
शिवसागर, असम: पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक केंद्र ऐतिहासिक शिवसागर के प्रसिद्ध श्री श्याम मंदिर निरालाधाम में श्री शिव परिवार एवं श्री राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ का भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह पावन आयोजन आगामी 2 और 3 मई को दो दिवसीय विस्तृत कार्यक्रम के रूप में संपन्न होगा। इस श्रद्धा एवं भक्तिभाव से भरे आयोजन को लेकर शहर के श्याम भक्तों में खासा उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। गौरतलब है कि श्री श्याम मंदिर निरालाधाम पूरे पूर्वोत्तर राज्यों में श्याम भक्तों के बीच जागृत और चमत्कारिक मंदिर के रूप में प्रतिष्ठित है। 1988 में स्थापित श्री श्याम मंडल शिवसागर की निरंतर प्रयासों से 2002 में मंदिर निर्माण का सपना साकार हुआ। 2003 में मंदिर की नींव रखी गई और भक्तों के मुक्तहस्त सहयोग से 2013 में विशाल 101 फुट ऊंचे श्री श्याम मंदिर निरालाधाम की भव्य प्राण प्रतिष्ठा हुई थी।
इसके बाद ही श्रद्धालुओं की मांग पर निरालाधाम के मुख्य मंडप के समीप ही दोनों ओर श्रीराम दरबार एवं शिव परिवार की मूर्तियों की स्थापना की गई थी। पिछले वर्ष 2025 में 30 अप्रैल से 3 मई तक चार दिवसीय कार्यक्रम के साथ श्री राम दरबार एवं शिव परिवार की मूर्तियों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। अब इन मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की प्रथम वर्षगांठ का भव्य आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों के शामिल होने की संभावना है। इस आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के पहले दिन 2 मई शनिवार को सुबह 8:11 बजे से अखंड श्री रामायण पाठ का शुभारंभ होगा। वहीं दूसरे दिन 3 मई रविवार को प्रातः 8:11 बजे से श्री शिव परिवार में आशुतोष बाबा भोलेशंकर का अभिषेक एवं अखंड श्री रामायण पाठ का समापन होगा। सायं 4:31 बजे से मोरान संगीतमय सुंदरकांड समिति की टीम द्वारा सामूहिक श्री सुंदर काण्ड पाठ किया जाएगा। जिसके समापन पर आरती रात्रि 8:31 बजे से महाप्रसाद के रूप में अमृत भंडारा का आयोजन होगा।
निरालाधाम में हर साल फाल्गुन एवं कार्तिक एकादशी पर बड़े आयोजन होते हैं तथा हर माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा श्री श्याम के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। इस बार श्री शिव परिवार एवं श्री राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ का समारोह भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। श्री श्याम मंडल शिवसागर ने इस दो दिवसीय भव्य धर्मायोजन में सभी श्रद्धालु श्याम भक्तों, राम भक्तों एवं शिव भक्तों से सपरिवार उपस्थिति एवं सक्रिय सहयोग की कामना की है। सभी की सक्रिय भागीदारी इस गरिमामयी धर्मायोजन को सफल बनाएगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आशुतोष भगवान मुक्तिनाथ की नगरी कहे जाने वाले ऐतिहासिक शिवसागर को पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में और अधिक प्रतिष्ठित करेगा।




