
शिवसागर, असम: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शिवसागर जिला संघचालक तथा शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी कमलेश्वर सैकिया का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।
जयसागर के निवासी श्री सैकिया को शुक्रवार सुबह किडनी रोग से पीड़ित अवस्था में जयसागर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
कमलेश्वर सैकिया का जन्म 4 मार्च 1956 को नौगांव जिले के सामागुड़ी में हुआ था। उन्होंने शिवसागर जिले में आरएसएस के नगर कार्यवाह, जिला कार्यवाह और विभाग कार्यवाह के विभिन्न पदों पर कार्य किया। वर्तमान में वे शिवसागर जिला संघचालक के दायित्व का भार संभाल रहे थे। उन्होंने जिले में संघ की शाखाओं को मजबूत करने, युवाओं को राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और चरित्र निर्माण की शिक्षा देने तथा सामाजिक सेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रौढ़ शिक्षा विभाग के हेड असिस्टेंट पद से सेवानिवृत्त कमलेश्वर सैकिया शिवसागर जिला कर्मचारी परिषद सहित अनेकों संगठनों में भी सक्रिय थे। वे शंकरदेव शिशु निकेतन के सचिव और अध्यक्ष रह चुके थे तथा भारत माता पूजा समिति के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे।
शुक्रवार देर शाम जयसागर के कृष्णा नगर पथ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को शहर के गोहांई चौक स्थित आरएसएस जिला कार्यालय लाया गया। जहां जिला सह-संघचालक मुनींद्र कुंवर, जिला प्रचारक देवानंद कोच, विभाग व्यवस्था प्रमुख राघवेन्द्र जोशी, जिला कार्यवाह नव गोगोई, विभाग सेवा प्रमुख सीमांत गोगोई, जिला व्यवस्था प्रमुख मनीष गट्टाणी सहित अनेक आरएसएस स्वयंसेवकों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके निधन से संघ परिवार में शोक की लहर है। आरएसएस असम प्रांत के पदाधिकारियों ने कमलेश्वर सैकिया को एक समर्पित, सादगीपूर्ण और कर्तव्यनिष्ठ स्वयंसेवक बताया।
जिला व्यवस्था प्रमुख मनीष गट्टाणी ने कहा कि कमलेश्वर जी का जाना संघ परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शिवसागर जिले में संघ की जड़ों को मजबूत किया और सैकड़ों युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा दी।
कमलेश्वर सैकिया अपनी पत्नी, एक पुत्र और बहू सहित भरापुरा परिवार को छोड़कर गए हैं। शुक्रवार देर शाम शहर के थानाघाट स्थित शांतिवन मुक्तिद्वार श्मशान घाट पर शोकाकुल माहौल में उनकी अंत्येष्टि क्रिया संपन्न की गई। अंतिम संस्कार के समय आरएसएस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या उपस्थित रही।
उनके निधन पर राज्यसभा सांसद जोगेन मोहन, विधायक सुशांत बोरगोहांई, पूर्व विधायक कुशल दुवरी, बीजेपी जिलाध्यक्ष बितोपन रायडोंगिया, महिला मोर्चा अध्यक्ष जूली पाटर, युवा मोर्चा अध्यक्ष समीरन बरदलै, एकल अभियान, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती, बजरंग दल, राष्ट्र सेविका समिति, आरएसएस कार्यकर्ताओं, स्थानीय संगठनों और आम नागरिकों में गहरा शोक व्याप्त है।
शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों में सक्रिय रहे। लोग उन्हें एक समर्पित समाजसेवी और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में याद करेंगे।




