पुरुषोत्तम मास में सेवा, सम्मान और संवेदना का अनुपम उदाहरण : मारवाड़ी सम्मेलन बिजनी महिला शाखा ने सीनियर सिटीजंस होम में बांटी खुशियां : मच्छरदानियां, राशन, फल, मिठाइयां एवं आवश्यक सामग्री वितरित कर वरिष्ठ नागरिकों का जाना हालचाल
अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल बोलीं— "बुजुर्गों का सम्मान ही हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान"

बिजनी, 13 जून : पवित्र पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के शुभ अवसर पर सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं का एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन बिजनी महिला शाखा द्वारा काजलगांव स्थित सीनियर सिटिज़न्स होम में एक विशेष सेवा एवं सहयोग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में अपनत्व, सम्मान और खुशियों का संचार करना था।

इस अवसर पर सम्मेलन की सदस्याओं ने वृद्धाश्रम पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनके साथ समय व्यतीत कर उन्हें परिवार जैसा स्नेह और सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के चेहरे पर दिखाई दी मुस्कान और आत्मीयता का भाव इस सेवा अभियान की सार्थकता को दर्शा रहा था।
आवश्यक सामग्री का किया गया वितरण
सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मच्छरदानियां, राशन सामग्री, आम, मिठाइयां, जलपान तथा विभिन्न प्रकार के पौष्टिक नाश्ते वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त सम्मेलन की सदस्याओं ने वृद्धाश्रम के निवासियों के साथ संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को भी समझने का प्रयास किया।
पुरुषोत्तम मास को सनातन परंपरा में दान, सेवा, परोपकार और आध्यात्मिक साधना का विशेष माह माना जाता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए सम्मेलन ने इस सेवा कार्यक्रम का आयोजन कर समाज के वंचित एवं उपेक्षित वर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।

“सेवा ही सच्ची साधना है” : सुनीता अग्रवाल
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही मारवाड़ी सम्मेलन बिजनी महिला शाखा की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता अग्रवाल ने कहा कि पुरुषोत्तम मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का भी अवसर है।

उन्होंने कहा कि हमारे समाज में बुजुर्गों को सदैव आदर और सम्मान का स्थान प्राप्त है। जिन वरिष्ठ नागरिकों ने अपना पूरा जीवन परिवार और समाज के निर्माण में लगाया है, उनके प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। पुरुषोत्तम मास में की गई सेवा और परोपकार की भावना जीवन को सार्थक बनाती है।
उन्होंने आगे कहा कि सम्मेलन भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक सेवा की भावना पहुंचाने का प्रयास करेगा।
समाज को संवेदनशील बनाना समय की आवश्यकता – गरिमा अग्रवाल
सम्मेलन शाखा की सचिव श्रीमती गरिमा अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में परिवार और समाज के बीच बढ़ती दूरी के दौर में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का भाव विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को यह महसूस कराना है कि समाज उनके साथ खड़ा है। उनके अनुभव और जीवन मूल्य नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। ऐसे सेवा कार्यक्रम समाज में करुणा, सहानुभूति और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने सभी समाजबंधुओं से भी समय-समय पर वृद्धाश्रमों एवं सेवा संस्थानों में पहुंचकर सहयोग और सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

पदाधिकारियों एवं सदस्याओं की सक्रिय सहभागिता
इस अवसर पर महिला सम्मेलन शाखा की कोषाध्यक्ष श्रीमती मनीषा मूंधड़ा उपाध्यक्ष संतोष शर्मा, सह सचिव श्रीमती प्रेरणा मंत्री, सह कोषाध्यक्ष श्रीमती दीक्षा भूरा, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती एकता अग्रवाल, श्रीमती सरिता अग्रवाल, श्रीमती रीता अग्रवाल, श्रीमती साक्षी माहेश्वरी एवं श्रीमती प्रियंका मूंधड़ा के साथ-साथ सदस्य श्रीमती संतोष शर्मा, श्रीमती सरिता बजाज, श्रीमती सुचिता शर्मा, श्रीमती सरोज अग्रवाला, श्रीमती लीला माहेश्वरी तथा श्रीमती शोभा अग्रवाल सहित संस्था की अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्याओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने सेवा, करुणा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपनाने तथा समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का संकल्प व्यक्त किया।

वृद्धाश्रम निवासियों ने दिया आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान सीनियर सिटिज़न्स होम में निवासरत बुजुर्गों ने सम्मेलन की इस पहल की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें सामाजिक अपनत्व का अनुभव कराते हैं तथा जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं।
वृद्धाश्रम प्रशासन ने भी मारवाड़ी महिला सम्मेलन, बीजनी द्वारा किए गए इस सेवा कार्य के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और अधिक सम्मानजनक एवं सुखद बनाया जा सकता है।

मानवता और सामाजिक सरोकार का प्रेरक संदेश
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित यह सेवा अभियान केवल सामग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। मारवाड़ी महिला सम्मेलन, बीजनी की यह सराहनीय पहल सामाजिक सेवा, करुणा और मानवता के आदर्शों को आगे बढ़ाने का प्रेरक उदाहरण बन गई है।




