लाइट कैमरा एक्शन असम के दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य समापन : युवा प्रतिभाओं ने बिखेरी कला की चमक : राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता, विशेष नृत्य कार्यशाला और ‘ज्योतिर्मय पुरस्कार’ समारोह बना असम की नई पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा का मंच
शिवसागर के गायक-संगीत निर्देशक रितपल बरकाकती और डिब्रूगढ़ की बाल नृत्यांगना अनुष्का गोगोई ‘ज्योतिर्मय पुरस्कार’ से सम्मानित

शिवसागर, 6 जुलाई : असम की समृद्ध कला-संस्कृति, पारंपरिक विरासत और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कार्यरत सांस्कृतिक संगठन लाइट कैमरा एक्शन असम के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

4 और 5 जुलाई को ऐतिहासिक शिवसागर शहर के कालीप्रसाद मेमोरियल भवन में आयोजित इस भव्य समारोह ने कला, संगीत, नृत्य और रचनात्मकता से जुड़े युवा कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान किया।

दो दिवसीय इस आयोजन के तहत राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता, विशेष नृत्य कार्यशाला, प्रतिभा प्रदर्शन, पुरस्कार वितरण और प्रतिष्ठित ‘ज्योतिर्मय पुरस्कार’ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में शिवसागर के अलावा जोरहाट, डिब्रूगढ़, चराईदेव, धेमाजी सहित असम के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं के अंदर छिपी हुई कलात्मक प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना रहा। आयोजन स्थल पर दो दिनों तक कला और संस्कृति का उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।
प्रतिभागियों ने जहां चित्रों के माध्यम से अपनी सोच और कल्पनाशक्ति को रंगों में उतारा, वहीं नृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति, भाव और अभिव्यक्ति का सुंदर प्रदर्शन किया। अभिभावकों और दर्शकों ने भी युवा कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

संजय पारीक ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ, प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का दिया संदेश
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ लाइट कैमरा एक्शन असम के अध्यक्ष संजय पारीक ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कला और संस्कृति समाज की पहचान होती है और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि असम की धरती ने हमेशा संगीत, नृत्य, साहित्य और कला के क्षेत्र में देश को कई महान प्रतिभाएं दी हैं। यदि बच्चों को सही समय पर उचित मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

संजय पारीक ने कहा कि लाइट कैमरा एक्शन असम आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करता रहेगा।

राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में दिखी बच्चों की कल्पनाशक्ति
सांस्कृतिक महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बच्चों ने अपनी सोच, सामाजिक संदेशों और रचनात्मक विचारों को रंगों और चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

चित्रकला प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में प्रसिद्ध कलाकार प्रांजल नेओग और परिस्मीता फुकन उपस्थित रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, विषय की समझ, रंगों के चयन और प्रस्तुति शैली के आधार पर मूल्यांकन किया।
उन्होंने प्रतिभागियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि छोटी उम्र में बच्चों की कल्पनाशक्ति और कला के प्रति लगाव भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

विशेष नृत्य कार्यशाला में सीखी मंच प्रस्तुति की बारीकियां
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय विशेष नृत्य कार्यशाला में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में राज्य की प्रतिष्ठित युवा नृत्य कलाकार एवं प्रशिक्षक आकांक्षा प्रियदर्शिनी ने बच्चों और युवा कलाकारों को नृत्य की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने प्रतिभागियों को नृत्य में ताल, लय, भाव-भंगिमा, शारीरिक संतुलन, मंच पर आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी कला को और बेहतर बनाने का अवसर मिला।

‘ज्योतिर्मय पुरस्कार’ से सम्मानित हुई असम की उभरती प्रतिभाएं
समापन समारोह का सबसे खास क्षण रहा प्रतिष्ठित ‘ज्योतिर्मय पुरस्कार’ समारोह। कला और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से विशेष पहचान बनाने वाले दो युवा कलाकारों को इस सम्मान से नवाजा गया।
शिवसागर के उभरते हुए गायक एवं संगीत निर्देशक रितपल बरकाकती को संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों के लिए ‘ज्योतिर्मय पुरस्कार’ प्रदान किया गया।

वहीं डिब्रूगढ़ की प्रतिभाशाली बाल नृत्यांगना अनुष्का गोगोई को नृत्य कला में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए इस सम्मान से सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मान युवा कलाकारों में आत्मविश्वास पैदा करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

नृत्य कार्यशाला के श्रेष्ठ प्रतिभागियों को मिला सम्मान
नृत्य कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
गोगामुख, धेमाजी की ध्रिया नेवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। डिब्रूगढ़ की कस्तूरी हजारिका दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि शिवसागर के अनुराग पासवान ने तीसरा स्थान हासिल किया।

चित्रकला प्रतियोगिता में विजेताओं ने दिखाई प्रतिभा
राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
‘क’ वर्ग में लियान ज्योति गोगोई प्रथम स्थान पर रहे। फारजारा अफरोज ने दूसरा और इनाया हुसैन ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसी वर्ग में कृतिमान बरुआ को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।

‘ख’ वर्ग में अत्रीय शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रूपांकिता बरुआ दूसरे और काव्या कलिता तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा आयुष गोगोई और जासिष्ठा रानी गोगोई को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया।
‘ग’ वर्ग में गरिमा बड़ा ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि दर्शिल राज गोगोई दूसरे और अस्मिता रॉय तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं ‘घ’ वर्ग में समीर गोगोई प्रथम, धरित्री चेतिया द्वितीय और तमन्ना अहमद तृतीय स्थान पर रहीं।

समापन समारोह में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
समापन समारोह में समाज, संस्कृति और विभिन्न संगठनों से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
इस अवसर पर शिवसागर नगर पालिका के कार्यवाहक अध्यक्ष, अधिवक्ता एवं सांस्कृतिक कर्मी संजीव बोरा, ऑल ताई आहोम स्टूडेंट्स यूनियन शिवसागर जिला समिति के अध्यक्ष अखिल आहोम, संयुक्त महासचिव पार्थ गोगोई, जागृति नारी समाज की अध्यक्षा पद्मा चेतिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा लाइट कैमरा एक्शन असम के सलाहकार रवि चौबे, सांस्कृतिक समिति के सलाहकार रातू कुमार दास, कार्यकारी अध्यक्ष वाशिमुर रहमान, उपाध्यक्ष वाकिया अब्जा हक, संयुक्त सचिव मामोनी गोगोई, सह सचिव पापु साहू, आशिफ अली, मुन्ना अग्रवाल, अंजलि बोरा, अंकुरिमा बरुआ, प्रेरणा बरुआ, पूर्णिमा बरुवा, कृष तन्मय भागवती, अलीशा बेगम और प्रज्ञानिता गोगोई सहित बड़ी संख्या में संस्कृति प्रेमी उपस्थित थे।

अकरम हुसैन ने जताया आभार, भविष्य में भी जारी रहेंगे सांस्कृतिक प्रयास
कार्यक्रम के सफल समापन पर लाइट कैमरा एक्शन असम के सचिव अकरम हुसैन ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, निर्णायकों, प्रशिक्षकों, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य असम की कला-संस्कृति को मजबूत बनाना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को उचित पहचान दिलाना है। आने वाले दिनों में भी संगठन विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करता रहेगा।

उत्साह, सम्मान और सांस्कृतिक ऊर्जा से भरपूर इस दो दिवसीय समारोह ने यह संदेश दिया कि असम की युवा पीढ़ी में अपार प्रतिभा है और सही मंच मिलने पर ये कलाकार भविष्य में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।




