमी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रशासन, उद्योग विभाग, बैंकिंग क्षेत्र और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित समस्याओं के समाधान तथा प्रस्तावित निवेश को धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया गया।

बैठक के बाद शिवसागर और नाजिरा में परियोजनाओं का निरीक्षण
‘एडवांटेज असम 2.0’ की विस्तृत समीक्षा बैठक के बाद जिला आयुक्त मृदुल यादव ने जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के अधिकारियों के साथ शिवसागर और नाजिरा में योजना के तहत क्रियान्वित की जा रही कई परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया।

निरीक्षण के दौरान जिला आयुक्त ने संबंधित परियोजनाओं की प्रगति और औद्योगिक इकाइयों के कामकाज की जानकारी ली। उन्होंने उद्यमियों के साथ बातचीत कर जमीनी स्तर पर परियोजनाओं की स्थिति तथा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को भी समझा।

रोजगार सृजन में योगदान के लिए उद्यमियों की सराहना
निरीक्षण के दौरान जिला आयुक्त मृदुल यादव ने नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने तथा समाज और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में योगदान देने के लिए उद्यमियों की सराहना की।

जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘एडवांटेज असम 2.0’ के तहत सामने आए निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के रास्ते में मौजूद बाधाओं की पहचान करना और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार की प्रक्रिया को गति देना है।





