नाजिरा गौशाला स्थित श्री हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन: चार दिवसीय विराट धर्मायोजन ने भक्तों में जगाई नई आस्था
मंगल कलश यात्रा, विराट भजन संध्या और महाप्रसाद का हुआ आयोजन

शिवसागर / 4 मई :
शिवसागर जिले के नाजिरा में श्री कृष्ण गोवर्धनधारी गौशाला परिसर स्थित 126 साल पुराने धार्मिक आस्था के केंद्र श्री हनुमान मंदिर में वीर बजरंगबली श्री हनुमान जी की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। श्री हनुमान मंदिर सेवा समिति नाजिरा-शिमलगुड़ी द्वारा आयोजित यह चार दिवसीय विराट धर्मायोजन 30 अप्रैल से 3 मई तक चला, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।

महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार 30 अप्रैल को मंगल स्नान, गणपति पूजन, नांदी श्राद्ध तथा वैदिक षोडशोपचार पूजा के साथ हुआ। दूसरे दिन शुक्रवार 1 मई को नाजिरा मिलन मंदिर प्रांगण से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गौशाला परिसर स्थित मंदिर तक पहुंची। इसमें माता-बहनों, युवाओं और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। तीसरे दिन शनिवार 2 मई को विधिपूर्वक अग्नि स्थापना, महास्नान और हवन यज्ञ संपन्न हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन रविवार 3 मई को शुभ मुहूर्त पर दिन के 11:08 बजे विद्वत मंडली के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का मांगलिक कार्य पूरा हुआ। इसके बाद हवन यज्ञ की पूर्णाहुति, आरती और महाप्रसाद वितरण हुआ। शाम 7 बजे से भक्तिरस से सराबोर रंगारंग विराट भजन संध्या का आयोजन हुआ। जिसमें स्थानीय भजन गायकों दीपक लाहोटी के नेतृत्व में युवा कलाकारों शुभम लाहोटी, महेन्द्र गट्टाणी सौरभ जालान ने भजनों की अमृत वर्षा कर देर रात तक श्रोता भक्तों को बांधे रखा।

इस चतुर्दिवसीय पावन अनुष्ठान का आयोजन शिवसागर के प्रसिद्ध विद्वान भागवताचार्य पंडित श्री सांवरमल जी शर्मा के पावन सान्निध्य में शास्त्रोक्त विधि से हुआ। जनप्रतिनिधि स्वरूप कुल सात यजमान जोड़ों क्रमशः नाजिरा से श्री कृष्ण गोवर्धनधारी गौशाला के अध्यक्ष गोपाल हरलालका, सुरेन्द्र लाहोटी, घनश्याम शर्मा, सुरेश अग्रवाल तथा शिमलगुड़ी से पवन मस्करा, संजय अग्रवाल एवं ऋषि हरलालका ने सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना के अनुष्ठान में भाग लिया।

आचार्य पंडित श्री सांवरमल जी शर्मा ने बताया कि मंदिर में मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान भक्तों में आस्था जागृत करता है और मंदिर को शक्तिशाली ऊर्जा प्रदान करने का केंद्र बनाता है। प्राण प्रतिष्ठा हिंदू धर्म में मूर्ति स्थापना का सबसे महत्वपूर्ण और पावन अनुष्ठान है। इसका शाब्दिक अर्थ है – “प्राण” जीवन शक्ति की “प्रतिष्ठा” स्थापना करना। इस विधि के माध्यम से निष्प्राण मूर्ति में देवता की दिव्य ऊर्जा, चेतना और प्राण शक्ति का आह्वान किया जाता है। जिससे मूर्ति सजीव और भक्तों की पूजा-अर्चना ग्रहण करने योग्य बन जाती है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले मूर्ति का गंगाजल, पंचगव्य अभिषेक किया गया। अनुष्ठान के नेत्रोन्मीलन, वास्तु पूजा, भूमि पूजन आदि अनेकों शास्त्र वर्णित आयाम होते हैं। नाजिरा गौशाला श्री हनुमान मंदिर में संपन्न हुए महोत्सव में भी यही विधि पूर्ण वैदिक परंपरा के अनुसार की गई।
हनुमान मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र लाहोटी एवं सचिव संजीव खेतान (मंटू) ने इस आयोजन की सफलता में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए समिति के सह सचिव अमित हरलालका (गोपी), सदस्य भास्कर अग्रवाल सहित सभी यजमान जोड़ों तथा नाजिरा, शिमलगुड़ी और शिवसागर के समस्त श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया है।

विश्व उन्नति का सोपान माने जाने वाले गौवंश के संवर्धन पालन और संरक्षण के महत्वाकांक्षी उद्देश्य से नाजिरा निवासी स्वनामधन्य गौभक्त स्वर्गीय बाबु पूरणमल लाहोटी के प्रयासों से तथा स्थानीय समाज के सहयोग से श्री कृष्ण गोवर्धनधारी गौशाला की स्थापना विक्रम संवत 1977 अर्थात सन 1920 में हुई थी।
गौशाला परिसर में बालाजी महाराज श्रीहनुमान जी की मूर्ति प्रतिष्ठा कर मंदिर भी बनाया गया था। परंतु समय के साथ इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर साल 2016 की 16 अप्रैल को नवनिर्मित विशाल मंदिर का उद्घाटन प्राचीन मूर्ति के विग्रह के साथ ही हुआ था। अब इस मंदिर में नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई है।
ऊपरी असम की अन्यतम प्राचीन गौशालाओं में शुमार नाजिरा की श्री कृष्ण गोवर्धनधारी गौशाला न केवल पशु सेवा का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों का भी प्रमुख स्थल रही है। नाजिरा-शिमलगुड़ी क्षेत्र में मारवाड़ी समुदाय की सक्रियता के कारण यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।
इस महोत्सव के दौरान पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय पदाधिकारियों सहित शिवसागर के मारवाड़ी समाज के पंच तथा वरिष्ठ समाजसेवी सांवरमल अग्रवाल, बाबूलाल केड़िया, श्याम सुंदर अग्रवाल, शिमलगुड़ी के तिलोकचंद हरलालका, ओमप्रकाश हरलालका, दीपक हरलालका सहित अनेकों गणमान्य लोगों ने गौशाला परिसर में पहुंचकर बजरंगबली का आशीर्वाद लिया।

श्री हनुमान मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सभी भक्तों, श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही यह विराट आयोजन सफल हुआ।
यह कार्यक्रम सनातन धर्म की जड़ों को मजबूत करने और स्थानीय समुदाय को एकजुट करने का प्रतीक बन गया है। भक्तों की मान्यता है कि प्राण-प्रतिष्ठित श्री हनुमान जी की कृपा से पूरे क्षेत्र में शांति, समृद्धि और भक्ति का वातावरण बनेगा।




