विश्व पर्यावरण दिवस पर मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा की सराहनीय पहल : खूमटाई मॉडल हाई स्कूल में 25 से अधिक पौधे लगाए, 150 विद्यार्थियों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश : “पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षण देना ही सच्चा पर्यावरण दिवस” : श्यामलाल मोर
“पेड़ लगाना ही नहीं, उनकी देखभाल और स्वच्छता भी हमारी जिम्मेदारी” : छगनलाल माड़ोदिया

मोरान, 5 जून : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा द्वारा शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मोरान के निकट खूमटाई स्थित नव-निर्मित मॉडल हाई स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से वृक्षारोपण, स्वच्छता जागरूकता तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया गया, जिसमें सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विद्यालय परिसर में 25 से अधिक पौधों का रोपण किया। इसके साथ ही विद्यालय में उपस्थित लगभग 150 छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों के बीच सॉफ्ट ड्रिंक का वितरण भी किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के उपरांत विद्यालय परिसर में एक जागरूकता सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सम्मेलन के वरिष्ठ सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अपने संबोधन में सम्मेलन के वरिष्ठ सदस्य छगनलाल माड़ोदिया ने कहा कि केवल पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दायित्व पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए प्लास्टिक एवं डिस्पोजेबल वस्तुओं के उपयोग को यथासंभव कम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सॉफ्ट ड्रिंक के खाली पैकेट, प्लास्टिक बोतलें तथा पानी पीने के बाद उपयोग किए गए ग्लासों को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन में डालना चाहिए और उनका उचित निस्तारण सुनिश्चित करना चाहिए। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
वहीं सम्मेलन के वरिष्ठ सदस्य श्यामलाल मोर ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी सतत जिम्मेदारी का स्मरण है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के बाद उन्हें वृक्ष बनने तक नियमित रूप से पानी देना, सुरक्षा प्रदान करना और उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि लगाए गए पौधे जीवित नहीं रहते तो वृक्षारोपण का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक पौधे को अपने परिवार के सदस्य की तरह संरक्षित करने का आह्वान किया।

सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है। विद्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखना, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना, प्लास्टिक कचरे का उचित प्रबंधन करना तथा प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना भी पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण अंग हैं। विद्यार्थियों को जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या ने मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय को इस उपयोगी कार्यक्रम का लाभ प्रदान करने के लिए सम्मेलन परिवार का धन्यवाद ज्ञापित किया।

मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा के अध्यक्ष बिनोद अग्रवाल ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन भविष्य में भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
कार्यक्रम में सम्मेलन परिवार की ओर से श्यामलाल मोर, अर्जुन भरतिया, बिनोद अग्रवाल, छगनलाल माड़ोदिया, पवन मोर, धर्मेश पारीक, अमित अग्रवाल, संजय अग्रवाल सहित अनेक सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल वृक्षारोपण तक सीमित रहा, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के बीच पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता का सशक्त संदेश देने में भी सफल साबित हुआ। मारवाड़ी सम्मेलन मोरानहाट शाखा की इस पहल की स्थानीय लोगों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सराहना की तथा इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायी कदम बताया।




