बंगाईगांव के उद्योग और समाजसेवा जगत का एक युग समाप्त—प्रेमनाथ हरलालका का निधन, हजारों स्मृतियां छोड़ गए पीछे : 81 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस—‘बंगाईगांव रोलर फ्लोर मिल’ के मालिक ने उद्योग, शिक्षा, धर्म, संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में बनाई विशिष्ट पहचान : रोटरी क्लब से मारवाड़ी सम्मेलन तक कई संस्थाओं की नींव और विकास में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका—भारत विकास परिषद की बीरझोरा शाखा के सलाहकार भी रहे
अंतिम यात्रा से पूर्व भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा—40 से अधिक सामाजिक एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन : सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में बंगाईगांव श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार—पुत्र निकुंज हरलालका ने दी मुखाग्नि, सम्मान में बंद रहे व्यापारिक प्रतिष्ठान

बंगाईगांव, 19 सितंबर : बंगाईगांव के प्रसिद्ध उद्योगपति, वरिष्ठ समाजसेवी और शहर के सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक जीवन से दशकों तक गहराई से जुड़े रहे प्रेमनाथ हरलालका का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से बंगाईगांव के व्यापारिक और औद्योगिक जगत के साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं समाज के अलग-अलग वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हरलालका ने न केवल उद्योग-व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई, बल्कि अनेक सामाजिक संस्थाओं को स्थापित करने, मजबूत करने और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी अंतिम यात्रा से पूर्व फ्लोर मिल स्थित आवास पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें अंतिम नमन किया। बंगाईगांव की 40 से अधिक सामाजिक एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने दिवंगत समाजसेवी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद निकली अंतिम यात्रा में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शनिवार को बंगाईगांव श्मशान घाट पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहां पुत्र निकुंज हरलालका ने पिता को मुखाग्नि दी।

हृदय संबंधी समस्या के बाद चल रहा था उपचार
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेमनाथ हरलालका पिछले कुछ दिनों से हृदय संबंधी समस्या के कारण उपचाराधीन थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अलग-अलग चिकित्सा केंद्रों में उनका इलाज कराया गया। इसके बाद 17 सितंबर को उन्हें बेहतर उपचार के लिए गुवाहाटी के अपोलो एक्सेलकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर बंगाईगांव पहुंचते ही परिचितों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों के बीच शोक व्याप्त हो गया। उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।
मानकाचर में जन्म, गुवाहाटी में उच्च शिक्षा
प्रेमनाथ हरलालका का जन्म 10 अगस्त 1945 को तत्कालीन धुबड़ी जिले के मानकाचर में हुआ था। उनका बचपन मानकाचर में बीता और वहीं से उन्होंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा शुरू की। आगे की पढ़ाई के लिए वे गुवाहाटी गए और गुवाहाटी कॉमर्स कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में भी अध्ययन किया।
शिक्षा के बाद उन्होंने उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में कदम रखा। अपनी कार्यकुशलता और निरंतर प्रयासों के जरिए उन्होंने बंगाईगांव के औद्योगिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की। समय के साथ उनका नाम शहर के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल हुआ, लेकिन उनका सार्वजनिक जीवन केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहा।

‘बंगाईगांव रोलर फ्लोर मिल’ के जरिए उद्योग जगत में बनाई पहचान
प्रेमनाथ हरलालका बंगाईगांव के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान ‘बंगाईगांव रोलर फ्लोर मिल’ के मालिक थे। लंबे व्यावसायिक जीवन में उन्होंने इस प्रतिष्ठान के माध्यम से उद्योग जगत में पहचान बनाई।
व्यापार में सक्रिय रहने के साथ वे सामाजिक उत्तरदायित्व को भी महत्व देते रहे। जरूरतमंदों की सहायता से लेकर सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थाओं को सहयोग प्रदान करने तक वे विभिन्न गतिविधियों से जुड़े रहे। यही कारण रहा कि उद्योगपति के साथ-साथ एक समाजसेवी के रूप में भी उनकी व्यापक पहचान बनी।
रोटरी क्लब की स्थापना में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
प्रेमनाथ हरलालका का नाम बंगाईगांव में रोटरी आंदोलन के शुरुआती दौर से जुड़ा रहा। वे रोटरी क्लब ऑफ बंगाईगांव की स्थापना से जुड़े प्रमुख लोगों में शामिल थे और जीवन के अंतिम समय तक क्लब के चार्टर सदस्य बने रहे।
रोटरी क्लब के माध्यम से संचालित सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में उनका सहयोग मिलता रहा। सामाजिक कार्यों के लिए वे नियमित रूप से आर्थिक सहायता भी देते थे। सेवा गतिविधियों के प्रति उनकी सक्रियता ने उन्हें विभिन्न संगठनों के साथ लगातार जोड़े रखा।

मारवाड़ी सम्मेलन बंगाईगांव शाखा के संस्थापक अध्यक्ष थे हरलालका
प्रेमनाथ हरलालका का मारवाड़ी समाज के संगठनात्मक जीवन में भी विशेष स्थान रहा। वे मारवाड़ी सम्मेलन बंगाईगांव शाखा के संस्थापक अध्यक्ष थे। शाखा की स्थापना और संगठनात्मक नींव मजबूत करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्मेलन से जुड़े लोगों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को संगठित करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने के लिए लंबे समय तक काम किया। उनके सामाजिक जीवन में आपसी सहयोग, अपनत्व और सेवा भावना को विशेष महत्व दिया जाता था।
उनके साथ काम करने वाले समाजबंधुओं के अनुसार उनका सरल, सहज और मिलनसार व्यवहार लोगों को उनसे जोड़ता था। सामाजिक संगठनों के माध्यम से उन्होंने सामूहिकता और सेवा की जिस भावना को आगे बढ़ाया, उससे कई लोग प्रभावित हुए।
भारत विकास परिषद और शिक्षा क्षेत्र से भी रहा गहरा जुड़ाव
प्रेमनाथ हरलालका भारत विकास परिषद से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। जीवन के अंतिम समय तक वे परिषद की बीरझोरा शाखा के सलाहकार पद पर सेवाएं दे रहे थे। संगठन की सामाजिक गतिविधियों में उनका मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने लंबे समय तक योगदान दिया। वे बंगाईगांव हायर सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) के ट्रस्टी सदस्य रहे और संस्थान से लंबे समय तक जुड़े रहे। उद्योग और सामाजिक संगठनों के अलावा शैक्षणिक संस्थाओं के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी उनके सार्वजनिक जीवन के व्यापक दायरे को दर्शाती है।

अंतिम यात्रा से पहले आयोजित हुई भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा
उनकी अंतिम यात्रा से पूर्व फ्लोर मिल स्थित आवास पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ व्यवसायी एवं समाजसेवी महेश कुमार अग्रवाल ने किया। इसमें शहर के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और प्रेमनाथ हरलालका के व्यक्तित्व, सामाजिक जीवन और योगदान को याद किया।
मारवाड़ी सम्मेलन बंगाईगांव शाखा की ओर से भी उन्हें विशेष रूप से श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेन्द्र हरलालका उपस्थित रहे। शाखा की ओर से अध्यक्ष अनिल सुराणा और सचिव राजकुमार कोठारी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सदस्य और समाजबंधु श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।
अंतिम विदाई के अवसर पर सम्मेलन के प्रांत और शाखा की ओर से दिवंगत प्रेमनाथ हरलालका को पुष्पगुच्छ अर्पित करने के साथ दुशाला ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि दी गई।
सभा में उपस्थित लोगों ने उनके लंबे सामाजिक जीवन को स्मरण करते हुए उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वक्ताओं ने समाज को संगठित करने, संस्थाओं को सहयोग देने और सेवा भावना को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका को याद किया।

सांसद-विधायक समेत अनेक गणमान्य लोगों ने किया अंतिम नमन
श्रद्धांजलि देने वालों में सांसद फणीभूषण चौधरी, विधायिका दीप्तिमयी चौधरी, डॉ. बंकेलाल शर्मा, डॉ. सुधा अग्रवाल और उत्पल चौधरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल रहे।
राजनीतिक, सामाजिक, व्यापारिक, चिकित्सा, शिक्षा, धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने प्रेमनाथ हरलालका के व्यापक सामाजिक संपर्क को रेखांकित किया। लोगों ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
40 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
प्रेमनाथ हरलालका को अंतिम विदाई देने के लिए बंगाईगांव की 40 से अधिक सामाजिक एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। बड़ी संख्या में संगठनों की सहभागिता उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और विभिन्न समुदायों तथा संस्थाओं के साथ जुड़ाव को दर्शाती रही।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वाली संस्थाओं में मारवाड़ी युवा मंच, श्री अग्रवाल समाज सभा एवं युवा परिषद, मारवाड़ी सम्मेलन, असम गण परिषद, बी.एड. कॉलेज, अग्रवाला हॉस्पिटल, मूलचंद जालान विवाह भवन एवं राम मंदिर, श्री संभवनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर ट्रस्ट, श्री सालासर हनुमान सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट, ग्रेटर बंगाईगांव चैंबर ऑफ कॉमर्स और रोटरी क्लब ऑफ बंगाईगांव शामिल रहे।
इसके अलावा बंगाईगांव हायर सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बंगाईगांव शाखा, रवींद्र चेतना मंच, प्रगतिशील नव युवक संघ, शिवम कॉलोनी, असम कृष्टि विकास संघ, पूर्वोत्तर बिहारी परिषद, जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा (दक्षिण), मेनन स्कूल पूर्व छात्र संघ और जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा बंगाईगांव ने भी श्रद्धांजलि दी।
श्री सकल दिगंबर जैन समाज, भारत विकास परिषद, विप्र समाज, बंगाईगांव शाखा साहित्य सभा, स्वागत हॉस्पिटल, पंजाब नेशनल बैंक, बंगाईगांव बार एसोसिएशन, लायंस क्लब ऑफ बंगाईगांव तथा बंगाईगांव विश्वविद्यालय एलुमनाई एसोसिएशन समेत अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी दिवंगत समाजसेवी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सामाजिक संगठनों को जोड़ने में रही उल्लेखनीय भूमिका
मारवाड़ी सम्मेलन से जुड़े पदाधिकारियों ने प्रेमनाथ हरलालका के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके सामाजिक योगदान को स्मरण किया। सम्मेलन परिवार के अनुसार, संस्थापक अध्यक्ष के रूप में हरलालका ने संगठन की नींव रखने के साथ समाज के लोगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनसे जुड़े लोगों ने उनके सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व को भी याद किया। उनका मानना था कि किसी सामाजिक संगठन की मजबूती केवल पदों और औपचारिकताओं से नहीं, बल्कि सदस्यों के बीच अपनत्व, सहयोग और सेवा भावना से आती है। अपने लंबे सामाजिक जीवन में उन्होंने इसी सोच को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया।
सम्मेलन परिवार ने कहा कि उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्य और समाज के लिए किए गए कार्य भविष्य में भी लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। संगठन की ओर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।
निज निवास से निकली अंतिम यात्रा, रास्ते में भी लोगों ने किया नमन
श्रद्धांजलि सभा के बाद प्रेमनाथ हरलालका की अंतिम यात्रा उनके निज निवास से प्रारंभ हुई। अंतिम यात्रा प्लाईवुड इंडिया, बेंगतोल गेट, मेनन स्कूल, पगला स्थान और मायापुरी से गुजरते हुए बंगाईगांव श्मशान घाट पहुंची।
अंतिम यात्रा के दौरान परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी, व्यवसायी, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। मार्ग में भी लोगों ने उन्हें अंतिम नमन किया।
सैकड़ों लोगों के बीच पुत्र निकुंज हरलालका ने दी मुखाग्नि
बंगाईगांव श्मशान घाट पर शनिवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पुत्र निकुंज हरलालका ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
श्मशान घाट पर शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उनके परिचित, मित्र और शुभचिंतक मौजूद रहे। अंतिम संस्कार के साथ बंगाईगांव के सार्वजनिक जीवन से दशकों तक जुड़ी एक वरिष्ठ शख्सियत को अंतिम विदाई दी गई।
सम्मान में बंद रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान
प्रेमनाथ हरलालका के निधन पर बंगाईगांव के व्यापारिक समुदाय ने भी शोक व्यक्त किया। उनके सम्मान में शनिवार को प्रथम बेला में शहर के व्यापारियों ने अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखे और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
व्यापारिक समुदाय के लिए वे केवल एक वरिष्ठ उद्योगपति नहीं, बल्कि सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी रखने वाले व्यक्ति भी थे। इसीलिए उनके निधन पर विभिन्न व्यापारिक संगठनों और प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया।
पत्नी, पुत्र-पुत्री और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए पीछे
प्रेमनाथ हरलालका अपने पीछे पत्नी सरोज देवी हरलालका, पुत्र निकुंज हरलालका, पुत्री श्रीमती प्रीति चौखानी, पोते-दोहितों सहित भरा-पूरा परिवार तथा बड़ी संख्या में प्रशंसकों, परिचितों और शुभचिंतकों को छोड़ गए हैं।
परिवार के लिए यह गहरी व्यक्तिगत क्षति है, वहीं उनके साथ वर्षों तक विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में काम करने वाले लोगों और संस्थाओं ने भी उनके निधन को अपने लिए बड़ी क्षति बताया है।
उद्योग से समाजसेवा तक—कई क्षेत्रों में छोड़ गए अपनी छाप
प्रेमनाथ हरलालका का जीवन उद्योग और सामाजिक सरोकारों के बीच एक लंबे जुड़ाव का साक्षी रहा। एक ओर उन्होंने बंगाईगांव में उद्योग-व्यवसाय के क्षेत्र में पहचान स्थापित की, तो दूसरी ओर रोटरी क्लब, मारवाड़ी सम्मेलन, भारत विकास परिषद और शैक्षणिक संस्थाओं के जरिए सामाजिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई।
उनकी अंतिम विदाई में राजनीतिक प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न समुदायों से जुड़े लोगों की मौजूदगी उनके व्यापक सामाजिक जुड़ाव को दर्शाती रही।
मारवाड़ी सम्मेलन परिवार सहित विभिन्न संस्थाओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेमनाथ हरलालका द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र में किए गए कार्य और संगठनात्मक योगदान लंबे समय तक स्मरण किए जाएंगे। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।




