शिवसागर में भक्ति और आस्था का संगम, श्रीश्री सूर्य मंदिर में अखंड हरिकीर्तन के धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ : श्रीश्री सूर्य मंदिर अखंड हरिकीर्तन समिति के तत्वावधान में निकली भव्य कलश यात्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने की सहभागिता : शुक्रवार से 24 घंटे गूंजेगा ‘हरे राम-हरे कृष्ण’ महामंत्र : 5 सितंबर को हवन-पूर्णाहुति के बाद होगा प्रसाद वितरण
शिव मंदिर से मंगल कलश लेकर दिखौ घाट पहुंचे श्रद्धालु, पवित्र जल ग्रहण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना

शिवसागर, 3 सितंबर : धर्मनगरी शिवसागर में गुरुवार को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास के बीच श्रीश्री सूर्य मंदिर अखंड हरिकीर्तन समिति, शिवसागर के तत्वावधान में अखंड हरिकीर्तन से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई भव्य मंगल कलश यात्रा से हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर अपनी धार्मिक आस्था प्रकट की और सुख-समृद्धि की कामना की।

शिव मंदिर से दिखौ घाट तक निकली कलश यात्रा
कार्यक्रम के तहत गुरुवार सुबह करीब 9 बजे शिव मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ हुई। श्रद्धालु धर्मध्वजा और मंगल कलश लेकर धार्मिक जयघोष और भगवान के स्मरण के साथ दिखौ घाट पहुंचे। वहां पवित्र जल ग्रहण करने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सामूहिक भक्ति और आस्था से सराबोर वातावरण में श्रद्धालुओं ने आयोजन की सफलता के साथ समाज में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
सूर्य मंदिर परिसर में 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन
आयोजन समिति की ओर से पूर्व वर्षों की धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी दिखौ ब्रिज के समीप स्थित श्री सूर्य मंदिर परिसर में 24 घंटे के अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया है।
अखंड हरिकीर्तन के दौरान ‘हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे’ के षोडश नाम महामंत्र के निरंतर कीर्तन से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय रहेगा। आयोजन समिति ने विभिन्न कीर्तन मंडलियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों से कार्यक्रम में सहभागिता कर धार्मिक आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।

4 सितंबर से पूजा-अर्चना, दोपहर 1 बजे शुरू होगा अखंड हरिकीर्तन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 सितंबर को सुबह 11 बजे से पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 24 घंटे के अखंड हरिकीर्तन का शुभारंभ होगा। श्रद्धालु लगातार महामंत्र संकीर्तन के माध्यम से आराधना करेंगे।
अगले दिन 5 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक अंतिम दिन की पूजा-अर्चना आयोजित की जाएगी।
5 सितंबर को हवन-पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण
धार्मिक अनुष्ठानों के अंतिम चरण में 5 सितंबर को दोपहर 1 बजे से 3:30 बजे तक हवन एवं पूर्णाहुति का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद शाम 4 बजे से 6 बजे तक प्रसाद वितरण किया जाएगा।
समिति ने श्रद्धालुओं से अखंड हरिकीर्तन के साथ हवन-पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण कार्यक्रम में भी शामिल होकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है।

आयोजन को सफल बनाने में समिति और सहयोगियों की सक्रिय भूमिका
अखंड हरिकीर्तन के आयोजन को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष ऋतुराज साहू और सचिव श्रीकृष्णा उपाध्याय के साथ पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही है।
कार्यक्रम में अरुण सिंह, अनिल महतो, राधेश्याम श्रीवास्तव, पिंटू पाठक, दीपक शर्मा, दीपक शाह, रंजीत राय, सुभाष सिंह, अमिरचन सिंह, रामजी उपाध्याय, उमेश पटेल, राजू महतो, मुकेश कुमार और मुकेश महतो सहित अन्य सहयोगी आयोजन को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं।

सामूहिक भक्ति के साथ सामाजिक-आध्यात्मिक एकता का संदेश
कलश यात्रा और पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुए धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता से सूर्य मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
श्रीश्री सूर्य मंदिर अखंड हरिकीर्तन समिति का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक भक्ति, आपसी सद्भाव और सामाजिक-आध्यात्मिक एकता का संदेश भी दे रहा है। समिति ने शहरवासियों एवं श्रद्धालुओं से 24 घंटे के अखंड हरिकीर्तन, हवन-पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।




