मारवाड़ी सम्मेलन गोहपुर–बिहाली शाखा ने शुरू किया “निर्मल धारा प्रकल्प” : हरे कृष्ण मंदिर परिसर में शुद्ध पेयजल की स्थायी सुविधा : प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने किया लोकार्पण : विधायक मुनिंद्र दास हुए सम्मानित
निर्जला एकादशी पर सेवा, संवेदना और समर्पण का अनुपम संगम : वर्षों पुरानी शुद्ध पेयजल की समस्या के समाधान से क्षेत्र में खुशी की लहर

गोहपुर – बिहाली, 25 जून : “जल ही जीवन है, और प्यासे को जल पिलाना सबसे बड़ा पुण्य।” सनातन संस्कृति के इसी महान संदेश को आत्मसात करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन गोहपुर–बिहाली शाखा एवं मारवाड़ी सम्मेलन गोहपुर–बिहाली महिला शाखा ने निर्जला एकादशी के पावन एवं पुण्यदायी अवसर पर हरे कृष्ण मंदिर, बुडोईघाट परिसर में जनकल्याणकारी “निर्मल धारा प्रकल्प” का शुभारम्भ किया।

श्रद्धा, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से ओतप्रोत इस प्रकल्प का शुभारम्भ मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा के करकमलों द्वारा किया गया। धार्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय माहौल के बीच सम्पन्न इस समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधु, श्रद्धालु एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

वर्षों पुरानी समस्या का मिला स्थायी समाधान
हरे कृष्ण मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझ रहे थे। स्थानीय भूजल में अत्यधिक आयरन होने के कारण पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था, जिससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा स्थापित “निर्मल धारा प्रकल्प” अब इस समस्या का स्थायी समाधान बनकर सामने आया है। इस प्रकल्प के माध्यम से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों को भी स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।

प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने किया शुभारम्भ
समारोह को संबोधित करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने कहा कि समाज सेवा केवल अवसर विशेष का कार्य नहीं, बल्कि जीवन की निरंतर साधना है।
उन्होंने कहा कि निर्जला एकादशी हमें सेवा, दान और परोपकार का संदेश देती है। किसी प्यासे को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना सबसे बड़ा पुण्य है। ‘निर्मल धारा प्रकल्प’ केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी और सेवा संस्कार का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर ऐसे स्थायी प्रकल्पों के माध्यम से समाज को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नवनिर्वाचित विधायक मुनिंद्र दास का हुआ अभिनंदन
समारोह में स्थानीय विधायक मुनिंद्र दास की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया।
इस अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन गोहपुर–बिहाली शाखा एवं महिला शाखा की ओर से विधायक मुनिंद्र दास का असमिया संस्कृति के प्रतीक फुलाम गामोछा एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया।

विधायक मुनिंद्र दास ने अपने संबोधन में कहा कि मारवाड़ी समाज हमेशा से सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण रहा है। ‘निर्मल धारा प्रकल्प’ केवल पेयजल उपलब्ध कराने की पहल नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। समाज और प्रशासन मिलकर ऐसे कार्य करेंगे तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए मारवाड़ी सम्मेलन के सभी पदाधिकारियों एवं सहयोगियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

समाज के अनेक पदाधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रांतीय उपाध्यक्ष (मुख्यालय) बिनोद लोहिया, मंडल ‘ग’ के उपाध्यक्ष माणिकलाल दम्माणी, मंडल ‘ग’ के सह सचिव ओमप्रकाश पचार, मारवाड़ी सम्मेलन उत्तर लखीमपुर शाखा की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती उर्मिला दिनोदिया, गोहपुर–बिहाली शाखा के सचिव श्री दीपक अग्रवाल, महिला शाखा की अध्यक्षा श्रीमती संध्या अग्रवाल सहित दोनों शाखाओं के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं सदस्याएं उपस्थित रहीं।
सभी ने मिलकर इस सेवा प्रकल्प को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।

“निर्मल धारा” बनेगी सेवा की स्थायी पहचान
शाखा सचिव दीपक अग्रवाल ने बताया कि यह प्रकल्प केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों तक हजारों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी है। ‘निर्मल धारा प्रकल्प’ सेवा, संवेदना और सामाजिक समर्पण की हमारी सोच का स्थायी प्रतीक बनेगा।

ग्रामीणों ने व्यक्त किया आभार
प्रकल्प प्रारम्भ होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों एवं मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मारवाड़ी सम्मेलन का आभार जताया।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से आयरनयुक्त पानी की समस्या के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब इस प्रकल्प से शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध होने से उनके दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।

सेवा और संस्कार का जीवंत उदाहरण
निर्जला एकादशी जैसे पुण्य अवसर पर आरम्भ किया गया “निर्मल धारा प्रकल्प” केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की ऐसी प्रेरक पहल है, जो आने वाले समय में समाजसेवा के क्षेत्र में मारवाड़ी सम्मेलन की पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगी।
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया तथा भविष्य में भी जनकल्याण से जुड़े ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।




