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‘हनुमान अंश’ के विशेष शो में उमड़ा पारीक समाज, भक्ति-संस्कार और सामाजिक एकता का बना यादगार संगम : जोरहाट में पारीक सभा की अनूठी पहल—सिंदूरी तिलक के साथ दर्शकों का स्वागत, हनुमानजी के लिए विशेष रूप से आरक्षित रही सीट नंबर 9 : माजुली, दीमापुर, गुवाहाटी और मरियानी से पहुंचे करीब 125 श्रद्धालु :वरिष्ठजनों का सम्मान, मातृशक्ति और परिवारों की उत्साहपूर्ण सहभागिता

सनातन संस्कृति और धर्म को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का सार्थक प्रयास

जोरहाट, 13 सितंबर : भक्ति, संस्कार, पारिवारिक आत्मीयता और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब पारीक सभा, जोरहाट की ओर से आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स, जोरहाट में धार्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ का विशेष शो आयोजित किया गया। शनिवार रात 9:15 बजे से 12:30 बजे तक चले इस विशेष आयोजन में जोरहाट ही नहीं, बल्कि माजुली, दीमापुर, गुवाहाटी और मरियानी सहित विभिन्न स्थानों से पारीक समाज के परिवारों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

पारीक सभा, जोरहाट द्वारा पहली बार इस तरह आयोजित विशेष फिल्म प्रदर्शन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति एवं धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना, नई पीढ़ी को धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना और समाज के परिवारों के बीच एकता एवं आत्मीयता को मजबूत करना था। समाज की अभूतपूर्व सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया।

सिंदूरी तिलक से स्वागत, हनुमानजी के लिए आरक्षित रही सीट नंबर 9

आयोजन की शुरुआत से ही पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण दिखाई दिया। सिनेमा हॉल में प्रवेश करने वाले सभी दर्शकों का सिंदूरी तिलक लगाकर स्वागत किया गया। विशेष आकर्षण यह रहा कि सिनेमा हॉल की सीट नंबर 9 अंजनीसुत श्री हनुमानजी के लिए विशेष रूप से आरक्षित रखी गई थी। इस भावपूर्ण पहल ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से प्रभावित किया।

फिल्म के दौरान हनुमानजी की भक्ति, शक्ति, समर्पण और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा से जुड़े प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस अवसर का आनंद लिया।

वरिष्ठजनों का दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन

कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों और विशिष्ट समाजबंधुओं का सम्मान भी किया गया। पूर्व अध्यक्ष एवं सलाहकार सत्यनारायण पुरोहित, पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल तिवाड़ी, पूर्व अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र पारीक, पवन तिवाड़ी (पप्पू जी), पारीक महिला मंडल की अध्यक्ष प्रेमलता जोशी, बजरंगलाल जोशी, रामेश्वर जोशी और मोतीलाल पारीक का दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया गया।

आयोजकों ने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों का अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए अमूल्य है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जहां धार्मिक आस्था को मजबूती मिलती है, वहीं विभिन्न पीढ़ियों को एक मंच पर आने और एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।

माजुली, दीमापुर, गुवाहाटी और मरियानी से पहुंचे करीब 125 श्रद्धालु

आयोजन की विशेष उपलब्धि यह रही कि माजुली, दीमापुर, गुवाहाटी और मरियानी से करीब 125 श्रद्धालु विशेष रूप से ‘हनुमान अंश’ देखने जोरहाट पहुंचे। दूर-दराज के क्षेत्रों से परिवार और समाज के प्रति अपनत्व तथा हनुमानजी के प्रति श्रद्धा लेकर पहुंचे इन भक्तों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक मिलन का स्वरूप दे दिया।

आयोजकों के अनुसार, यह क्षण पूरे पारीक समाज के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावुक करने वाला था। इतनी बड़ी संख्या में बाहर से आए समाजबंधुओं की भागीदारी ने साबित किया कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को भौगोलिक दूरियों से ऊपर उठकर एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखते हैं।

केवल फिल्म प्रदर्शन नहीं, समाज के पारिवारिक मिलन का अवसर

पारीक सभा ने कहा कि यह आयोजन केवल एक फिल्म का विशेष शो नहीं था। इसका उद्देश्य परिवारों को एक साथ जोड़ना, धार्मिक भावनाओं को साझा करना और समाज के भीतर आपसी स्नेह, सहयोग एवं भाईचारे की भावना को और मजबूत करना था।

कार्यकर्ताओं ने अपना समय और श्रम दिया, समाजबंधुओं ने सहयोग किया तथा परिवारों, मातृशक्ति, वरिष्ठजनों, युवाओं और बच्चों ने पूरे उत्साह से सहभागिता निभाई। इसी सामूहिक भावना ने आयोजन को सफल और यादगार बनाया।

सभा ने इस सफलता को किसी एक व्यक्ति अथवा संस्था की उपलब्धि न बताते हुए पूरे पारीक समाज की सामूहिक सफलता बताया।

सीटें पूरी भरने से हुई असुविधा पर पारीक सभा ने जताया खेद

कार्यक्रम में अपेक्षा से अधिक सहभागिता के कारण सिनेमा हॉल की सभी सीटें पूरी तरह भर गईं। कुछ समाजबंधु बाहर से विशेष रूप से पहुंचे, लेकिन विलंब से आने के कारण उन्हें निर्धारित स्थान नहीं मिल पाया। इसके चलते कुछ वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, कार्यकर्ताओं और बच्चों को आगे-पीछे बैठकर फिल्म देखनी पड़ी।

पारीक सभा, जोरहाट ने इससे हुई किसी भी प्रकार की असुविधा के लिए हृदयपूर्वक क्षमा मांगते हुए खेद व्यक्त किया। सभा ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठजनों का सम्मान, मातृशक्ति का सम्मान और प्रत्येक समाजबंधु की सुविधा सर्वोपरि है।

आयोजकों ने कहा कि यदि टीम को समय रहते किसी व्यक्ति की आवश्यकता अथवा असुविधा की जानकारी मिल जाती, तो कार्यकर्ता अपनी सीट छोड़कर भी मातृशक्ति, वरिष्ठजनों और बाहर से पहुंचे समाजबंधुओं के लिए स्थान उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करते। सभा ने इस अनुभव को शिकायत के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के आयोजनों में और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण सीख के रूप में लिया है।

विशेष सहयोग के लिए समाजबंधुओं और महिला मंडल का आभार

आयोजन को सफल बनाने में मिले सहयोग और मार्गदर्शन के लिए पारीक सभा ने समाज के सभी सदस्यों के प्रति आभार जताया। विशेष रूप से गौरीशंकर तिवाड़ी, बाबूलाल तिवाड़ी, राजेंद्र पारीक और पवन तिवाड़ी (पप्पू जी) के मार्गदर्शन, सहयोग और आत्मीयता के लिए कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इसके साथ ही पारीक महिला मंडल की सहभागिता, सहयोग और समर्पण की भी विशेष सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि समाज के प्रत्येक सदस्य का सहयोग केवल कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान नहीं, बल्कि समाज के प्रति निष्ठा, अपनत्व और सामूहिक जिम्मेदारी का परिचायक है।

गुवाहाटी में भी ‘हनुमान अंश’ को लेकर भक्तिमय आयोजन

इसी क्रम में पारीक समाज गुवाहाटी, पारीक महिला परिषद एवं पारीक युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में भी मंगलवार को हाल ही में रिलीज हुई ‘हनुमान अंश’ फिल्म का समाज के परिवारों के लिए विशेष शो आयोजित किया गया।

गुवाहाटी के आयोजन में भी बड़ी संख्या में परिवारजन, मातृशक्ति, युवा और बच्चे शामिल हुए। फिल्म शुरू होने से पहले उपस्थित समाजबंधुओं ने सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। हनुमानजी के जयकारों और चालीसा के पावन स्वर से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

फिल्म में हनुमानजी की भक्ति, शक्ति, समर्पण और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा से जुड़े प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर किया। आयोजन भक्ति और मनोरंजन तक सीमित न रहकर सामाजिक मेल-मिलाप तथा पारिवारिक आत्मीयता का भी माध्यम बना।

‘नई पीढ़ी को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन’

दर्शकों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ‘हनुमान अंश’ के विशेष प्रदर्शन ने पारीक समाज की एकता, प्रेम और भक्ति को खूबसूरती से एक मंच पर प्रस्तुत किया। ऐसे अवसर समाज के आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं।

एक अन्य दर्शक ने इसे भक्ति, संस्कार, मनोरंजन और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ समाज में प्रेम, सहयोग, एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर पारीक सभा, जोरहाट और पारीक महिला मंडल के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा आयोजन से जुड़े सभी समाजबंधुओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया गया।

‘आपका विश्वास हमारी जिम्मेदारी, समाज की एकता हमारा सबसे बड़ा संबल’

पारीक सभा ने अपने संदेश में कहा—“आपका विश्वास हमारी जिम्मेदारी, आपका स्नेह हमारी शक्ति और समाज की एकता हमारा सबसे बड़ा संबल है।”

आयोजकों ने समाजबंधुओं से आह्वान किया कि भविष्य में भी इसी प्रेम, विश्वास, भाईचारे और एकजुटता के साथ समाजहित के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में सहभागी बनते रहें।

आयोजन को सफल बनाने वाले प्रत्येक समाजबंधु, मातृशक्ति, वरिष्ठजन, युवा साथी, बच्चे, कार्यकर्ता और सहयोगकर्ता के प्रति पारीक सभा, जोरहाट ने हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का स्नेह और विश्वास भविष्य में और बेहतर कार्य करने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

राजेंद्र पारीक रहे कार्यक्रम संयोजक

इस विशेष आयोजन में पारीक सभा, जोरहाट के अध्यक्ष गौरीशंकर तिवाड़ी, सचिव उमेश पारीक एवं कोषाध्यक्ष सांवरमल व्यास, पारीक महिला मंडल की अध्यक्ष प्रेमलता जोशी एवं सचिव सीमा पारीक की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम के संयोजक राजेंद्र पारीक थे।

आयोजकों ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ के विशेष शो में जिस प्रकार पूरा समाज एक साथ आया और अभूतपूर्व एकजुटता एवं आत्मीयता का परिचय दिया, वह अत्यंत प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है।

“जब समाज एक विचार और एक सूत्र में बंधता है, तो हर प्रयास सफल हो जाता है।”

पारीक सभा ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी समाज के प्रत्येक कार्य और आयोजन में यही एकता, स्नेह और जुड़ाव बना रहेगा तथा सभी मिलकर समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कार्य करेंगे। ‘हनुमान अंश’ के विशेष प्रदर्शन के माध्यम से सनातन संस्कृति और धर्म को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास सामाजिक एकता, पारिवारिक जुड़ाव और सांस्कृतिक संस्कारों का यादगार उत्सव बन गया।

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