पुरुषोत्तम मास में सेवा का अनुपम उदाहरण : शिवसागर में विशाल निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर संपन्न : 200 से अधिक मरीजों का हुआ नेत्र परीक्षण : मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा ने 230 लोगों को वितरित किए जूस-शरबत पैकेट
मोतियाबिंद ऑपरेशन से लेकर चश्मा वितरण तक की मिली सुविधा : सेवा कार्य की हुई सराहना

शिवसागर, 12 जून : पुरुषोत्तम मास के पावन एवं पुण्यदायी अवसर पर सेवा, सहयोग और मानव कल्याण की भावना को साकार करते हुए शिवसागर में एक विशाल निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिवसागर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा मारवाड़ी जन सेवा समिति शिवसागर द्वारा संचालित जयदयाल खेमका मातृ सेवा सदन के सहयोग तथा डिब्रूगढ़ की प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थाओं एम आईज फाउंडेशन एवं रेणु आई केयर सेंटर के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया।

शहर के टेंपल रोड स्थित दौलमुख चारआली के खेमका मातृ सेवा सदन में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। शिविर में लगभग 200 मरीजों का पंजीकरण एवं नेत्र परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की टीम ने मरीजों की आंखों से संबंधित विभिन्न समस्याओं की जांच कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार प्रदान किया।
मोतियाबिंद मरीजों के लिए निःशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था
शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनके लिए निःशुल्क शल्य चिकित्सा की व्यवस्था की गई। आयोजकों ने ऐसे मरीजों को डिब्रूगढ़ ले जाकर पूर्णतः निःशुल्क ऑपरेशन करवाने की जिम्मेदारी भी ली।

इसके अतिरिक्त मरीजों की दृष्टि क्षमता की जांच कर आवश्यकतानुसार चश्मे उपलब्ध कराए गए। जिन लोगों के चश्मों का नंबर बदल चुका था, उनके लिए नई पावर के अनुसार चश्मों की व्यवस्था की गई। चिकित्सकों ने मरीजों को आंखों की नियमित देखभाल, समय-समय पर नेत्र परीक्षण और नेत्र रोगों से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने दी उच्चस्तरीय सेवाएं
डिब्रूगढ़ से आई विशेषज्ञ चिकित्सा टीम ने पूरे दिन मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श प्रदान किया। टीम में अमित देवनाथ, टीना गोगोई, बिनोद गोगोई एवं शिल्पा सिंह सहित अन्य प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी शामिल थे।

टीम ने अत्यंत धैर्य, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ प्रत्येक मरीज की जांच की। मरीजों एवं उनके परिजनों ने चिकित्सा दल की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं सामान्य परिवारों के लिए इस प्रकार के शिविर अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं, क्योंकि इससे उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो जाती हैं।
मारवाड़ी सम्मेलन का विशेष सेवा अभियान
नेत्र चिकित्सा शिविर के साथ-साथ मारवाड़ी सम्मेलन, शिवसागर शाखा द्वारा एक विशेष जनसेवा कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। शिविर में पहुंचे मरीजों, उनके परिजनों तथा अन्य उपस्थित लोगों सहित लगभग 230 लोगों के बीच जूस एवं शरबत के पैकेटों का वितरण किया गया।

भीषण गर्मी के बीच ठंडे जूस और शरबत का वितरण लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ। उपस्थित लोगों ने इस मानवीय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा के साथ-साथ इस प्रकार के सेवा कार्य समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और आत्मीयता की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।
‘पुरुषोत्तम मास सेवा और मानवता का पर्व’ : प्रदीप कुमार खेमका
मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा के अध्यक्ष प्रदीप कुमार खेमका ने कहा कि पुरुषोत्तम मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का अवसर नहीं, बल्कि सेवा, दान और मानवता के प्रति समर्पण का भी महापर्व है।

उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें और कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे। नेत्र चिकित्सा शिविर जैसे कार्यक्रम समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। भविष्य में भी मारवाड़ी सम्मेलन सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखेगा।”
‘सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता से ही संभव है जनकल्याण’ : अनिल कुमार गुप्ता
शिवसागर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के सचिव अनिल कुमार गुप्ता ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारिक संगठनों की भूमिका केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “जब सामाजिक संस्थाएं, व्यापारी संगठन और सेवा भाव रखने वाले लोग एक मंच पर आते हैं, तब समाज के जरूरतमंद वर्गों तक वास्तविक सहायता पहुंचाना संभव हो जाता है। यह शिविर सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।”
उन्होंने कहा कि चैंबर्स ऑफ कॉमर्स भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग देता रहेगा।
‘सेवा ही मानवता की पहचान है’ : प्राणजीत दत्ता
सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर प्राणजीत दत्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में इस प्रकार के शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा, “समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। ऐसे शिविर न केवल स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं बल्कि लोगों में जागरूकता भी बढ़ाते हैं। सेवा ही सच्ची सामाजिक सुरक्षा और मानवता की पहचान है।”
समाजसेवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, व्यवसायियों और समाजसेवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
इस अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन शिवसागर शाखा के अध्यक्ष प्रदीप कुमार खेमका, उपाध्यक्ष रूपचंद करनानी, सचिव आनंद प्रकाश केडिया, सहसचिव पायल अग्रवाल, आजीवन सदस्य शंकरलाल अग्रवाला, अन्नू शर्मा, सज्जन अग्रवाल, सदस्य पवन कुमार अग्रवाल एवं प्रमोद कुमार भार्गव उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त शिवसागर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के सचिव अनिल कुमार गुप्ता, सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर प्राणजीत दत्ता तथा समाजसेवी राजू कुमार दास ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण
आयोजकों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं बल्कि सेवा, दान और मानव कल्याण के प्रति समर्पण का भी प्रतीक माना जाता है। इसी भावना के अनुरूप चिकित्सा सेवा और जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि समाज के जरूरतमंद लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर और सेवा कार्यों के इस संयुक्त आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब सामाजिक संस्थाएं, व्यापारी संगठन और सेवाभावी नागरिक एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक राहत और सहायता प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी शिविरों एवं सेवा कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।




