असम विधानसभा के पवित्र सदन में आयोजित ‘युवा भारतीय संसद-2026’ में चमकी नामती की दो प्रतिभाएं : राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुईं स्वस्तिका बरबरा और ऋषिता बोरा : स्वस्तिका को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला विशेष सम्मान : संघर्ष और चुनौतियों को पीछे छोड़ सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचीं दो बेटियां : शिवसागर-चराइदेव में खुशी की लहर

शिवसागर, 6 जुलाई : असम विधानसभा के पवित्र प्रेक्षागृह में आयोजित ‘युवा भारतीय संसद-2026’ में अपनी प्रतिभा, तीक्ष्ण बुद्धिमत्ता, आत्मविश्वास और प्रभावशाली वक्तृत्व कला के दम पर शिवसागर जिले के नामती क्षेत्र की दो होनहार बेटियों स्वस्तिका बरबरा और ऋषिता बोरा ने पूरे राज्य में अपनी अलग पहचान बनाई है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों छात्राओं ने अब राष्ट्रीय स्तर पर असम का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल किया है।

33 जिलों के 170 मेधावी विद्यार्थियों के बीच बनाई खास पहचान
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आयोजित ‘युवा भारतीय संसद-2026’ में असम के 33 जिलों की 71 विद्यालयों से चयनित कुल 170 मेधावी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। इससे पहले जिला स्तर पर 1,000 से अधिक विद्यार्थियों के बीच हुई चयन प्रक्रिया के बाद इन प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय मंच तक पहुंचने का अवसर मिला।
राज्य स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर केवल 25 विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए किया गया। इन चयनित विद्यार्थियों में स्थान बनाकर नामती की स्वस्तिका बरबरा और ऋषिता बोरा ने अपने क्षेत्र के साथ-साथ पूरे शिवसागर और चराईदेव जिले को गौरवान्वित किया है।

चराईदेव जिले का प्रतिनिधित्व कर स्वस्तिका बरबरा ने हासिल की विशेष उपलब्धि
नामती के दिकसु माउत गांव निवासी शिक्षक असीम बरबरा और शिक्षिका संगीता बरुआ की पुत्री स्वस्तिका बरबरा ने राज्य स्तरीय युवा संसद में चराईदेव जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
अपने आत्मविश्वास, तार्किक विचारों और प्रभावशाली भाषण शैली के जरिए स्वस्तिका ने निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया और अब वह राष्ट्रीय स्तर के मंच पर असम का प्रतिनिधित्व करेंगी।
विशेष बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित 25 विद्यार्थियों में से प्रदर्शन के आधार पर केवल 15 प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन 15 विद्यार्थियों में शामिल होकर पाटसाकु वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा स्वस्तिका बरबरा ने विशेष सम्मान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

संघर्षों को मात देकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं ऋषिता बोरा
वहीं दूसरी ओर, नामती के बेलिमुखिया चांगमाई गांव के एक साधारण परिवार से आने वाली ऋषिता बोरा की सफलता ने सभी का दिल जीत लिया है।
नगेन बोरा और अंजली बोरा की पुत्री ऋषिता बोरा ने राज्य स्तरीय युवा संसद में शिवसागर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुईं।
ऋषिता स्थानीय दुर्लभ चंद्र गोगोई जकाईचुक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कक्षा 11वीं की छात्रा हैं।

सुविधाओं की कमी भी नहीं रोक सकी ऋषिता के सपनों की उड़ान
कठिन परिस्थितियों और सीमित सुविधाओं के बीच पढ़ाई करने वाली ऋषिता की सफलता आज कई विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
आज भी उनके घर तक पहुंचने के लिए कोई बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्य मार्ग से एक पुराना और जर्जर बांस का पुल पार कर लगभग एक किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय करने के बाद उनके घर तक पहुंचना पड़ता है।
इस रास्ते से न तो दोपहिया और न ही चारपहिया वाहन आसानी से गुजर सकते हैं। इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद ऋषिता ने अपने मजबूत आत्मविश्वास, मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

नामती सहित शिवसागर-चराईदेव में खुशी का माहौल
स्वस्तिका बरबरा और ऋषिता बोरा की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से पूरे नामती क्षेत्र के साथ शिवसागर और चराईदेव जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
विभिन्न संगठनों, शिक्षक समाज और स्थानीय लोगों ने दोनों प्रतिभाशाली छात्राओं की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दोनों बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि— “दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी चुनौती को पार कर सफलता की मंजिल हासिल की जा सकती है।”
स्वस्तिका और ऋषिता की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।




