डिमौ में दसवीं की छात्रा से कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला, दो युवक गिरफ्तार : मई में किशोरी को कथित तौर पर अगवा कर i-20 कार में ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप, वारदात में इस्तेमाल कार जब्त : करीब 15 सप्ताह की गर्भवती बताई जा रही पीड़िता : कथित धमकी के कारण महीनों तक घटना छिपाए रखने का दावा : शारीरिक बदलाव देख परिजनों को हुआ संदेह, पिता की शिकायत पर डिमौ पुलिस ने दर्ज किया मामला : भार्गव गोगोई और विश्वजीत गोगोई गिरफ्तार

शिवसागर, 4 सितंबर : शिवसागर जिले के डिमौ इलाके में दसवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के कथित अपहरण और दुष्कर्म का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता वर्तमान में करीब 15 सप्ताह की गर्भवती बताई जा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर डिमौ पुलिस ने मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कथित वारदात में इस्तेमाल की गई एक हुंडई i-20 कार भी जब्त की है।

मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता के नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है। ऐसी किसी भी जानकारी का उल्लेख नहीं किया जा रहा है जिससे पीड़िता या उसके परिवार की पहचान प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से उजागर हो सके।
मई में हुई थी कथित घटना
शिकायत में लगाए गए आरोपों के अनुसार घटना इसी वर्ष मई महीने की है। आरोप है कि किशोरी को कथित तौर पर एक हुंडई i-20 कार में ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भार्गव गोगोई (24) और विश्वजीत गोगोई (19) के रूप में हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भार्गव गोगोई ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, जबकि विश्वजीत गोगोई पर कथित घटना में सहयोग करने का आरोप है।
स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार भार्गव गोगोई को थावरा दौल गांव का निवासी बताया गया है। हालांकि दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता पुलिस जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निर्धारित होगी।
कथित धमकी के कारण महीनों तक चुप रही किशोरी
मामले का एक बेहद चिंताजनक पहलू यह है कि कथित घटना मई में होने के बावजूद इसकी जानकारी कई महीनों बाद परिवार के सामने आई। शिकायत के मुताबिक घटना के बाद आरोपियों की ओर से कथित तौर पर डराने-धमकाने के कारण किशोरी ने अपने साथ हुई घटना के बारे में परिजनों को नहीं बताया।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में किशोरी के शरीर में बदलाव देखकर माता-पिता को संदेह हुआ। परिवार द्वारा पूछताछ किए जाने पर किशोरी ने कथित तौर पर मई में हुई घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने मामले को पुलिस के संज्ञान में लाने का निर्णय लिया।
करीब 15 सप्ताह की गर्भवती बताई गई पीड़िता
प्राप्त जानकारी के मुताबिक किशोरी वर्तमान में करीब 15 सप्ताह की गर्भवती बताई जा रही है। यह तथ्य सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पीड़िता के स्वास्थ्य, चिकित्सकीय परीक्षण तथा उससे जुड़े अन्य पहलू भी जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पीड़िता की सुरक्षा, निजता और बाल संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों का पालन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

पिता की शिकायत पर डिमौ थाने में मामला दर्ज
पीड़िता के पिता की ओर से डिमौ पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस संबंध में डिमौ थाना केस संख्या 86/2026 दर्ज किया गया है।
पुलिस ने गुरुवार सुबह कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों—भार्गव गोगोई और विश्वजीत गोगोई—को गिरफ्तार कर लिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है तथा उन्हें निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाना है।

AS01-DA-5263 नंबर की i-20 कार जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने कथित घटना में इस्तेमाल की गई AS01-DA-5263 नंबर की हुंडई i-20 कार को भी जब्त किया है। वाहन की भूमिका, किशोरी को कथित तौर पर कहां से और किन परिस्थितियों में ले जाया गया तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
मामले में पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय परीक्षण, वैज्ञानिक एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्य, वाहन से संबंधित तथ्यों और दोनों आरोपियों की कथित भूमिका की पड़ताल आगे की जांच में महत्वपूर्ण होगी।
पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना सर्वोपरि
चूंकि मामला एक नाबालिग से संबंधित है, इसलिए पीड़िता का नाम, तस्वीर, विद्यालय, परिवार का विस्तृत परिचय, सटीक पता या ऐसी कोई भी जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर होने की आशंका हो।
पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविकता पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। फिलहाल दोनों युवकों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं।




