सोनारी में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : अवैध लकड़ी के कुंदों से भरा ट्रक जब्त : गुप्त सूचना के आधार पर नाफुक क्षेत्रीय वन कार्यालय की टीम ने चलाया अभियान, AS03-CC-8866 नंबर का ट्रक कब्जे में लिया
मोरान से जोरहाट ले जाई जा रही थी लकड़ी, दस्तावेजों और तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटा वन विभाग

सोनारी, 10 जुलाई : चराइदेव जिले के सोनारी क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन और तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी के कुंदों से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। वन संपदा की सुरक्षा और अवैध कटाई पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई को वन विभाग की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

गुप्त सूचना के बाद हरकत में आया वन विभाग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चराइदेव जिला अंतर्गत सोनारी के नाफुक स्थित क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय को लकड़ी से भरे एक ट्रक के संदिग्ध परिवहन की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही नाफुक क्षेत्रीय वन कार्यालय के रेंजर के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम ने तत्काल अभियान शुरू किया।
मोरान से जोरहाट की ओर जा रहा था लकड़ी से लदा ट्रक
वन विभाग के अनुसार, AS03-CC-8866 नंबर का ट्रक लकड़ी के कुंदों को लेकर मोरान से जोरहाट की ओर जा रहा था। इसी दौरान वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से वाहन को रोककर जांच की।
जांच के दौरान ट्रक में बड़ी मात्रा में लकड़ी के कुंदे पाए गए, जिसके बाद वन विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

लकड़ी के दस्तावेज और स्रोत की हो रही जांच
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि ट्रक में परिवहन की जा रही लकड़ी से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज, अनुमति पत्र और वैध कागजात उपलब्ध थे या नहीं। इसके साथ ही लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी भी गहन जांच की जा रही है।
वन विभाग इस मामले में लकड़ी के स्रोत, परिवहन प्रक्रिया और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रहा है।
अवैध कटाई और तस्करी रोकने के लिए निगरानी तेज
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वन संपदा की अवैध कटाई और गैरकानूनी परिवहन को रोकने के लिए लगातार निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
फिलहाल जब्त किए गए ट्रक को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।




