टियोक पहुंचे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा : प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पर बुद्धिजीवियों से किया संवाद : टियोक श्मशान घाट के विकास के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा
"विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी और रचनात्मक सुझावों की महत्वपूर्ण भूमिका" – पवित्र मार्गेरिटा

टियोक, 15 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को टियोक में एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने भाग लेकर क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा भारत की वैश्विक उपलब्धियों पर विचार-विमर्श करना था।

प्रधानमंत्री के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व मंच पर एक मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है।
उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, विदेश नीति, आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। भारत आज वैश्विक मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है और विश्व समुदाय भारत की भूमिका को गंभीरता से स्वीकार कर रहा है।
असम में भी तेज हुई विकास की रफ्तार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ असम को भी व्यापक रूप से मिला है। सड़क, रेल, हवाई संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन तथा औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से असम पूर्वोत्तर भारत के विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की नीति के कारण विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

बुद्धिजीवियों ने रखे अपने सुझाव
कार्यक्रम के दौरान टियोक क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों ने भी विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। उपस्थित वक्ताओं ने स्थानीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव साझा किए।
केंद्रीय मंत्री ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार समाज के सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखती है।

श्मशान घाट के विकास के लिए 10 लाख रुपये की सहायता
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा द्वारा की गई एक विशेष घोषणा रही। उन्होंने टियोक नगर के एकमात्र सार्वजनिक श्मशान घाट के विकास और आधुनिकीकरण के लिए प्रथम चरण में 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि अंतिम संस्कार स्थलों का सम्मानजनक और सुविधायुक्त होना समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस राशि से श्मशान घाट में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा।
वर्षों पुरानी मांग को मिला बल
स्थानीय लोगों के अनुसार टियोक का सार्वजनिक श्मशान घाट लंबे समय से विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। श्मशान प्रबंधन समिति द्वारा कई वर्षों से इसके विकास, आधुनिकीकरण तथा आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की मांग उठाई जाती रही है।
विशेष रूप से समिति के सचिव दीपुल सईकिया के नेतृत्व में श्मशान घाट के विकास को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे थे। ऐसे में केंद्रीय मंत्री द्वारा की गई 10 लाख रुपये की सहायता की घोषणा को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल
केंद्रीय मंत्री की घोषणा के बाद स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों तथा श्मशान प्रबंधन समिति के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों का कहना है कि इस सहायता राशि से श्मशान घाट के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और भविष्य में यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय विकास के लिए केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई। संवाद कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और इसमें बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




