मारवाड़ी सम्मेलन कामरूप शाखा के योग शिविर ने पूरे किए 4 सफल वर्ष, 5वें वर्ष में किया प्रवेश : भव्य समारोह के साथ मनाया स्थापना दिवस : योग साधकों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान : स्वस्थ समाज निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का लिया गया प्रण

गुवाहाटी, 6 जून : मारवाड़ी सम्मेलन कामरूप शाखा द्वारा संचालित योग शिविर ने समाज सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और योग साधना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने सफल संचालन के चार वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इसी गौरवपूर्ण अवसर पर शनिवार को हिंदुस्तानी केंद्रीय विद्यालय, भंगागढ़ परिसर में एक विशेष योग सत्र एवं भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के साथ ही योग शिविर ने अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश किया।
पिछले चार वर्षों से निरंतर संचालित यह योग शिविर न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक जीवनशैली और सामाजिक एकता के संदेश को भी समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिविर से जुड़े सैकड़ों साधकों ने इस अवसर को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के मुख्यालय उपाध्यक्ष विनोद लोहिया, मंडलीय सहायक मंत्री निरंजन सिकरिया, मारवाड़ी सम्मेलन कामरूप शाखा के अध्यक्ष अजित कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष सरिता लोहिया, उपाध्यक्ष संजय खेतान तथा कोषाध्यक्ष संजय घीडीया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अतिथियों ने योग शिविर की चार वर्षों की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पद्धति बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर समाज को स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

योग साधकों की इच्छाशक्ति को बताया सफलता का आधार
समारोह में उपस्थित वरिष्ठ योग साधकों एवं प्रशिक्षकों ने शिविर की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी सामाजिक पहल की सफलता उसके प्रतिभागियों की निरंतरता, अनुशासन और समर्पण पर निर्भर करती है। उन्होंने चार वर्षों से नियमित रूप से योग अभ्यास कर रहे साधकों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए इसे सामूहिक इच्छाशक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
वक्ताओं ने कहा कि योग आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है और ऐसे शिविर समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
योग क्षेत्र में योगदान देने वालों का पारंपरिक सम्मान
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण योग और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान समारोह रहा। इस अवसर पर असम की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान करते हुए विशिष्ट अतिथियों एवं योग साधकों को पारंपरिक ‘असमिया गमछा’ ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से शंकर बील, मिस्टर एवं मिसेज कृष्णा देब, विवेकानंद केंद्र के सुब्रत मुखर्जी, ताराचंद ठोलिया एवं विनीता आसवाल शामिल रहे।
अतिथियों ने कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सेवा और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करते हैं तथा नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करते हैं।

चार वर्षों की यात्रा रही प्रेरणादायी
मारवाड़ी सम्मेलन कामरूप शाखा के तत्वावधान में आरंभ हुआ यह योग शिविर पिछले चार वर्षों से नियमित रूप से संचालित हो रहा है। इस दौरान विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने इसमें भाग लेकर योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता के संदेश को निरंतर बढ़ावा दिया गया है।
शिविर से जुड़े साधकों का मानना है कि नियमित योगाभ्यास से उनके जीवन में शारीरिक और मानसिक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। यही कारण है कि शिविर की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
सफल आयोजन के लिए अनेक कार्यकर्ताओं का योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में शाखा के अनेक पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और योग साधकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन समिति ने विशेष रूप से जिन लोगों के योगदान की सराहना की, उनमें—
सुरेश अग्रवाल, जतिन हजारिका, रिंकी काकती, पिंकी घीडीया, श्रीकांत बांका, विदित बरमान, दीपा बर्मन, ललित मिन्डा, छोटू राम कुमावत, अनिमा राजबंशी, संतोष मुंदरा, संजय अग्रवाल, विनीता अग्रवाल, कामाख्या प्रसाद शर्मा, सीमा कातकी तथा पी. एन. आचार्य शामिल हैं।

स्वस्थ समाज निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में मारवाड़ी सम्मेलन कामरूप शाखा के अध्यक्ष अजित कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों, योग प्रशिक्षकों, साधकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योग शिविर का उद्देश्य केवल योग सिखाना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक समाज का निर्माण करना है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्षों में भी यह शिविर समाज के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ते हुए स्वास्थ्य और सेवा के इस अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
समारोह का समापन सामूहिक योग अभ्यास, स्वास्थ्य जागरूकता संदेश और स्वस्थ भारत-स्वस्थ समाज के संकल्प के साथ हुआ। योग साधकों ने नियमित अभ्यास जारी रखने और अधिक लोगों को योग से जोड़ने का संकल्प लिया।




