तेजपुर में शिवसागर के 28 वर्षीय युवक अमृतपाल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत—परिवार ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग : किराए के कमरे में सीलिंग फैन से लटका मिला शव—पिता हिम्मत सिंह ने शिवसागर थाने में दी एफआईआर : परिजनों ने मानसिक दबाव, धमकी, उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग की आशंका जताई—कहा, सभी पहलुओं की जांच कर सामने लाया जाए सच
व्यक्तिगत संबंधों और हालिया संपर्कों की भी जांच की मांग—परिवार ने स्पष्ट किया, किसी पर निर्णायक आरोप नहीं, जिम्मेदारी साक्ष्यों के आधार पर हो तय : CCTV, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, सोशल मीडिया संवाद, फॉरेंसिक और मेडिकल साक्ष्यों की जांच का अनुरोध

शिवसागर, 22 सितंबर : शिवसागर निवासी 28 वर्षीय अमृतपाल सिंह की तेजपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर उनके परिवार ने कई सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष, विस्तृत और साक्ष्य-आधारित जांच की मांग की है। परिवार के अनुसार, 20 सितंबर को अमृतपाल का शव तेजपुर स्थित उनके किराए के कमरे में सीलिंग फैन से लटका हुआ मिलने की सूचना मिली थी।

घटना के बाद अमृतपाल के पिता हिम्मत सिंह ने शिवसागर पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर मौत से जुड़ी परिस्थितियों की व्यापक जांच करने और जांच में किसी की कानूनी जिम्मेदारी सामने आने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
परिवार ने स्पष्ट किया है कि वह इस स्तर पर किसी व्यक्ति को अमृतपाल की मौत के लिए निर्णायक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा है। परिजनों का कहना है कि जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हो और निष्कर्ष केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निकाला जाए।
एक वर्ष से तेजपुर में रहकर चला रहे थे क्लाउड किचन
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अमृतपाल सिंह शिवसागर शहर के वार्ड नंबर 11 में पूर्व रूपाली सिनेमा हॉल के पीछे रहने वाले हिम्मत सिंह के पुत्र थे। उनकी मां का नाम हरप्रीत कौर है।
अमृतपाल पिछले करीब एक वर्ष से तेजपुर में रहकर काम कर रहे थे। वह तेजपुर के मिशन चाराली के केटेकीबाड़ी क्षेत्र में राज बहादुर पथ पर ‘The Pind’ नाम से एक क्लाउड किचन स्वतंत्र रूप से चला रहे थे, जहां उत्तर भारतीय व्यंजन उपलब्ध कराए जाते थे।

20 सितंबर की शाम परिवार को मिली मौत की सूचना
परिवार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि 20 सितंबर 2026 को शाम करीब पांच बजे उन्हें सूचना मिली कि अमृतपाल अपने किराए के कमरे में सीलिंग फैन से लटके हुए पाए गए हैं।
सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य और शिवसागर से कुछ अन्य लोग तेजपुर पहुंचे। वहां संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
परिवार के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद अमृतपाल का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए शिवसागर लाया गया और परिजन 21 सितंबर को शाम करीब पांच बजे शिवसागर पहुंचे। इसके बाद सिख रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की तैयारी की गई।
मौत से पहले की परिस्थितियों पर परिवार ने जताया संदेह
मामले को प्रथम दृष्टया आत्महत्या के रूप में देखे जाने की बात सामने आने के बावजूद परिवार ने अमृतपाल की मौत से पहले और उसके आसपास की परिस्थितियों को लेकर गंभीर संदेह व्यक्त किया है।
परिजनों का कहना है कि मित्रों, रिश्तेदारों और अमृतपाल की हालिया परिस्थितियों से परिचित लोगों से मिली जानकारियों के आधार पर उन्हें आशंका है कि वह मानसिक दबाव, धमकी, उत्पीड़न, दबाव बनाने अथवा ब्लैकमेलिंग जैसी किसी परिस्थिति का सामना कर रहे हो सकते थे।
हालांकि परिवार की ओर से व्यक्त ये आशंकाएं फिलहाल आरोप और जांच की मांग का हिस्सा हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की मांग
परिवार की ओर से सामने आए कुछ बयानों में अमृतपाल के व्यक्तिगत संबंधों से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया है।
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में एक महिला के साथ अमृतपाल के व्यक्तिगत संबंध का उल्लेख करते हुए परिवार ने पुलिस से उस संबंध तथा अमृतपाल के अन्य संबंधित व्यक्तियों के साथ हालिया संपर्क और संवाद की जांच करने का अनुरोध किया है।
साथ ही परिवार ने स्पष्ट किया है कि इस स्तर पर वह संबंधित महिला या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई निर्णायक आरोप नहीं लगा रहा है। परिजनों का कहना है कि किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी, यदि कोई हो, तो निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित की जानी चाहिए।
आत्महत्या, उकसावे या अन्य आपराधिक पहलू—हर संभावना की जांच की मांग
परिवार का कहना है कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल यह निर्णायक रूप से कहना संभव नहीं है कि अमृतपाल की मौत आत्महत्या थी, आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी थी या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक परिस्थिति थी।
इसी वजह से परिजनों ने पुलिस से किसी पूर्व निष्कर्ष पर पहुंचे बिना सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने की मांग की है।
परिवार चाहता है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि अमृतपाल अपनी मौत से पहले किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे, उनका किन लोगों से संपर्क था और क्या किसी प्रकार का दबाव, धमकी या उत्पीड़न उनकी मौत से संबंधित था।
CCTV से सोशल मीडिया संवाद तक की जांच का अनुरोध
अमृतपाल के पिता हिम्मत सिंह ने 21 सितंबर को शिवसागर पुलिस थाने के प्रभारी को दी शिकायत में उपयुक्त मामला दर्ज कर जांच शुरू करने का अनुरोध किया है।
परिवार ने पुलिस से फॉरेंसिक एवं मेडिकल साक्ष्यों, उपलब्ध CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, मोबाइल अथवा डिजिटल संचार, सोशल मीडिया संवाद और अन्य प्रासंगिक सामग्री की जांच करने की मांग की है।
परिजनों का मानना है कि इन साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण और अमृतपाल के हालिया संपर्कों की जांच से मौत से पहले की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
‘किसी निर्दोष को फंसाना नहीं, वास्तविक सच सामने आना चाहिए’
परिवार का कहना है कि उसकी मांग का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को मामले में फंसाना नहीं है। परिजन केवल यह जानना चाहते हैं कि अमृतपाल की मौत किन वास्तविक परिस्थितियों में हुई और क्या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या परिस्थिति की कोई कानूनी भूमिका थी।
परिवार ने पुलिस से जांच को पूरी तरह साक्ष्य-आधारित रखने की अपील करते हुए कहा है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।
जांच से ही स्पष्ट होंगी मौत की वास्तविक परिस्थितियां
28 वर्षीय अमृतपाल सिंह की अचानक मौत से परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक का माहौल है। वहीं परिवार की शिकायत के बाद अब पुलिस जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 20 सितंबर को तेजपुर स्थित किराए के कमरे में वास्तव में क्या परिस्थितियां बनी थीं।
पोस्टमार्टम एवं अन्य मेडिकल-फॉरेंसिक साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और संबंधित व्यक्तियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि अमृतपाल की मौत से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाए और कोई भी निष्कर्ष ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाए।




