बिहार में सम्राट कैबिनेट का ऐतिहासिक विस्तार : पटना के गांधी मैदान में 32 नए मंत्रियों ने ली शपथ : पूरे मंत्रिमंडल के नाम और विभाग जारी : नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मिला स्वास्थ्य विभाग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अमित शाह, राजनाथ सिंह, नीतिन नबीन, जेपी नड्डाजदयू प्रमुख नीतीश कुमार और अन्य प्रमुख नेता रहे मौजूद

न्यूज डेस्क, 8 मई : बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में 7 मई को भव्य कैबिनेट विस्तार हुआ। राजधानी पटना के गांधी मैदान में दोपहर करीब 12:10 बजे आयोजित समारोह में 32 नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विभागों का बंटवारा कर दिया।

इस विस्तार से मंत्रिमंडल में अब बीजेपी कोटे से सीएम सहित कुल 15, जदयू कोटे से 13, एलजेपी (राम विलास) से 2, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) से 1 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से 1 मंत्री शामिल हुए। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार समेत कई नए चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे मंत्रिमंडल में शामिल हुए।
नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा और नई जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। शपथ ग्रहण के बाद सरकार ने अलग-अलग विभाग सौंपते हुए प्रशासनिक और सियासी संतुलन साधने की कोशिश की है। अब नई टीम के कामकाज और फैसलों पर सबकी नजर रहेगी।

नए मंत्रिमंडल में किसको कौन सा विभाग मिला –
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (बीजेपी) ने सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल विमानन और अन्य सभी विभाग सहित कुल 29 विभाग अपने पास रखे हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी (जदयू) को जल संसाधन, संसदीय कार्य
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव (जदयू) को वित्त, वाणिज्यिक कर

अन्य प्रमुख मंत्रियों के नाम और विभाग –
निशांत कुमार (जदयू) : स्वास्थ्य
विजय कुमार सिन्हा (बीजेपी) : कृषि
श्रवण कुमार (जदयू): ग्रामीण विकास, सूचना एवं जन संपर्क।
दिलीप कुमार जायसवाल (बीजेपी) : राजस्व एवं भूमि सुधार।
रामकृपाल यादव (बीजेपी) : सहकारिता।
लेशी सिंह (जदयू) : आवास निर्माण।
नीलू मिश्रा (बीजेपी) : शहरी विकास एवं आवास, आईटी।
दामोदर रावत (जदयू) : परिवहन।
संजय सिंह टाइगर (बीजेपी) : उच्च शिक्षा, कानून।
अशोक चौधरी (जदयू) : खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण।
भगवान सिंह कुशवाहा (जदयू) : योजना एवं विकास।
अरुण शंकर प्रसाद (बीजेपी) : श्रम, रोजगार एवं कौशल विकास।
मदन सहनी (जदयू) : निषेध, आबकारी एवं पंजीयन।
संतोष कुमार सुमन (एचएएम) : लघु जल संसाधन।
रामदेव प्रसाद निषाद (बीजेपी) : अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण।
पल्लवी साहा : आयकर।
कुमार धीरेंद्र : सड़क निर्माण।
शीला कुमारी : विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा।
केदार प्रसाद गुप्ता (बीजेपी) : पर्यटन।
लखेंद्र कुमार श्रीवास्तव : अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण।
सुनील कुमार (जदयू) : ग्रामीण कार्य।
श्रेयसी सिंह (बीजेपी) : उद्योग, खेल।
मोहम्मद जमा खान (जदयू) : अल्पसंख्यक कल्याण।
नंद किशोर राम (बीजेपी): डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन।
शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल (जदयू) : ऊर्जा।
प्रमोद कुमार : खाद्य एवं संस्कृति।
श्वेता गुप्ता (जदयू) : सामाजिक कल्याण।
मिथिलेश तिवारी (बीजेपी) : शिक्षा।
राम चंद्र प्रसाद (बीजेपी) : पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन।
संजय कुमार सिंह : लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण।
संजय कुमार : चीनी उद्योग।
दीपक प्रकाश (आरएलएम) : पंचायती राज।

राजनीतिक महत्व –
यह विस्तार बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय है। अप्रैल 2026 में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला बड़ा विस्तार है। इसमें जातीय-क्षेत्रीय संतुलन, ईबीसी, ओबीसी, दलित और महिला को उचित प्रतिनिधित्व देने विशेष पर ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने नए मंत्रियों को बधाई देते हुए बिहार के विकास पर जोर दिया।
सरकार का फोकस अब स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, आधारभूत संरचना और रोजगार पर तेजी से काम करने का है। यह समारोह बिहार की राजनीति में एनडीए की मजबूती का प्रतीक बना। विपक्षी दलों ने इसे भव्य शो-ऑफ बताया, जबकि एनडीए ने इसे विकास और सुशासन की नई शुरुआत करार दिया।

समारोह में हजारों कार्यकर्ता और समर्थक भी गांधी मैदान में जुटे थे। प्रधानमंत्री मोदी का पटना एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक रोड शो भी हुआ, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी।
बिहारवासी अब नए मंत्रियों से ठोस प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। यह कैबिनेट न सिर्फ सियासी समीकरण साधेगी, बल्कि राज्य के विकास को नई गति भी देगी।




