जोरहाट को विकास की बड़ी सौगात : चिनामरा रेलवे ओवरब्रिज समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन : मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा—आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ जनसेवा को नई गति देना सरकार की प्राथमिकता : 49.62 करोड़ की लागत से बने जिला आयुक्त कार्यालय का लोकार्पण, शिक्षा क्षेत्र में भी नई सुविधाओं का विस्तार
रेलवे ओवरब्रिज से जाम से मिलेगी राहत, मरियानी-तिताबर के साथ नागालैंड तक व्यापारिक एवं परिवहन संपर्क होगा मजबूत

जोरहाट, 13 सितंबर : जोरहाटवासियों के लिए रविवार का दिन विकास की कई महत्वपूर्ण सौगात लेकर आया। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने जिले में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से यातायात एवं संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्रशासनिक सेवाओं को आधुनिक बनाने और शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
इस अवसर पर जोरहाट के विधायक जितेंद्र नाथ गोस्वामी, टियोक के विधायक विकास सैकिया, मरियानी के विधायक ज्योति कुर्मी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

चिनामरा रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन, वर्षों पुरानी यातायात समस्या से राहत की उम्मीद
दिन की प्रमुख परियोजनाओं में चिनामरा का नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन करते हुए इसे क्षेत्र की यातायात एवं संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बताया।
रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान लंबे समय तक फाटक बंद रहने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को जाम एवं इंतजार की समस्या का सामना करना पड़ता था। नए रेलवे ओवरब्रिज के चालू होने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। अब ट्रेनों के गुजरने के दौरान सड़क यातायात बाधित नहीं होगा और लोगों का आवागमन अधिक सुचारु एवं सुविधाजनक हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और रेल संपर्क का लाभ केवल यातायात व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार होती है।

मरियानी-तिताबर के साथ नागालैंड तक संपर्क को मिलेगी मजबूती
चिनामरा रेलवे ओवरब्रिज के शुरू होने से जोरहाट शहर के साथ-साथ मरियानी और तिताबर की ओर आवागमन करने वाले लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों और वाहन चालकों का समय बचेगा तथा यातायात अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
इसके अलावा पड़ोसी राज्य नागालैंड के साथ व्यापारिक एवं परिवहन संपर्क को मजबूत करने की दृष्टि से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से माल परिवहन और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ अंतरराज्यीय संपर्क और सुगम होने की संभावना है।

53 बीघा से अधिक भूमि पर 49.62 करोड़ रुपये में बना आधुनिक जिला आयुक्त कार्यालय
मुख्यमंत्री ने चिनामरा में 53 बीघा से अधिक भूमि पर 49.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जिला आयुक्त के एकीकृत कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। इस महत्वाकांक्षी प्रशासनिक परियोजना का शिलान्यास 15 दिसंबर 2022 को किया गया था।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह नया भवन जोरहाट जिला प्रशासन के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित, प्रभावी और जनसुलभ बनाना है।
नए कार्यालय परिसर में 151 सीटों वाला सभागार, 60 सीटों वाला सम्मेलन कक्ष, 50 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा व्यवस्था, पर्याप्त पार्किंग तथा कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के कारण जहां विभिन्न प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी, वहीं सरकारी कार्यों के लिए आने वाले आम नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

ऐतिहासिक ‘लाल कोर्ट’ से आधुनिक प्रशासनिक परिसर तक जोरहाट का नया सफर
जोरहाट की प्रशासनिक विरासत भी इस बदलाव को विशेष महत्व देती है। वर्ष 1914 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान निर्मित ऐतिहासिक ‘लाल कोर्ट’ से लेकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए एकीकृत प्रशासनिक भवन तक जोरहाट का प्रशासनिक सफर अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
यह बदलाव केवल जिला प्रशासन के कार्यालय को एक भवन से दूसरे भवन में स्थानांतरित करने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-सक्षम, व्यवस्थित और अधिक जनमुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

लुईतपरिया मिरींग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को मिला नया भवन
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला। उन्होंने लुईतपरिया मिरींग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया।
वर्ष 1983 में स्थापित इस शिक्षण संस्थान के नए भवन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। नए आधारभूत ढांचे से विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

शिवसागर विश्वविद्यालय के नए छात्रावास का भी लोकार्पण
इसी क्रम में शिवसागर विश्वविद्यालय के नए छात्रावास को भी समर्पित किया गया। छात्राओं के लिए निर्मित यह नया आवासीय परिसर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर भवन, छात्रावास एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास को सरकार की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की व्यापक पहल का हिस्सा माना जा रहा है।

‘परियोजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आम लोगों के जीवन को आसान बनाना’
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई परियोजनाओं का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करना है जिनका सीधा और वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क एवं रेलवे संपर्क, आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार किसी भी राज्य के समग्र विकास की आधारशिला है। विकास योजनाओं की सार्थकता तभी है जब उनसे लोगों का जीवन अधिक आसान, सुविधाजनक और बेहतर बने।
मुख्यमंत्री के अनुसार परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से लोगों के समय की बचत होगी, व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा। राज्य सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ जनसेवा को अधिक प्रभावी एवं जनमुखी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

एक ही दिन में परिवहन, प्रशासन और शिक्षा क्षेत्र को विकास की सौगात
एक ही दिन में रेलवे संपर्क, यातायात व्यवस्था, जिला प्रशासन, विद्यालय और विश्वविद्यालय से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के उद्घाटन से जोरहाट एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जहां चिनामरा रेलवे ओवरब्रिज रोजमर्रा के आवागमन को आसान बनाने और यातायात जाम की समस्या कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, वहीं आधुनिक एकीकृत जिला आयुक्त कार्यालय प्रशासनिक सेवाओं को अधिक व्यवस्थित एवं जनसुलभ बनाने का आधार तैयार करेगा।
इसी तरह विद्यालय के नए भवन और विश्वविद्यालय के छात्रावास से विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा। परिवहन से लेकर प्रशासन और शिक्षा तक विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ आधारभूत ढांचे को मजबूत करने वाली इन परियोजनाओं के कारण 13 सितंबर का दिन जोरहाट के लिए आधुनिक विकास, बेहतर संपर्क और मजबूत जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।




