गड़मुर हिंदू श्मशान समिति की वार्षिक आमसभा संपन्न, मदनगोपाल बिहानी फिर बने संयोजक : सर्वसम्मति से बिहानी के नेतृत्व पर मुहर, वार्षिक आय-व्यय का लेखा-जोखा सभा में पारित : एक वर्ष में 413 शवों की अंत्येष्टि और 272 बच्चों को भूमि समाधि, सभा में प्रस्तुत किया गया वार्षिक विवरण
श्मशान के रखरखाव और नियमित खर्च के लिए 125 सहयोगी सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू, सीमित सदस्यता सूची जल्द होगी पूरी

जोरहाट, 8 सितंबर : जोरहाट के गड़मुर हिंदू श्मशान समिति की वार्षिक आमसभा रविवार को श्री मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी स्थित अग्रसेन मिलन मंदिर में संपन्न हुई। समिति के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बीते एक वर्ष के कार्यों, श्मशान की वर्तमान स्थिति, आय-व्यय, संचालन एवं रखरखाव से जुड़े विषयों पर चर्चा के साथ आगामी एक वर्ष के कार्यकाल के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं। सभा में समाज के सहयोग से गड़मुर हिंदू श्मशान की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अध्यक्ष आनंद अग्रवाल के साथ समिति के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश धूत, संयोजक मदनगोपाल बिहानी और समाजसेवी दुलीचंद अग्रवाल मंचासीन रहे। समिति से जुड़े सदस्यों एवं समाज के लोगों की उपस्थिति में आयोजित आमसभा में श्मशान की सेवा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को क्रमवार रखा गया।

अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने रखी श्मशान की वर्तमान स्थिति
आमसभा की शुरुआत अध्यक्ष आनंद अग्रवाल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित सदस्यों का अभिनंदन करते हुए गड़मुर हिंदू श्मशान की वर्तमान दशा-दिशा से सभा को अवगत कराया। अपने संबोधन में उन्होंने श्मशान की व्यवस्थाओं को निरंतर बनाए रखने की जिम्मेदारी तथा इस कार्य में सामाजिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया।
सभा में इस बात पर जोर दिया गया कि श्मशान केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि समाज की एक अत्यंत आवश्यक सेवा व्यवस्था है। इसके संचालन में साफ-सफाई, रखरखाव और अन्य नियमित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर संसाधनों और सामूहिक सहयोग की जरूरत रहती है। इसी कारण समिति द्वारा सामाजिक सहभागिता को अपनी व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है।

मदनगोपाल बिहानी ने प्रस्तुत किया वार्षिक आय-व्यय
समिति के संयोजक मदनगोपाल बिहानी ने गत वर्ष के दौरान हुए आय-व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा सभा के समक्ष प्रस्तुत किया। वित्तीय विवरण पर उपस्थित सदस्यों के बीच चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। वार्षिक आमसभा में आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करने के साथ समिति के नियमित संचालन से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
समिति की ओर से वित्तीय व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोग श्मशान की आवश्यकताओं के अनुरूप करने पर बल दिया गया। सभा में यह भावना सामने आई कि समाज के सहयोग से संचालित होने वाली ऐसी संस्थाओं के लिए सदस्यों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
एक साल में 413 अंत्येष्टि, 272 बच्चों को भूमि समाधि
वार्षिक गतिविधियों का विवरण देते हुए मदनगोपाल बिहानी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में गड़मुर हिंदू श्मशान में कुल 413 शवों की अंत्येष्टि की गई। इसके अलावा इसी अवधि में 272 बच्चों को श्मशान परिसर में भूमि समाधि दी गई।
ये आंकड़े आमसभा के समक्ष वार्षिक विवरण के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किए गए। बड़ी संख्या में होने वाले अंतिम संस्कार और भूमि समाधि को देखते हुए श्मशान की नियमित व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना समिति के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिवारों को आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ परिसर की देखरेख भी समिति की नियमित गतिविधियों का हिस्सा है।

नए कार्यकाल के लिए फिर मदनगोपाल बिहानी के नाम पर सहमति
बैठक के प्रमुख एजेंडे में अगले एक वर्ष के कार्यकाल के लिए समिति के संयोजक का चयन भी शामिल था। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए सभा में मदनगोपाल बिहानी के नाम पर सर्वसम्मति बनी और उन्हें पुनः संयोजक चुना गया।
बिहानी लंबे समय से श्मशान की व्यवस्थाओं और समिति के कार्यों से जुड़े हुए हैं। वार्षिक आमसभा में उपस्थित सदस्यों द्वारा उनके नाम पर सहमति जताए जाने के बाद अब वे नए कार्यकाल में भी संयोजक के रूप में श्मशान से संबंधित गतिविधियों और व्यवस्थाओं का दायित्व संभालेंगे।
रखरखाव और नियमित खर्च के लिए सहयोगी सदस्य योजना
वार्षिक आमसभा के साथ समिति ने नए सहयोगी सदस्यों को जोड़ने का कार्य भी शुरू कर दिया है। श्मशान के रखरखाव तथा नियमित रूप से होने वाले खर्चों की पूर्ति में सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समिति द्वारा हर वर्ष कुल 125 सहयोगी सदस्य बनाए जाते हैं।
इस सदस्यता व्यवस्था के माध्यम से समाज के लोग श्मशान की सेवा गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से अपना योगदान दे सकते हैं। प्राप्त सहयोग का उद्देश्य श्मशान की नियमित आवश्यकताओं और रखरखाव की व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
समिति के अनुसार सहयोगी सदस्यों की संख्या पहले से निर्धारित और सीमित है। मौजूदा वर्ष के लिए सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद लोगों की ओर से इसमें रुचि दिखाई जा रही है और 125 सदस्यों की निर्धारित सूची जल्द पूरी होने की ओर अग्रसर है।

इच्छुक लोगों से शीघ्र नाम दर्ज कराने का आग्रह
समिति ने गड़मुर हिंदू श्मशान की सेवा व्यवस्था में सहयोग करने के इच्छुक समाज के लोगों से सहयोगी सदस्य बनने की अपील की है। सदस्यता संख्या सीमित होने के कारण इच्छुक लोगों से समय रहते अपना नाम दर्ज कराने को कहा गया है। इसके लिए वे समिति के संयोजक मदनगोपाल बिहानी से संपर्क कर सकते हैं।
गड़मुर हिंदू श्मशान लंबे समय से जोरहाट और आसपास के हिंदू समाज के लिए अंतिम संस्कार से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवा प्रदान करता आ रहा है। बड़ी संख्या में परिवार आवश्यकता के समय इस व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में परिसर की सुविधाओं, नियमित देखरेख और संचालन के लिए सामाजिक सहयोग को समिति ने विशेष महत्व दिया है।
वार्षिक आमसभा के माध्यम से जहां पिछले एक वर्ष की गतिविधियों और वित्तीय स्थिति का लेखा-जोखा सदस्यों के सामने रखा गया, वहीं नए कार्यकाल के लिए नेतृत्व तय होने और सहयोगी सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ आगामी वर्ष के लिए समिति की गतिविधियों को भी दिशा मिली है।




