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वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रख्यात चिकित्सा शिक्षाविद् डॉ. गिरिन्द्रनाथ (डॉ. गिरिन गोगोई) गोगोई का निधन : डिब्रूगढ़ के चिकित्सा जगत को अपूरणीय क्षति : असम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर एवं मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ ने शुक्रवार शाम 7:14 बजे ली अंतिम सांस : चिकित्सकों, विद्यार्थियों और समाज में शोक की लहर

डिब्रूगढ़, 17 जुलाई : डिब्रूगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक, प्रख्यात चिकित्सा शिक्षाविद् तथा असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (AMCH) के मेडिसिन विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. गिरिन्द्रनाथ गोगोई (डॉ. गिरिन गोगोई) का शुक्रवार शाम लगभग 7:14 बजे निधन हो गया। उनके निधन से असम के चिकित्सा एवं शिक्षाजगत में गहरा शोक व्याप्त है। उन्हें चिकित्सा सेवा, मेडिकल शिक्षा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित जीवन के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था।

हजारों मरीजों के भरोसेमंद चिकित्सक रहे डॉ. गोगोई

डॉ. गिरिन्द्रनाथ गोगोई ने अपने लंबे चिकित्सकीय जीवन में हजारों मरीजों का उपचार संवेदनशीलता, ईमानदारी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ किया। एक चिकित्सक के रूप में उनकी पहचान केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे मरीजों के प्रति आत्मीय व्यवहार, नैतिक चिकित्सा पद्धति और समाज सेवा की भावना के लिए भी विशेष रूप से जाने जाते थे। यही कारण था कि उन्हें विभिन्न आयु वर्ग के लोगों का समान सम्मान और विश्वास प्राप्त था।

चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छोड़ी अमिट छाप

असम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर के रूप में उन्होंने अनेक युवा चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ चिकित्सा पेशे की नैतिकता, अनुशासन और सेवा भावना का भी प्रशिक्षण दिया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक चिकित्सक आज देश और विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके विद्यार्थी उन्हें केवल शिक्षक नहीं, बल्कि प्रेरक मार्गदर्शक और आदर्श गुरु के रूप में याद करते हैं।

निधन की खबर से चिकित्सा जगत में शोक

डॉ. गोगोई के निधन का समाचार मिलते ही डिब्रूगढ़ सहित पूरे क्षेत्र के चिकित्सकों, मेडिकल शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और उनके असंख्य शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। अनेक लोगों ने उन्हें चिकित्सा क्षेत्र का स्तंभ, उत्कृष्ट शिक्षक, कुशल मार्गदर्शक तथा अत्यंत सरल एवं विनम्र व्यक्तित्व का धनी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों की विरासत

चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि डॉ. गिरिन्द्रनाथ गोगोई का निधन केवल एक वरिष्ठ चिकित्सक का निधन नहीं, बल्कि चिकित्सा सेवा, शिक्षा और मानवीय मूल्यों के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अवसान है। उनका संपूर्ण जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि ज्ञान, करुणा और सेवा के माध्यम से समाज में स्थायी पहचान बनाई जा सकती है। उन्होंने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।

परिवार, विद्यार्थियों और समाज के लिए अपूरणीय क्षति

डॉ. गोगोई के निधन से चिकित्सा एवं शिक्षाजगत को हुई क्षति को अपूरणीय बताया जा रहा है। उनके परिवार, मित्रों, सहकर्मियों, विद्यार्थियों तथा अनगिनत मरीजों के लिए यह अत्यंत दुःखद क्षण है। उनकी स्मृतियां, उनके आदर्श, उनकी शिक्षाएं और समाज के प्रति उनका समर्पण सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेंगे।

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