Welcome to NE NEWS 24X7   Click to listen highlighted text! Welcome to NE NEWS 24X7
ASSAMLocal NewsNAZIRANGOSIVASAGARSTATEराज्यलोकल न्यूज़शिवसागर

बाढ़ से गौमाता की सुरक्षा के लिए नाज़िरा गौशाला की बड़ी पहल—गोहाली नंबर 4 के पुनर्निर्माण का शुभारंभ : करीब पांच फीट ऊंचा होगा प्लिंथ लेवल—पहले चरण में 2400 वर्गफुट गोहाली का होगा पुनर्निर्माण : लगभग 16.80 लाख की अनुमानित लागत—गोहाली नंबर 4 के बाद अन्य गोहालियों का भी चरणबद्ध तरीके से होगा विकास

अध्यक्ष गोपाल हरलालका बोले—“हर साल की बाढ़ से गौमाता को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी व्यवस्था तैयार करना हमारा प्रमुख उद्देश्य”

शिवसागर, 17 सितंबर : नाज़िरा में प्रत्येक वर्ष आने वाली बाढ़ के दौरान गौमाता की सुरक्षा और देखभाल में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने की दिशा में श्री कृष्ण गोवर्धन धारी गौशाला, नाज़िरा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। गौशाला परिसर की गोहालियों को बाढ़ के प्रभाव से अधिक सुरक्षित बनाने की व्यापक योजना के तहत गोहाली नंबर 4 के पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत गोहाली का प्लिंथ लेवल मौजूदा स्तर से करीब पांच फीट ऊंचा किया जाएगा।

श्री गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर गोहाली नंबर 4 के पुनर्निर्माण का शुभ मुहूर्त विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर गौशाला के अध्यक्ष गोपाल हरलालका, कार्यकारी अध्यक्ष रमेश शर्मा, उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा तथा कार्यकारिणी सदस्य अमित अगरवाला (गोपी) सहित गौशाला से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।

हर साल की बाढ़ बनी चुनौती, अब स्थायी समाधान की पहल

गौशाला समिति के अनुसार, नाज़िरा क्षेत्र में लगभग हर वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण गौशाला में रह रही गायों की सुरक्षा और देखभाल में कई तरह की परेशानियां उत्पन्न होती हैं। बाढ़ का पानी गोहालियों में प्रवेश करने पर गायों को सुरक्षित स्थान पर रखने के साथ उनके चारे और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए गौशाला प्रबंधन ने मौजूदा गोहालियों के प्लिंथ लेवल को करीब पांच फीट ऊंचा करने की दीर्घकालिक योजना तैयार की है। इसका प्रमुख उद्देश्य भविष्य में बाढ़ का पानी गोहालियों में प्रवेश करने के जोखिम को कम करना और गौमाता के लिए अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित तथा टिकाऊ आश्रय तैयार करना है।

पहले चरण में 2400 वर्गफुट की गोहाली नंबर 4

वर्तमान में गौशाला परिसर में चार गोहालियां और एक सांड गोहाली मौजूद हैं। व्यापक पुनर्निर्माण योजना के पहले चरण में करीब 2400 वर्गफुट क्षेत्रफल वाली गोहाली नंबर 4 का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।

समिति के मुताबिक, इस गोहाली का प्लिंथ लेवल वर्तमान स्तर से करीब पांच फीट ऊंचा किया जाएगा। निर्माण कार्य इस तरह विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में बाढ़ के दौरान गायों की सुरक्षा के साथ चारे तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम किया जा सके।

करीब 16.80 लाख की अनुमानित लागत

गौशाला समिति ने गोहाली के पुनर्निर्माण पर करीब 700 रुपए प्रति वर्गफुट की अनुमानित लागत निर्धारित की है। इस आधार पर 2400 वर्गफुट के प्रस्तावित निर्माण पर लगभग 16.80 लाख खर्च होने का अनुमान है।

हालांकि, समिति के अनुसार यह प्रारंभिक अनुमान है और वास्तविक लागत निर्माण सामग्री, श्रम तथा कार्य के दौरान सामने आने वाली अन्य आवश्यकताओं के आधार पर निर्धारित होगी।

गोपाल हरलालका बोले—यह सिर्फ निर्माण नहीं, गौमाता की सुरक्षा का संकल्प

इस अवसर पर गौशाला के अध्यक्ष गोपाल हरलालका ने कहा कि पुनर्निर्माण परियोजना का मूल उद्देश्य केवल एक गोहाली को ऊंचा करना नहीं, बल्कि नाज़िरा में हर साल आने वाली बाढ़ को देखते हुए गौमाता के लिए एक सुरक्षित और स्थायी व्यवस्था विकसित करना है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष बाढ़ के समय गौमाता की सुरक्षा, उनके चारे और देखभाल को लेकर अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए हमने गोहालियों का प्लिंथ लेवल करीब पांच फीट ऊंचा करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में गोहाली नंबर 4 का पुनर्निर्माण किया जा रहा है और हमारा प्रयास रहेगा कि इसके बाद अन्य गोहालियों को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाए।

हरलालका ने आगे कहा कि यह केवल गौशाला समिति की परियोजना नहीं, बल्कि समाज और सभी गौभक्तों की सहभागिता से पूरा होने वाला सेवा कार्य है। हमारा उद्देश्य ऐसा स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करना है, जिससे भविष्य में बाढ़ आने पर गौमाता को सुरक्षित रखने और उनकी आवश्यक देखभाल करने में कम से कम परेशानी हो।

उन्होंने गौभक्तों, श्रद्धालुओं, दानदाताओं और समाज के सभी वर्गों से अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इस परियोजना में सहयोग करने की अपील भी की।

एक-एक कर अन्य गोहालियों का भी होगा पुनर्निर्माण

समिति की योजना गोहाली नंबर 4 तक सीमित नहीं है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद परिसर की अन्य गोहालियों को भी एक-एक करके चरणबद्ध तरीके से पुनर्निर्मित और विकसित करने की योजना बनाई गई है।

इस व्यापक योजना के जरिए पूरे गौशाला परिसर को भविष्य की बाढ़ के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा। समिति का मानना है कि ऊंचे प्लिंथ पर विकसित गोहालियां न केवल गायों की सुरक्षा में सहायक होंगी, बल्कि चारे और अन्य जरूरी सामग्री को भी बाढ़ के पानी से सुरक्षित रखने में मदद करेंगी।

गौभक्तों और समाज से सहयोग की अपील

गौशाला प्रबंधन ने कहा कि इतनी व्यापक परियोजना को सफल बनाने के लिए जनसहयोग महत्वपूर्ण होगा। समिति ने गौभक्तों, श्रद्धालुओं, दानदाताओं और समाज के लोगों से अपनी श्रद्धा एवं सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक तथा अन्य संभव सहयोग देने का आह्वान किया है।

समिति का कहना है कि समाज के सहयोग से बनने वाला यह बाढ़रोधी बुनियादी ढांचा आने वाले वर्षों तक गौमाता की सुरक्षा और बेहतर देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यकारिणी की बैठक में विकास कार्यों पर भी निर्णय

उल्लेखनीय है कि हाल ही में आयोजित गौशाला कार्यकारिणी समिति की बैठक में गोहालियों के विकास और पुनर्निर्माण कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। बैठक में गौशाला से जुड़े अन्य दायित्वों का भी निर्धारण किया गया।

इसी क्रम में अमित अगरवाला (गोपी) को गौशाला के विवाह भवन के चेयरमैन का दायित्व सौंपा गया, जबकि रमेश सिंघानिया को बर्तन भंडार की जिम्मेदारी दी गई।

गौशाला प्रबंधन का प्रयास है कि योजनाबद्ध विकास कार्यों और समाज के सहयोग से परिसर में ऐसी दीर्घकालिक व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे भविष्य में बाढ़ के दौरान गौमाता की सुरक्षा, चारे और अन्य आवश्यक देखभाल को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!