परशुराम कुंड में परम पूज्य स्वामी राजेंद्र जी दास का भव्य स्वागत : विप्र फाउंडेशन ने किया सम्मान, 54 फीट ऊंची भगवान परशुराम प्रतिमा के दर्शन कर हुए अभिभूत
“यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और ब्राह्मण समाज की आस्था का वैश्विक प्रतीक बनेगी” — स्वामी राजेंद्र जी दास

तिनसुकिया, 15 जून : भारत के प्रमुख आध्यात्मिक एवं धार्मिक तीर्थस्थलों में से एक परशुराम कुंड में बीते दिवस परम पूज्य संत स्वामी श्री राजेंद्र जी दास का शुभ आगमन हुआ। उनके आगमन पर विप्र फाउंडेशन ज़ोन 8-डी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा पारंपरिक सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

परशुराम कुंड परिसर में स्थापित भगवान परशुराम की भव्य 54 फीट ऊंची प्रतिमा के दर्शन कर स्वामी राजेंद्र जी दास अत्यंत भाव-विभोर एवं अभिभूत दिखाई दिए। उन्होंने प्रतिमा की भव्यता, सजीवता और कलात्मक उत्कृष्टता की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे सनातन संस्कृति की गौरवशाली पहचान बताया।
अपने संक्षिप्त किन्तु प्रेरणादायी आशीर्वचन में स्वामी जी ने बताया कि जब विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक श्री सुशील ओझा ने उन्हें भगवान परशुराम की विशाल प्रतिमा निर्माण परियोजना के बारे में जानकारी दी थी, तब उन्होंने अपने पूज्य गुरुदेव की प्रेरणा से इस महत्त्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रकल्प के लिए ₹1,11,111 (एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये) का आर्थिक सहयोग प्रदान किया था।

स्वामी जी ने कहा कि उस समय उन्होंने यह आशीर्वाद और विश्वास व्यक्त किया था कि विप्र फाउंडेशन इस महती परियोजना को सफलता के साथ पूर्ण करेगा तथा भगवान परशुराम की तपोभूमि परशुराम कुंड को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाने में सफल होगा।

उन्होंने कहा कि आज प्रतिमा को पूर्ण रूप में देखकर उन्हें अत्यंत संतोष और प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। प्रतिमा की दिव्यता, भव्यता और आध्यात्मिक प्रभाव ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उनके मुखमंडल पर इस उपलब्धि की प्रसन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।
स्वामी राजेंद्र जी दास ने उपस्थित सभी विप्र बंधुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि विप्र फाउंडेशन समाज संगठन, संस्कृति संरक्षण एवं सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने संस्था के निरंतर विकास, संगठनात्मक उन्नति एवं समाजहित के कार्यों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन ज़ोन 8-डी के संरक्षक विश्वम्भर दयाल त्रिवेदी एवं कैलाश जोगाई सहित संजय कुमार त्रिवेदी, रमेश शर्मा, राजेश दाधीच, लीना त्रिवेदी, पूनम शर्मा एवं ज्योति शर्मा सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा तथा उपस्थित सभी लोगों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया। स्वामी जी के आशीर्वाद और प्रेरणादायी विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं विप्र फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं को समाज सेवा एवं सांस्कृतिक जागरण के लिए और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान की।




