नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे पर तिनसुकिया में डाक कर्मियों का भव्य सम्मान : मारवाड़ी सम्मेलन ने भारतीय डाक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्मृति-चिह्न, फूलाम गमछा और मिठाई भेंट कर जताया आभार
'पोस्ट सेवा – जनसेवा' के संदेश के साथ डाक विभाग की ऐतिहासिक भूमिका और कर्मनिष्ठा को किया गया नमन

तिनसुकिया, 1 जुलाई : नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे (National Postal Workers Day) के अवसर पर मारवाड़ी सम्मेलन, तिनसुकिया शाखा द्वारा भारतीय डाक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के सबसे पुराने एवं विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा संस्थानों में से एक भारतीय डाक विभाग के कर्मियों की निष्ठा, समर्पण और जनसेवा के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करना था। समारोह में डाक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का फूलाम गमछा, स्मृति-चिह्न एवं मिठाई भेंट कर सम्मानित किया गया।

नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे का महत्व
प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे मनाया जाता है। यह दिवस उन लाखों डाक कर्मियों के समर्पण, ईमानदारी और सेवा भावना को सम्मान देने के लिए समर्पित है, जो देश के शहरों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक संचार, वित्तीय सेवाओं, बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, पार्सल वितरण तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारतीय डाक विभाग की स्थापना 1854 में आधुनिक स्वरूप में हुई थी। आज यह विश्व के सबसे बड़े डाक नेटवर्कों में से एक है, जिसके 1.5 लाख से अधिक डाकघर देश के कोने-कोने तक सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। डिजिटल युग में भी भारतीय डाक विभाग अपनी विश्वसनीयता और जनसेवा के कारण करोड़ों नागरिकों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है।

गरिमामय वातावरण में हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम का संचालन सम्मेलन के जनसंपर्क अधिकारी दीपक बजाज ने किया। उन्होंने सर्वप्रथम शाखा अध्यक्ष पवन केजड़ीवाल, शाखा सचिव बिमल चौखानी, कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र डालमिया तथा प्रधान डाकघर, तिनसुकिया के डिप्टी हेड पोस्टमास्टर रतन डेका को मंचासीन होने के लिए आमंत्रित किया।

संयोजक जितेंद्र डालमिया ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्वागत करते हुए कहा कि डाक विभाग के कर्मियों ने सदैव अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया है, जिसके लिए समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।

भारतीय डाक विभाग देश की अमूल्य धरोहर : दीपक बजाज
अपने स्वागत भाषण में दीपक बजाज ने भारतीय डाक विभाग की गौरवशाली सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा एक समय ऐसा था जब देश के दूरदराज़ क्षेत्रों में संवाद का एकमात्र विश्वसनीय माध्यम डाक विभाग ही था। शुभकामना संदेश, पारिवारिक पत्र, व्यापारिक दस्तावेज़ और सुख-दुःख की खबरें लोगों तक पहुँचाकर डाक विभाग ने केवल पत्र नहीं पहुँचाए, बल्कि दिलों को जोड़ा और समाज को एक सूत्र में बांधे रखा।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में भी भारतीय डाक विभाग ने स्वयं को समय के अनुरूप विकसित किया है। आज डाक विभाग पारंपरिक सेवाओं के साथ बैंकिंग, बचत योजनाएँ, डाक जीवन बीमा, वित्तीय सेवाएँ तथा अनेक सरकारी योजनाओं को आम नागरिकों तक सफलतापूर्वक पहुँचा रहा है।

फूलाम गमछा पहनाकर किया विशेष सम्मान
शाखा अध्यक्ष पवन केजड़ीवाल ने डिप्टी हेड पोस्टमास्टर रतन डेका को पारंपरिक असमिया फूलाम गमछा पहनाकर सम्मानित किया। इसके पश्चात कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र डालमिया तथा जनसंपर्क अधिकारी दीपक बजाज ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान प्रकट किया।

डाक विभाग ने राष्ट्र और समाज को जोड़ने का कार्य किया : पवन केजड़ीवाल
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पवन केजड़ीवाल ने कहा कि भारतीय डाक विभाग केवल पत्र वितरण की संस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र को जोड़ने वाला एक मजबूत सेतु है। बदलते समय के साथ विभाग ने स्वयं को आधुनिक बनाया और आज भी देश के प्रत्येक नागरिक तक विश्वसनीय सेवाएँ पहुँचा रहा है। इसके पीछे डाक विभाग के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अथक मेहनत है।
उन्होंने कहा कि समाज ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान कर स्वयं गौरवान्वित महसूस करता है।

यह सम्मान हमें और बेहतर सेवा की प्रेरणा देता है : रतन डेका
डिप्टी हेड पोस्टमास्टर रतन डेका ने मारवाड़ी सम्मेलन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सम्मान डाक विभाग के प्रत्येक कर्मचारी के लिए प्रेरणा और उत्साह का स्रोत है। समाज से मिला सम्मान हमें और अधिक जिम्मेदारी तथा समर्पण के साथ कार्य करने की ऊर्जा देता है।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारतीय डाक विभाग भविष्य में भी अपनी सेवाओं को और अधिक प्रभावी, आधुनिक तथा जनहितकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

वक्ताओं ने डाक कर्मियों के योगदान को सराहा
सम्मेलन के उपाध्यक्ष समीर गोयल ने कहा कि देश के दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों तक सेवाएँ पहुँचाने वाले डाक कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा।

समाज बंधु कैलाश जालान ने सम्मेलन की सामाजिक पहलों की सराहना करते हुए डाक विभाग के कर्मचारियों की निष्ठा और सेवा भावना को प्रेरणादायी बताया।
वरिष्ठ सदस्य तेजपाल खंडेलवाल ने कहा कि सेवा-भाव किसी भी संस्था की सबसे बड़ी शक्ति होती है। भारतीय डाक विभाग ने वर्षों से इसी भावना के साथ देश की सेवा की है।
उन्होंने पूरे सभागार में “पोस्ट सेवा – जनसेवा” का उद्घोष कर उपस्थित जनों में उत्साह का संचार किया।

सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के अंत में मंच संचालक दीपक बजाज, संयोजक जितेंद्र डालमिया, कार्यकारिणी सदस्य रमेश शर्मा, संयुक्त मंत्री मनोज अग्रवाल, संगठन मंत्री तेजपाल खंडेलवाल, उपाध्यक्ष समीर गोयल, संयुक्त मंत्री नारायणराम भाटीवाड़ा, बजरंग केजड़ीवाल, कैलाश जालान तथा शाखा सचिव बिमल चौखानी ने डाक विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्मृति-चिह्न एवं मिठाई भेंट कर सम्मानित किया।

सम्मान से अभिभूत डाक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मारवाड़ी सम्मेलन, तिनसुकिया शाखा के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को समाज और सरकारी संस्थाओं के बीच सम्मान, विश्वास और सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने इस आयोजन को केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज और जनसेवा के प्रति समर्पित कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रेरणादायी प्रयास बताया। समारोह ने यह संदेश दिया कि जनसेवा में समर्पित प्रत्येक कर्मी का सम्मान करना ही एक सशक्त और संवेदनशील समाज की पहचान है।




