शिवसागर में बाढ़ राहत व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन का बड़ा कदम : डीसी मृदुल यादव ने जारी किया विशेष आदेश : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए जोनल और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति : राहत वितरण से लेकर चिकित्सा, पेयजल और निगरानी तक की जिम्मेदारी तय

शिवसागर, 20 जुलाई : शिवसागर जिले में लगातार बनी हुई बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था लागू कर दी है। जिला दंडाधिकारी मृदुल यादव ने सोमवार को एक विस्तृत आदेश जारी कर जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए जोनल अधिकारियों (Zonal Officers) तथा सेक्टर/सहायक अधिकारियों (Sector/Assisting Officers) की नियुक्ति की है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान बाढ़ संकट के दौरान राहत सामग्री के वितरण, बचाव कार्यों की निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बाढ़ प्रभावित परिवार को राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा अथवा अन्य आवश्यक सेवाओं से वंचित न रहना पड़े।

पांच प्रमुख राजस्व क्षेत्रों के लिए नियुक्त किए गए जोनल अधिकारी
आदेश के अनुसार जिले के पांच प्रमुख राजस्व क्षेत्रों के लिए अलग-अलग जोनल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
मितब्रिंदा गोगोई (ACS), सर्किल अधिकारी एवं कार्यपालक दंडाधिकारी को शिवसागर राजस्व क्षेत्र
परिश्मिता दिहिंगिया (ACS) को डिमौ राजस्व क्षेत्र,
अरूप बिर कामिया (ALRS) को आमगुड़ी राजस्व क्षेत्र
चंदना बरुआ (ALRS) को नाजिरा राजस्व क्षेत्र
नेकीब सैयद बरुआ (ALRS) को शिवसागर अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनारी राजस्व क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के पर्यवेक्षण, समन्वय और निगरानी का दायित्व दिया गया है।
आठ सेक्टर अधिकारियों को भी सौंपी गई जमीनी जिम्मेदारी
जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी के लिए आठ सेक्टर अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें सिंचाई विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग तथा श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
सेक्टर-1 (नाजिरा राजस्व क्षेत्र) के लिए प्रकाश चुटिया, कार्यपालक अभियंता (सिंचाई विभाग) को नियुक्त किया गया है। उनका संपर्क नंबर 9678288180 है।
सेक्टर-2 (नाजिरा राजस्व क्षेत्र) की जिम्मेदारी हिरण्यजीत दुआरा, सहायक कार्यपालक अभियंता (सिंचाई विभाग) को दी गई है। उनका संपर्क नंबर 9954816434 है।
सेक्टर-3 (शिवसागर राजस्व क्षेत्र) में मोफिदुल इस्लाम, सहायक कार्यपालक अभियंता, सिंचाई विभाग को नियुक्त किया गया है। उनका संपर्क नंबर 7002237982 है।
सेक्टर-4 (शिवसागर राजस्व क्षेत्र) के लिए दिगंत कुमार पुजारी, उप निदेशक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को नियुक्त किया गया है। उनका संपर्क नंबर 8486664919 है।
सेक्टर-5 (आमगुड़ी राजस्व क्षेत्र) में एम. डी. दिलदार हुसैन, सहायक निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका संपर्क नंबर 6838041561 है।
सेक्टर-6 (आमगुड़ी राजस्व क्षेत्र) के लिए नबरंजन दास, ऑडिट अधिकारी, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग को नियुक्त किया गया है। उनका संपर्क नंबर 9954121513 है।
सेक्टर-7 (डिमौ राजस्व क्षेत्र) की जिम्मेदारी चंदन माछारी, ऑडिट अधिकारी, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग को दी गई है। उनका संपर्क नंबर 9401253567 है।
सेक्टर-8 (सोनारी राजस्व क्षेत्र, शिवसागर अधिकार क्षेत्र) के लिए ब्रजेन बरुआ, सहायक श्रम आयुक्त को नियुक्त किया गया है। उनका संपर्क नंबर 9435342695 है।

जोनल अधिकारियों को दिए गए व्यापक अधिकार और जिम्मेदारियां
जिला प्रशासन ने जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की संपूर्ण निगरानी करने, सेक्टर अधिकारियों तथा अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और राहत सामग्री के वितरण की नियमित समीक्षा करने का दायित्व सौंपा है। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि गांव प्रधानों, लॉट मंडलों (LRA) तथा अन्य कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में तैनाती हो, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
इसके अतिरिक्त जोनल अधिकारियों को सेक्टर अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट प्राप्त कर उसका समेकित प्रतिवेदन तैयार कर जिला आयुक्त के माध्यम से संबंधित प्राधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सेक्टर अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने, राहत सामग्री का निष्पक्ष एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने तथा लाभार्थियों का संपूर्ण रिकॉर्ड संधारित करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें राहत सामग्री की प्राप्ति, वितरण और लाभार्थियों का पूरा विवरण तैयार कर नियमित रूप से संबंधित जोनल अधिकारी को रिपोर्ट सौंपनी होगी।
यदि किसी क्षेत्र में राहत सामग्री की कमी, परिवहन संबंधी समस्या, लोगों की निकासी, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता अथवा अन्य किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित जोनल अधिकारी और जिला प्रशासन को देना अनिवार्य होगा।
राहत शिविर, स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
जिला विद्यालय निरीक्षक को ऐसे विद्यालयों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर के रूप में उपयोग किया जा सके। साथ ही सभी बीईईओ (BEEO) को राहत कार्यों के लिए शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ तथा मोबाइल मेडिकल यूनिट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। वहीं लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग को राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
बीडीओ और पंचायत सचिव भी निभाएंगे अहम भूमिका
जिले के शिवसागर, डिमौ, नाजिरा, गौरीसागर और आमगुड़ी के खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्रवार ग्राम पंचायत सचिवों की तैनाती सुनिश्चित करें और उन्हें जोनल तथा सेक्टर अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों में सक्रिय रूप से लगाया जाए।
सभी अधिकारी रहेंगे 24 घंटे उपलब्ध
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राहत कार्यों में लगाए गए सभी अधिकारी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर सौंपे जाने वाले अन्य दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी संबंधित अधिकारी एवं विभाग अतिरिक्त जिला आयुक्त सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) मीनाक्षी पार्मे, ACS को नियमित रूप से रिपोर्ट करेंगे।
राहत कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पहल
आदेश की प्रतिलिपि जिला विकास आयुक्त, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सभी अतिरिक्त जिला आयुक्त, सभी सहायक आयुक्त एवं कार्यपालक दंडाधिकारी, संबंधित सर्किल अधिकारियों, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी तथा जिला परियोजना अधिकारी (DDMA) सहित सभी संबंधित विभागों को भेजी गई है।
जिला प्रशासन का मानना है कि यह नई प्रशासनिक व्यवस्था राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगी। प्रत्येक क्षेत्र के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय होने से राहत सामग्री का वितरण तेज और व्यवस्थित होगा, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत होगा तथा बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाना संभव हो सकेगा। यह व्यवस्था वर्तमान बाढ़ संकट से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में जिला प्रशासन का एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम मानी जा रही है।




