असम–नागालैंड सीमा पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई : वाहन से 16 किलो से अधिक गांजा बरामद, दो कथित तस्कर गिरफ्तार : सोनारी पुलिस के विशेष अभियान में मिली सफलता, अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
नागालैंड से असम लाई जा रही थी खेप, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

शिवसागर, 17 जून : असम–नागालैंड अंतरराज्यीय सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चराईदेव जिला पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जिले के कानुबारी बालिजान ग्रांट क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने एक वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद करते हुए दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को सीमा क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया विशेष अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार चराईदेव जिले के एसएसपी सुरजीत सिंह पानेसर के निर्देशन में सोनारी सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर चरण मोहन सिंह सेतिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कानुबारी बालिजान ग्रांट क्षेत्र में विशेष निगरानी अभियान चलाया। अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर AS06-BC-9276 नंबर के एक वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
पुलिस द्वारा वाहन की गहन जांच किए जाने पर उसमें छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में बरामद सामग्री गांजा पाई गई।
16.247 किलोग्राम गांजा बरामद
पुलिस सूत्रों के अनुसार वाहन से कुल 16.247 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि मादक पदार्थ की यह खेप पड़ोसी राज्य नागालैंड से असम लाई जा रही थी।
पुलिस को आशंका है कि बरामद गांजा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति किए जाने के उद्देश्य से लाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत वाहन को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया।
दो आरोपी गिरफ्तार
मामले में वाहन में सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुद्ध बरुआ (25 वर्ष) तथा पबित्र तामुली (55 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी माहमरा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस अब दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों तथा अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
चराईदेव जिला पुलिस ने इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
सीमा क्षेत्रों में लगातार जारी है अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि असम–नागालैंड सीमा लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील मानी जाती रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमा क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाई गई है और नियमित रूप से विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी और किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करी गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में और बड़ी कार्रवाइयों का रास्ता खुल सकता है।
असम–नागालैंड सीमा पर की गई यह कार्रवाई एक बार फिर यह दर्शाती है कि चराईदेव जिला पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।




