शिवसागर में जनगणना-2027 के प्रथम चरण को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुरू : पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी भारत की जनगणना, नागरिक स्वयं भी ऑनलाइन भर सकेंगे जानकारी
वर्ष 2027 की जनगणना भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना प्रक्रिया होगी - जिला आयुक्त मृदुल यादव

शिवसागर, 27 मई : शिवसागर जिले में आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार से हो गया। लोकगणना निदेशालय असम की पहल पर आयोजित इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में “गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना” से जुड़े अधिकारियों, गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 27, 29 और 30 मई 2026 को आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन शिवसागर जिला आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में जिला आयुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी मृदुल यादव ने किया। उद्घाटन भाषण में जिला आयुक्त मृदुल यादव ने कहा कि वर्ष 2027 की जनगणना भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना प्रक्रिया होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतिगत योजनाएं, विकास कार्यक्रम और जनकल्याणकारी परियोजनाएं मुख्य रूप से जनगणना से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित होती हैं। इसलिए इस प्रक्रिया की सटीकता और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक पद्धति की जगह इस बार चार एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में निगरानी और सटीक भौगोलिक कवरेज सुनिश्चित किया जा सके। जिला आयुक्त ने जानकारी दी कि 2 अगस्त से 16 अगस्त 2026 के बीच नागरिक “सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल” के माध्यम से अपने घर और परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

इसके अतिरिक्त, घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले गणनाकर्मी “एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन” का उपयोग करेंगे, जो ऑफलाइन मोड में भी कार्य करेगा। इस ऐप के जरिए एकत्रित जानकारी सीधे केंद्रीय सर्वर तक भेजी जा सकेगी।
प्रशासन ने बताया कि चार्ज अधिकारी “हाउसलिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर” (HLBC) नामक उपग्रह चित्र आधारित वेब मैपिंग एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे। इससे क्षेत्र सीमांकन में त्रुटि या दोहराव की संभावना कम होगी। वहीं “सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम” (CMMS) नामक केंद्रीकृत रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न चरणों की प्रगति और कार्यक्षमता की निगरानी कर सकेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोकगणना निदेशालय असम की सहायक मुख्य जनगणना अधिकारी नयनमनी गोगोई तथा सांख्यिकी अधिकारी अर्पण देवनाथ ने रिसोर्स पर्सन के रूप में भाग लिया। उन्होंने दो चरणों में आयोजित होने वाली जनगणना-2027 की पूरी प्रक्रिया, चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों, गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारियों तथा डिजिटल प्रणाली के संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला आयुक्त एवं जिला जनगणना अधिकारी सोनतृष्णा घरफलिया, नाजिरा की सहजिला आयुक्त एवं सह-जिला जनगणना अधिकारी प्रतिभा मेश्राम, डिमौ की सह-जिला आयुक्त एवं सहजिला जनगणना अधिकारी लुकुमोनी बोरा, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी परिस्मिता दिहिंगिया तथा जिला सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी जगदीश बुढ़ागोहांई सहित विभिन्न सर्किल अधिकारी, चार्ज अधिकारी और उप जनगणना अधिकारी मौजूद रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से इस बार जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनने की उम्मीद है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रियल-टाइम डेटा संग्रहण से भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से तैयार किया जा सकेगा।




