चिरांग में एसएसबी की डिजिटल सशक्तिकरण पहल, 25 दिवसीय बुनियादी कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन : 54वीं वाहिनी एसएसबी बिजनी के नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत 45 छात्र-छात्राओं को मिला व्यावहारिक कंप्यूटर प्रशिक्षण : MS Word, Excel, PowerPoint से लेकर इंटरनेट उपयोग तक सिखाए गए जरूरी डिजिटल कौशल, प्रशिक्षणार्थियों को प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र
कार्यवाहक कमांडेंट विक्रम सिंह ने कहा—डिजिटल युग में शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य के लिए कंप्यूटर ज्ञान बेहद जरूरी

बिजनी, 3 सितंबर : सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की दिशा में 54वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बिजनी, असम द्वारा आयोजित 25 दिवसीय बुनियादी कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार, 3 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। नागरिक कल्याण कार्यक्रम–पूर्वोत्तर क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण में आसपास के गांवों के कुल 45 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण कौशल सीखे।

10 अगस्त से 3 सितंबर तक चला प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 54वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट नवीन कुमार के मार्गदर्शन में तथा द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट विक्रम सिंह की उपस्थिति में संचालित किया गया।
सीमा चौकी लक्ष्मीझोरा के कार्यक्षेत्र में आने वाले 607 नंबर डोइलंगझार एलपी स्कूल में 10 अगस्त से 3 सितंबर तक चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में लक्ष्मीझोरा-1, लक्ष्मीझोरा-2, लक्ष्मीझोरा-3 तथा डोइलंगझार-1 और डोइलंगझार-2 गांवों के कुल 45 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
एसएसबी की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों एवं युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से परिचित कराते हुए उनमें डिजिटल कौशल विकसित करना था।

Word, Excel और PowerPoint के साथ इंटरनेट का मिला व्यावहारिक ज्ञान
25 दिनों तक चले प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रखते हुए कंप्यूटर के व्यावहारिक उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया गया। छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर के मूलभूत ज्ञान, कंप्यूटर संचालन, MS Word, MS Excel, MS PowerPoint और इंटरनेट के उपयोग सहित दैनिक जीवन एवं भविष्य की पढ़ाई में काम आने वाले अन्य आवश्यक डिजिटल कौशलों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को बदलते डिजिटल परिवेश के अनुरूप तैयार करने और तकनीक के प्रति उनमें आत्मविश्वास विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यवाहक कमांडेंट विक्रम सिंह रहे समापन समारोह के मुख्य अतिथि
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट विक्रम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ उप कमांडेंट एच. हॉकिप सहित एसएसबी के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
समारोह में संस्कार वेलफेयर अकादमी के कंप्यूटर प्रशिक्षक जय प्रकाश सोनार, संस्था के सचिव सुदीप सरकार, अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) से देवाशीष बर्मन, पानबाड़ी फॉरेस्ट बीट के उपनिरीक्षक, लक्ष्मीझोरा-3 के गांव बूढ़ा नारायण बर्मन, लक्ष्मीझोरा-2 के गांव बूढ़ा सुशील बर्मन, 607 नंबर डोइलंगझार एलपी स्कूल के हेडमास्टर मुकुल चंद्र रॉय, शिक्षक संजय चक्रवर्ती तथा स्कूल प्रेसिडेंट संजीव मंडल सहित स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और प्रशिक्षणार्थी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

‘भविष्य के रोजगार के लिए कंप्यूटर शिक्षा बेहद महत्वपूर्ण’
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विक्रम सिंह ने वर्तमान डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ भविष्य में शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से 25 दिनों के दौरान प्राप्त ज्ञान को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसका नियमित अभ्यास जारी रखने का आह्वान किया। साथ ही विद्यार्थियों को अपने आगे के अध्ययन, दैनिक जीवन और भावी करियर में इन डिजिटल कौशलों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
45 प्रशिक्षणार्थियों को प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र
समारोह के अंत में प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र मिलने पर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
प्रशिक्षणार्थियों ने एसएसबी की इस पहल की सराहना करते हुए उनके लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर आभार व्यक्त किया।

सीमावर्ती युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की एसएसबी की पहल
एसएसबी द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सीमावर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें डिजिटल कौशल विकसित करना रहा। कंप्यूटर शिक्षा जैसी व्यावहारिक पहल के माध्यम से युवाओं को भविष्य की शिक्षा एवं रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार करने का प्रयास किया गया।
इसके साथ ही इस तरह के नागरिक कल्याण कार्यक्रम एसएसबी और सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय समुदाय के बीच आपसी सहयोग एवं संबंधों को और मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 54वीं वाहिनी एसएसबी बिजनी की यह पहल ग्रामीण छात्र-छात्राओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखी जा रही है।




