
शिवसागर, असम: वीर लाचित बोरफुकन कॉलेज, शिवसागर की छात्रा आईचेंगफा गोगोई ने ओशिनिया के अपिया सामोआ में चल रहे कॉमनवेल्थ यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर असम और भारत का गौरव बढ़ाया है। आईचेंगफा ने महिला जूनियर 58 किलो वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्नैच में 79 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 106 किलोग्राम का भार उठाया। कुल 185 किलोग्राम के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारत ने कई स्वर्ण पदक जीते। आईचेंगफा के अलावा असम के ही अभिनोब गोगोई ने पुरुष 71 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के अध्यक्ष सहदेव यादव ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि ये उपलब्धियां भारतीय भारोत्तोलन के उभरते स्वरूप को दर्शाती हैं।
- संघर्ष से सफलता तक आईचेंगफा की यात्रा –
आईचेंगफा गोगोई पिछले कुछ वर्षों से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, लखनऊ में कोच राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। वर्ष 2025 में खेले गए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में उन्होंने 55 किलो वर्ग में 183 किलोग्राम (81 किलो स्नैच + 102 किलो क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर यूथ नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा था और स्वर्ण पदक जीता था। हायर सेकेंडरी प्रथम वर्ष की छात्रा प्रतिभाशाली खिलाड़ी आईचेंगफा गोगोई ने राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक हासिल किए हैं। जिसमें आई डब्ल्यू एल एफ नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य और अस्मिता वेटलिफ्टिंग जोनल लीग में रजत पदक शामिल हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स में आईचेंगफा गोगोई की इस बड़ी सफलता के समाचार से वीर लाचित बरफूकन कॉलेज और स्थानीय स्तर पर खुशी की लहर देखी जा रही है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पंकज ज्योति हजारिका ने आईचेंगफा की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आईचेंगफा की सफलता न केवल कॉलेज बल्कि पूरे असम के लिए गर्व की बात है। वह उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा हैं जो सपनों को आसमान छूने की उम्मीद रखते हैं। आईचेंगफा गोगोई की इस उपलब्धि ने पूरे पूर्वोत्तर भारत में युवा भारोत्तोलकों को नई प्रेरणा दी है। इधर भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के इस शानदार प्रदर्शन से देश की ओलंपिक तैयारी को भी मजबूती मिली है। आईचेंगफा गोगोई की यह जीत असम की खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली मील का पत्थर साबित हुई है।




