15 हजार की बाढ़ राहत से वंचित परिवारों का फूटा गुस्सा—शिवसागर में अनुसूचित जाति छात्र संघ का दो घंटे का धरना : शिवसागर और चराईदेव के कई बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक एकमुश्त सहायता नहीं मिलने का आरोप—जिला आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन : नारों से गूंजा परिसर—प्रशासन को सौंपा ज्ञापन : राहत से वंचित पात्र परिवारों की पहचान और लंबित प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग—पांच दिन की समयसीमा
ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक आंदोलन तेज करने की चेतावनी—सैकड़ों बाढ़ प्रभावित और छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

शिवसागर, 25 सितंबर : शिवसागर और चराईदेव जिलों के अनेक बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकार की घोषित 15 हजार रुपए की एकमुश्त आर्थिक सहायता अब तक नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सदौ असम अनुसूचित जाति छात्र संघ के नेतृत्व में गुरुवार को शिवसागर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित परिवारों, छात्र-छात्राओं और संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला आयुक्त कार्यालय के सामने करीब दो घंटे तक धरना देकर लंबित राहत राशि तत्काल जारी करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हालिया बाढ़ में भारी नुकसान उठाने के बावजूद शिवसागर और चराईदेव जिलों के कई पात्र परिवार अब भी घोषित आर्थिक सहायता से वंचित हैं। संगठन ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर वंचित परिवारों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

दो घंटे तक धरना—राहत राशि के लिए बुलंद हुई आवाज
जिला आयुक्त कार्यालय के सामने आयोजित धरने में बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित परिवार शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में घर-परिवार और आजीविका से संबंधित नुकसान झेल चुके प्रभावित लोगों को राहत राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए।
धरने के दौरान “बाढ़ पीड़ितों को एकमुश्त 15 हजार की राशि तत्काल दो” और “बाढ़ पीड़ितों के साथ खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने लंबित मामलों का जल्द निपटारा कर निर्धारित सहायता पात्र परिवारों तक पहुंचाने की मांग उठाई।
शिवसागर और चराईदेव के वंचित परिवारों का मुद्दा उठाया
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि शिवसागर के साथ चराईदेव जिले में भी कई बाढ़ प्रभावित परिवार ऐसे हैं, जिन्हें अब तक 15 हजार की एकमुश्त सहायता प्राप्त नहीं हुई है।
संगठन ने कहा कि प्रशासन को ऐसे सभी मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि पात्र होने के बावजूद किन कारणों से परिवार राहत राशि से वंचित रह गए हैं।
इसके साथ ही आवश्यक दस्तावेजी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई।
जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के दौरान सदौ असम अनुसूचित जाति छात्र संघ की ओर से जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से लंबित एकमुश्त राहत सहायता से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की मांग रखी गई।
संगठन ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना कर चुके परिवार पहले से आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में घोषित सहायता राशि मिलने में देरी उनकी परेशानी को और बढ़ा रही है।
छात्र संघ ने प्रशासन से वंचित परिवारों की पहचान और उनसे संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने का आग्रह किया, ताकि निर्धारित आर्थिक सहायता उन तक पहुंच सके।

प्रशासन को पांच दिन की समयसीमा
संगठन ने अपनी मांगों पर सकारात्मक और ठोस कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को पांच दिनों की समयसीमा दी है।
छात्र संघ ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि के भीतर मामले में प्रभावी पहल नहीं की गई तो संगठन बाढ़ प्रभावित परिवारों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनात्मक कार्यक्रम और तेज करने के लिए बाध्य होगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता उन्हें दिलाना और राहत वितरण से संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित कराना है।
संगठन के केंद्रीय और जिला पदाधिकारी रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में संगठन के केंद्रीय महासचिव मृदुल दास, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सत्यनारायण दास, जिला समिति अध्यक्ष कुणाल प्रतिम मुक्तियार, सचिव दीपांकर दास, उपाध्यक्ष प्रदीप हजारिका और रॉबिन दास तथा सहायक सचिव विकास बर्मन सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा शिवसागर नगर समिति की उपाध्यक्ष अर्णा दास, सचिव दीपशिखा दास और सांस्कृतिक सचिव दीपिका हजारिका ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
सैकड़ों लोगों ने राहत राशि की मांग का किया समर्थन
धरने में सैकड़ों छात्र-छात्राओं और बाढ़ प्रभावित लोगों ने हिस्सा लेकर लंबित राहत राशि शीघ्र जारी करने की मांग का समर्थन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से शिवसागर और चराईदेव के सहायता से वंचित परिवारों के मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग दोहराई। संगठन ने कहा कि जब तक सभी पात्र प्रभावित परिवारों तक निर्धारित आर्थिक सहायता नहीं पहुंचती, वह इस मुद्दे को उठाता रहेगा।




