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जनदबाव के आगे झुका ओएनजीसी, लाकुवा–नाजिरा स्कूल बस सेवा बहाल : अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और छात्र संगठनों के विरोध के बाद प्रबंधन ने वापस लिया बस सेवा बंद करने का निर्णय : सुबह से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद ओएनजीसी ने जारी किया आधिकारिक आश्वासन पत्र

विद्यार्थियों के हित में लिया गया बड़ा फैसला, ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व की व्यवस्था के अनुसार फिर चलेगी बस सेवा

शिवसागर, 17 जून : लाकुवा क्षेत्र से नाजिरा स्थित ओएनजीसी केंद्रीय विद्यालय (केवी) तक छात्रों के आवागमन के लिए संचालित स्कूल बस सेवा को बंद करने के प्रस्ताव के खिलाफ अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों के जोरदार विरोध के बाद अंततः ओएनजीसी असम परिसंपत्ति प्रबंधन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। बुधवार को हुए व्यापक जनविरोध और बढ़ते दबाव के बीच ओएनजीसी ने स्कूल बस सेवा को पूर्ववत जारी रखने की घोषणा करते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को बड़ी राहत दी है।

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया जब बस सेवा बंद होने की खबर सामने आते ही लाकुवा क्षेत्र में अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता और असंतोष का माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी बस सेवा के माध्यम से नाजिरा स्थित विद्यालय पहुंचते हैं और सेवा बंद होने की स्थिति में उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी।

बस सेवा बंद करने के प्रस्ताव से बढ़ी थी चिंता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओएनजीसी प्रबंधन ने लाकुवा कॉलोनी से नाजिरा स्थित ओएनजीसी केंद्रीय विद्यालय तक विद्यार्थियों को ले जाने वाली स्कूल बस सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय की जानकारी मिलते ही अभिभावकों ने इसे विद्यार्थियों के हितों के विपरीत बताते हुए तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की।

स्थानीय लोगों का कहना था कि लाकुवा और आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र इस बस सुविधा पर निर्भर रहते हैं। यदि बस सेवा बंद कर दी जाती, तो छात्रों को विद्यालय पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता तथा उनकी नियमित पढ़ाई भी प्रभावित होती।

सुबह छह बजे से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

बस सेवा बंद किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार सुबह लगभग छह बजे से ही लाकुवा स्थित ओएनजीसी गेट नंबर-1 के सामने अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ-साथ असम जातीयतावादी युवा-छात्र परिषद (AJYCP) की लाकुवा आंचलिक समिति, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए स्कूल बस सेवा को तत्काल जारी रखने की मांग उठाई।

विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है और विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़े निर्णय लेने से पहले संबंधित पक्षों की राय अवश्य ली जानी चाहिए।

विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की जताई आशंका

प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों ने कहा कि अधिकांश विद्यार्थी प्रतिदिन स्कूल आने-जाने के लिए बस सेवा पर निर्भर हैं। यदि यह सुविधा बंद होती है तो दूरदराज के क्षेत्रों से विद्यालय पहुंचना बच्चों के लिए अत्यंत कठिन हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि निजी परिवहन की व्यवस्था हर परिवार के लिए संभव नहीं है और बस सेवा बंद होने की स्थिति में अनेक छात्रों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो सकती है। अभिभावकों ने ओएनजीसी प्रबंधन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए इसे विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा विषय बताया।

जनदबाव के बाद हरकत में आया प्रबंधन

स्थानीय स्तर पर बढ़ते विरोध और जनदबाव को देखते हुए ओएनजीसी असम परिसंपत्ति के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की समीक्षा की। विरोध प्रदर्शन और अभिभावकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपना निर्णय वापस लेने का फैसला किया।

इसके बाद ओएनजीसी प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व जिस प्रकार बस सेवा संचालित की जा रही थी, उसी व्यवस्था के अनुसार स्कूल बसों का संचालन तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू किया जाएगा।

ओएनजीसी ने जारी किया आधिकारिक आश्वासन पत्र

इस संबंध में 17 जून को जारी एक आधिकारिक आश्वासन पत्र में कहा गया है कि लाकुवा क्षेत्र से नाजिरा स्थित ओएनजीसी केंद्रीय विद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों के लिए पूर्व में उपलब्ध कराई जा रही स्कूल बस सेवाएं तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल कर दी गई हैं।

इस पत्र पर एफएमटी लाकुवा के मुख्य अभियंता (इलेक्ट्रिकल) एवं प्रभारी एम.बी. ब्रह्मभट्ट तथा एमडीटी नाजिरा के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एवं प्रभारी कैप्टन एस.के. सांगवान के हस्ताक्षर हैं।

पत्र जारी होते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच राहत और संतोष का माहौल देखने को मिला।

अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत

बस सेवा बहाल किए जाने की घोषणा के बाद अभिभावकों ने इसे विद्यार्थियों के हित में लिया गया सकारात्मक और स्वागतयोग्य निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई सामूहिक आवाज और जनसहभागिता के कारण यह संभव हो सका है।

अभिभावकों ने कहा कि यह केवल परिवहन सुविधा का मामला नहीं था, बल्कि सैकड़ों विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा प्रश्न था। उन्होंने ओएनजीसी प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता दिखाई जाएगी।

छात्र संगठनों ने बताया जनएकजुटता की जीत

विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इसे जनएकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया। उनका कहना था कि जब समाज किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाता है तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े किसी भी विषय पर भविष्य में भी समाज इसी प्रकार सजग और सक्रिय रहेगा।

शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता जरूरी

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि स्कूल बस सेवा जैसी सुविधाएं केवल परिवहन व्यवस्था नहीं होतीं, बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा को सुगम बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं। ऐसे निर्णय लेते समय विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

उनका मानना है कि ओएनजीसी द्वारा बस सेवा बहाल करने का निर्णय विद्यार्थियों के हित में उठाया गया एक जिम्मेदार कदम है, जिससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच जाएगी बल्कि अभिभावकों की चिंताएं भी दूर होंगी।

राहत के साथ समाप्त हुआ आंदोलन

बस सेवा बहाल करने की घोषणा के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने इसे सामूहिक प्रयासों की सफलता बताते हुए कहा कि छात्रों की सुविधा और शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए आगे भी इसी प्रकार एकजुट होकर कार्य किया जाएगा।

लाकुवा–नाजिरा स्कूल बस सेवा की बहाली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर समाज की संगठित आवाज सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है।

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