
डिमौ, 14 जुलाई : असम में तेजी से बढ़ रहे अवैध चुलाई शराब तथा देशी-विदेशी मदिरा के अवैध निर्माण और सेवन के खिलाफ असम चाय जनजाति छात्र संघ (आट्सा) की डिमौ शाखा ने व्यापक जनजागरण अभियान शुरू किया है। संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि संबंधित विभाग अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं, तो समाज स्वयं आगे आकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगा।

इसी उद्देश्य से मंगलवार से आट्सा डिमौ शाखा ने अपनी विभिन्न उपशाखाओं के सहयोग से चाय बागानों में “मद निवारण जागरूकता सभा” अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के माध्यम से लोगों को शराब के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के साथ-साथ अवैध शराब के कारोबार की सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
चाय बागानों में चलाया जाएगा व्यापक जनजागरण अभियान
संगठन के अनुसार, हाल के दिनों में अवैध चुलाई शराब, देशी शराब तथा विदेशी शराब के अवैध कारोबार और सेवन की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। इसे रोकने के लिए चाय बागानों में चरणबद्ध तरीके से जागरूकता सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जहां स्थानीय लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा।
आट्सा का कहना है कि शराब केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसलिए इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जनभागीदारी सबसे प्रभावी हथियार है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गोपनीय
अभियान के तहत आट्सा डिमौ शाखा ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन की शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
ATTSA हेल्पलाइन नंबर :
9101457120 और 8011167961
संगठन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके क्षेत्र में अवैध शराब का निर्माण, बिक्री या सेवन हो रहा है तो वे बिना किसी भय के इन नंबरों पर सूचना दें, ताकि संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इन नेताओं की रही प्रमुख उपस्थिति
जागरूकता सभा में आट्सा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
आट्सा केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिगंत तासा, राजकिशोर भूमिज, शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष दिपु तांती, आटसा डिमौ शाखा के अध्यक्ष विश्वनाथ नाग, शाखा सचिव अमन मृधा तथा संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अवैध शराब की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए केवल सरकारी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। समाज, युवाओं, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध शराब के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं और नशामुक्त, सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग दें।




