शिवसागर नगरपालिका में फिर सियासी भूचाल : अध्यक्ष बदलने के बाद अब उपाध्यक्ष संजीव बोरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव : भाजपा-अगप गठबंधन वाली नगरपालिका में गहराया अंदरूनी विवाद, भाजपा के छह पार्षदों ने सहयोगी दल के उपाध्यक्ष को हटाने की उठाई मांग
मृणाली कुंवर को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद फिर तेज हुआ ‘कुर्सी का संघर्ष’ : शहरवासियों की निगाहें अगले फैसले पर टिकीं

शिवसागर, 10 जुलाई : शिवसागर नगरपालिका में पिछले कुछ समय से जारी राजनीतिक उठापटक थमने का नाम नहीं ले रही है। नगरपालिका अध्यक्ष पद पर हुए बड़े बदलाव के बाद अब उपाध्यक्ष पद को लेकर भी सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) के नियंत्रण वाली शिवसागर नगरपालिका में अब अगप से जुड़े उपाध्यक्ष संजीव बोरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है।

लगातार बदलते राजनीतिक घटनाक्रम ने एक बार फिर शिवसागर की स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है। आम नागरिकों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नगरपालिका में जारी यह “कुर्सी का संघर्ष” आखिर किस मोड़ पर जाकर समाप्त होगा।
भाजपा के छह पार्षदों ने सौंपा अविश्वास प्रस्ताव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवसागर नगरपालिका के भाजपा से जुड़े छह वार्ड पार्षदों ने उपाध्यक्ष संजीव बोरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर इसे औपचारिक रूप से नगरपालिका की नवनिर्वाचित अध्यक्ष स्मृति रेखा दत्त, नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी तथा शिवसागर जिला आयुक्त को सौंप दिया है।
पार्षदों ने असम नगरपालिका अधिनियम 1956 के प्रावधानों के तहत उपाध्यक्ष को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
इन छह पार्षदों ने किए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर
उपाध्यक्ष संजीव बोरा के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा के छह पार्षद शामिल हैं। इनमें वार्ड नंबर 14 की पार्षद जूली पाटर, वार्ड नंबर 12 की पार्षद ज्योति दत्त, वार्ड नंबर 4 की पार्षद सुरभि सैकिया, वार्ड नंबर 7 की पार्षद बंटी हजारिका, वार्ड नंबर 6 के पार्षद समीर दत्त और वार्ड नंबर 5 के पार्षद नवल किशोर खंडेलिया के नाम शामिल हैं।
इन पार्षदों के इस कदम को नगरपालिका की अंदरूनी राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि उपाध्यक्ष संजीव बोरा भाजपा की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद से जुड़े हुए हैं।
कुछ दिन पहले ही बदला था अध्यक्ष पद का चेहरा
गौरतलब है कि इससे पहले शिवसागर नगरपालिका की तत्कालीन अध्यक्ष मृणाली कुंवर के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। 16 जून से शुरू हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद नगरपालिका बोर्ड में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
इसके बाद बीते 7 जुलाई को वार्ड नंबर 8 की पार्षद स्मृति रेखा दत्त को शिवसागर नगरपालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अध्यक्ष पद परिवर्तन के कुछ ही दिनों बाद अब उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने से नगरपालिका की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।

14 वार्ड वाली नगरपालिका में भाजपा-अगप गठबंधन का था नियंत्रण
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2022 में गठित शिवसागर नगरपालिका में कुल 14 वार्ड शामिल थे। नगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10 वार्डों में जीत हासिल की थी, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद ने 2 सीटों पर कब्जा किया था।
इसके अलावा रायजोर दल के दो पार्षद भी नगरपालिका बोर्ड में शामिल हुए थे। हालांकि बाद में एक महिला पार्षद के निधन के बाद वर्तमान में निर्वाचित पार्षदों की संख्या घटकर 13 रह गई है।
मृणाली कुंवर बनी थीं अध्यक्ष, संजीव बोरा को मिली थी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
नगरपालिका गठन के समय भाजपा और एनडीए गठबंधन की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद ने मिलकर शिवसागर नगरपालिका की सत्ता संभाली थी। उस दौरान भाजपा की मृणाली कुंवर को अध्यक्ष और अगप के संजीव बोरा को उपाध्यक्ष बनाया गया था।
वार्ड नंबर 9 से निर्वाचित संजीव बोरा पेशे से वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। इसके साथ ही जिले में उनकी पहचान एक सक्रिय सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता के रूप में भी रही है।
गठबंधन के भीतर तालमेल पर उठे सवाल, अगले कदम पर सबकी नजर
लगातार दो बड़े अविश्वास प्रस्तावों के बाद शिवसागर नगरपालिका की अंदरूनी राजनीतिक स्थिति चर्चा का केंद्र बन गई है। पहले अध्यक्ष और अब उपाध्यक्ष पद को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने भाजपा-अगप गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सभी की निगाहें नगरपालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि उपाध्यक्ष संजीव बोरा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला लिया जाता है।




