शिवसागर में बाढ़ का कहर : 3.75 लाख से अधिक लोग प्रभावित, 300 गांव जलमग्न : 46 राहत शिविरों में लगभग 14,800 लोग शरण लिए हुए, 5,197 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र जलमग्न : नाजिरा सबसे अधिक प्रभावित, 2.47 लाख से अधिक पशुधन प्रभावित : राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

शिवसागर, 23 जुलाई : असम सरकार के डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS Assam) द्वारा 23 जुलाई 2026 को जारी जिला बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार शिवसागर जिले में बाढ़ की स्थिति अब भी अत्यंत गंभीर बनी हुई है। जिले के नाजिरा, शिवसागर, सोनारी (आंशिक), अमगुरी और डिमौ राजस्व परिक्षेत्रों के कुल 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार जिले में 3,75,682 लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं तथा 5,197.49 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र नाजिरा है, जहां बाढ़ का असर जनजीवन, कृषि और पशुधन पर सबसे अधिक पड़ा है।
नाजिरा और शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार नाजिरा राजस्व परिक्षेत्र के 126 गांवों में 83,792 लोग प्रभावित हुए हैं और यहां 3,119 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हुई है। शिवसागर राजस्व परिक्षेत्र के 66 गांवों में 1,82,277 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 653.49 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसके अलावा सोनारी (आंशिक) के 19 गांवों में 26,752, अमगुरी के 62 गांवों में 33,607 तथा डिमौ के 27 गांवों में 49,254 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में अब भी हजारों परिवार जलभराव के कारण सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं।
46 राहत शिविर और 124 राहत वितरण केंद्र संचालित
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन ने जिलेभर में 46 राहत शिविर तथा 124 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें नाजिरा में 16, शिवसागर में 5, अमगुरी में 18 तथा डिमौ में 7 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से दूरदराज के प्रभावित गांवों तक भी आवश्यक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
करीब 15 हजार लोग राहत शिविरों में आश्रय लिए हुए
रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में 14,788 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इनमें 7,511 पुरुष, 6,027 महिलाएं, 1,195 बच्चे, 40 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं तथा 15 दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 1,78,777 लोग राहत शिविरों के बाहर रहते हुए राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता प्राप्त कर रहे हैं। प्रशासन लगातार भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।
चार लोगों की मौत की पुष्टि
DRIMS रिपोर्ट के अनुसार नाजिरा राजस्व परिक्षेत्र में बाढ़ के कारण चार लोगों की मृत्यु की पुष्टि की गई है। मृतकों में नवज्योति गोगोई (45), रहाना आरा अहमदा (30), अम्लान बरगोहाईं (18) और रतुल सावरा (40) शामिल हैं। रिपोर्ट तैयार होने तक जिले में किसी व्यक्ति के आधिकारिक रूप से लापता होने का उल्लेख नहीं किया गया है।
पशुधन पर भी भारी असर
बाढ़ का गंभीर प्रभाव पशुधन पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 2,47,681 पशु-पक्षी प्रभावित हुए हैं। इनमें 47,488 बड़े पशु, 29,914 छोटे पशु तथा 1,70,279 पोल्ट्री शामिल हैं। सबसे अधिक पशुधन प्रभावित होने की सूचना नाजिरा क्षेत्र से मिली है। कई इलाकों में पशुओं के लिए चारे और सुरक्षित आश्रय की समस्या भी बनी हुई है।
राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी
जिले में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। NDRF, SDRF, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवक भी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार जिले में 72 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं तथा 75 राहत नौकाओं के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 4,424 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा राहत एवं निगरानी कार्यों के लिए एक हेलिकॉप्टर भी तैनात किया गया है।
बड़े पैमाने पर राहत सामग्री का वितरण
प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों तक बड़ी मात्रा में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। अब तक 1,221.7 क्विंटल चावल, 228.435 क्विंटल दाल, 62.6 क्विंटल नमक तथा 5,529 लीटर सरसों का तेल वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा मिनरल वाटर, बिस्कुट, मोमबत्तियां, मच्छर कॉइल, ब्लीचिंग पाउडर, हैलोजन टैबलेट, तिरपाल और पशु चारा जैसी आवश्यक सामग्री भी प्रभावित लोगों तक पहुंचाई गई है।
तटबंध, सड़क और बिजली व्यवस्था को नुकसान
बाढ़ के कारण जिले की आधारभूत संरचना को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार शिवसागर राजस्व परिक्षेत्र में चार प्रमुख तटबंध प्रभावित हुए हैं। इनमें मिटोंग नदी का बायां तटबंध, दिखौ नदी का बायां एवं दायां तटबंध तथा दरिका नदी का दायां तटबंध शामिल हैं। कई स्थानों पर तटबंधों के ऊपर से पानी बहने (Overtopping) की स्थिति दर्ज की गई है।
इसके अलावा नाजिरा क्षेत्र में दो प्रमुख सड़कों को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। बिजली विभाग के अनुसार 31 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा लगभग 5.4 किलोमीटर विद्युत लाइन टूटने से कई गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। मरम्मत कार्य लगातार जारी है।
क्षति का आकलन अभी जारी
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि नाजिरा, अमगुरी और डिमौ क्षेत्रों में बाढ़ से हुई क्षति का विस्तृत आकलन अभी जारी है, जबकि शिवसागर क्षेत्र में भी नुकसान का अंतिम मूल्यांकन पूरा नहीं हुआ है। प्रशासन का मानना है कि जलस्तर पूरी तरह सामान्य होने के बाद वास्तविक नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
स्थिति अब भी गंभीर, प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की
हालांकि राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन बड़ी आबादी के प्रभावित होने, हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि के जलमग्न होने, पशुधन को हुए भारी नुकसान तथा तटबंधों और आधारभूत संरचना को पहुंची क्षति के कारण स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।




