चराईदेव–नामरूप में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई : 4 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन की जांच में चार कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी : घंटों चली पूछताछ, बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल डाटा की गहन जांच

चराईदेव, 19 जून : ऊपरी असम के चराईदेव और डिब्रूगढ़ जिलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित रूप से करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन तथा संभावित साइबर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई। सीबीआई की टीमों ने चराईदेव जिले के बरहाट और लंगपतिया तथा डिब्रूगढ़ जिले के नामरूप क्षेत्र में पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, दस्तावेजों की जांच की और संबंधित व्यक्तियों से घंटों पूछताछ की।
दिल्ली की शिकायत से शुरू हुई जांच
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की शुरुआत दिल्ली निवासी उदयन सहगल द्वारा साइबर सेल में दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। शिकायत में बड़े पैमाने पर संदिग्ध धन हस्तांतरण, अज्ञात स्रोतों से खातों में धनराशि जमा होने तथा वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।
प्रारंभिक जांच के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंचा, जिसके बाद सीबीआई ने असम में कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित वित्तीय लेन-देन के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था या नहीं।
चार कारोबारियों को जांच के दायरे में लिया गया
सीबीआई ने जिन व्यक्तियों को जांच के दायरे में लिया है, उनमें चराईदेव जिले के बोरहाट स्थित सुंदर गांव निवासी अमर जीवन गायन, लंगपतिया निवासी योगांत दीप गोगोई तथा डिब्रूगढ़ जिले के नामरूप निवासी प्रांजल प्रतिम दत्ता और मनोज अग्रवाल शामिल हैं।
शुक्रवार सुबह सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने लगभग एक साथ इन चारों के आवासों और संबंधित परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कार्रवाई कई घंटों तक चली।
बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों की गहन जांच
छापेमारी के दौरान जांच टीमों ने बैंकिंग दस्तावेज, निवेश संबंधी फाइलें, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की।
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी ने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को आगे की जांच के लिए अपने कब्जे में भी लिया है। वित्तीय अपराधों की जांच में डिजिटल ट्रेल और बैंकिंग रिकॉर्ड को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है, इसलिए सीबीआई विशेष रूप से इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
4 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार सीबीआई की प्रारंभिक पड़ताल में संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों से 4 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि बड़ी मात्रा में धनराशि अज्ञात स्रोतों से खातों में पहुंची थी, जिसके बाद जांच एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लिया।
हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि धन के स्रोत और उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच जारी है।
संदिग्ध नेटवर्क की तलाश में जुटी सीबीआई
सीबीआई फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित धनराशि का वास्तविक स्रोत क्या था, रकम किन खातों के माध्यम से स्थानांतरित हुई और उसका उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि कहीं इस पूरे मामले के पीछे कोई संगठित वित्तीय, साइबर या हवाला नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। इसके लिए बैंक खातों की गतिविधियों, निवेश पैटर्न और डिजिटल ट्रांजैक्शन की श्रृंखला का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
सीबीआई की इस कार्रवाई की खबर फैलते ही बोरहाट, लंगपतिया और नामरूप क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता है कि करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन का नेटवर्क कितना व्यापक है और क्या जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है।
कई लोगों का मानना है कि यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक सीबीआई की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई थी। एजेंसी ने न तो किसी गिरफ्तारी की पुष्टि की है और न ही मामले के संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत टिप्पणी की है।
ऐसे में जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार जांच के अगले चरण में डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल की विस्तृत पड़ताल और संभावित रूप से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं खातों की जांच की जा सकती है।
सीबीआई फिलहाल धन के स्रोत, बैंक खातों की गतिविधियों, डिजिटल लेन-देन और निवेश पैटर्न की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। जांच एजेंसी की आगामी कार्रवाई पर अब पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।




