शिवसागर नगरपालिका में सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय : दीपू हजारिका बने नए उपाध्यक्ष, संजीव बोरा अविश्वास प्रस्ताव के बाद पद से हटे : नगरपालिका की ‘कुर्सी की जंग’ में नया मोड़ : अध्यक्ष पद के बाद अब उपाध्यक्ष पद पर भी हुआ बदलाव

शिवसागर, 17 जुलाई : शिवसागर नगरपालिका में पिछले एक महीने से जारी राजनीतिक उठापटक के बीच सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया ने एक और महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है। अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद अब उपाध्यक्ष पद पर भी नया नेतृत्व सामने आया है। गुरुवार को आयोजित विशेष बोर्ड बैठक में वार्ड संख्या–3 से असम गण परिषद (अगप) के पार्षद दीपू हजारिका को शिवसागर नगरपालिका का नया उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया। इसके बाद शुक्रवार अपराह्न 4 बजे शहर के केपीएम हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में उन्होंने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।

अविश्वास प्रस्ताव के बाद संजीव बोरा को पद छोड़ना पड़ा
गुरुवार को आयोजित नगरपालिका बोर्ड की विशेष बैठक में तत्कालीन उपाध्यक्ष संजीव बोरा के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। मतदान में 8 पार्षदों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करते हुए उन्हें पद से हटाने का समर्थन किया। इसके साथ ही शिवसागर नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद पर औपचारिक रूप से सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया।
मतदान के दौरान तीन पार्षद रहे अनुपस्थित
बैठक के दौरान तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष मृणाली कुंवर, वार्ड संख्या–13 की पार्षद फौजिया नाजनीन खान तथा वार्ड संख्या–2 से रायजोर दल के पार्षद जाफारूल इस्लाम बोरा अनुपस्थित रहे। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रहे तत्कालीन उपाध्यक्ष एवं वार्ड संख्या–9 के पार्षद संजीव बोरा मतदान प्रक्रिया तक बैठक में मौजूद रहे, लेकिन नए उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले ही बैठक छोड़कर चले गए।

केपीएम हॉल में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
शुक्रवार को शिवसागर शहर स्थित केपीएम हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में अतिरिक्त जिला आयुक्त (ADC) गौरीप्रिया देउरी ने नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष दीपू हजारिका को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समारोह में शिवसागर नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी (CEO) देवब्रत शर्मा, नगरपालिका अध्यक्ष स्मृति रेखा दत्त, पूर्व पालिका अध्यक्ष मृदुस्मिता सिंहा, असम गण परिषद के जिलाध्यक्ष घोनो गोगोई, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रांजल कटकी, भाजपा शिवसागर नगर मंडल अध्यक्ष विश्वदीप हजारिका, अधिवक्ता निकुंज गोगोई तथा चिरंजीत बेजबरुआ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अलावा पार्षदों, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शहर के अनेक प्रतिष्ठित नागरिकों ने भी समारोह में भाग लिया।

10 जुलाई से शुरू हुई थी उपाध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया
उपाध्यक्ष पद पर यह बदलाव अचानक नहीं हुआ। 10 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के छह पार्षदों ने तत्कालीन उपाध्यक्ष संजीव बोरा के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर उसे औपचारिक रूप से नगरपालिका अध्यक्ष स्मृति रेखा दत्त, कार्यकारी अधिकारी तथा शिवसागर जिला आयुक्त को सौंपा था। प्रस्ताव में असम नगरपालिका अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के तहत उपाध्यक्ष को पद से हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की गई थी।

इन पार्षदों ने किया था अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन
अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले पार्षदों में वार्ड 14 की जूली पाटर, वार्ड 12 की ज्योति दत्त, वार्ड 7 की बंटी हजारिका, वार्ड 6 के समीर दत्त, वार्ड 5 के नवल किशोर खंडेलिया और वार्ड 4 की सुरभि सैकिया शामिल थे। इन छह पार्षदों की पहल के बाद नगरपालिका में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा।

अध्यक्ष पद के बाद अब उपाध्यक्ष पद पर भी बदला नेतृत्व
गौरतलब है कि इससे पहले तत्कालीन अध्यक्ष मृणाली कुंवर के विरुद्ध भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। 16 जून से शुरू हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद नगरपालिका बोर्ड में सत्ता परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त हुआ और 7 जुलाई को वार्ड संख्या–8 की पार्षद स्मृति रेखा दत्त ने नई नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला।
अध्यक्ष पद में बदलाव के कुछ ही दिनों बाद उपाध्यक्ष के विरुद्ध भी अविश्वास प्रस्ताव पारित होने से स्पष्ट हो गया कि नगरपालिका के भीतर जारी राजनीतिक संघर्ष ने सत्ता संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है।

2022 के चुनाव से अब तक का राजनीतिक घटनाक्रम
अप्रैल 2022 में गठित शिवसागर नगरपालिका में कुल 14 वार्ड थे। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) ने 2 सीटें हासिल की थीं। इसके अतिरिक्त रायजोर दल के 2 पार्षद भी बोर्ड का हिस्सा बने थे।
बाद में एक महिला पार्षद के निधन के कारण वर्तमान में निर्वाचित पार्षदों की संख्या 13 रह गई है।
नगरपालिका गठन के समय भाजपा और असम गण परिषद ने मिलकर बोर्ड का गठन किया था। उस समय भाजपा की मृणाली कुंवर को अध्यक्ष तथा अगप के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव बोरा को उपाध्यक्ष बनाया गया था।

नगरपालिका की राजनीति में नए समीकरण, विकास पर रहेंगी निगाहें
लगातार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष—दोनों पदों पर हुए सत्ता परिवर्तन ने शिवसागर नगरपालिका की राजनीति को नई दिशा दे दी है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें नए नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह राजनीतिक अस्थिरता को पीछे छोड़कर विकास कार्यों को किस गति से आगे बढ़ाता है। आने वाले दिनों में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या नया नेतृत्व नगरपालिका में स्थिरता कायम कर शहर के लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता दे पाता है या नहीं।




