ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के खिलाफ जोरहाट के व्यापारियों में चिंता : असम चेंबर ऑफ कॉमर्स ने नगरपालिका को सौंपा पत्र : बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने की मांग : छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट का जताया अंदेशा
ब्लिंकिट जैसी कंपनियों की एंट्री से स्थानीय बाजार प्रभावित होने की आशंका, असम चेंबर ऑफ कॉमर्स जोरहाट जिला समिति ने उठाई आवाज

जोरहाट, 10 जुलाई : असम सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऑनलाइन ऐप आधारित होम डिलीवरी सेवाओं के तेजी से विस्तार के बीच अब स्थानीय छोटे और मध्यम व्यापारियों की चिंता बढ़ने लगी है। इसी मुद्दे को लेकर असम चेंबर ऑफ कॉमर्स की जोरहाट जिला समिति ने जोरहाट नगरपालिका को पत्र भेजकर शहर में नई ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों और बड़े रिटेल प्रतिष्ठानों को व्यापारिक अनुमति देने पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
समिति ने ऑनलाइन आधारित बड़े व्यापारिक मॉडलों के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक व्यापारियों के भविष्य और उनकी आजीविका पर खतरे की आशंका जताई है।
ब्लिंकिट जैसी कंपनियों के विस्तार से बढ़ी व्यापारियों की चिंता
जानकारी के अनुसार राज्यभर में विभिन्न ऑनलाइन ऐप आधारित कंपनियां तेजी से होम डिलीवरी सेवा शुरू कर रही हैं। इसी क्रम में ब्लिंकिट जैसी कंपनियों ने असम के कई जिलों में अपने व्यापारिक केंद्र स्थापित कर कारोबार शुरू किया है।
जोरहाट शहर में भी इस कंपनी द्वारा तरुणराम फुकन रोड पर एक बड़ा प्रतिष्ठान स्थापित कर ऑनलाइन ऐप के माध्यम से होम डिलीवरी सेवा संचालित की जा रही है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ऐसी कंपनियों के आने से छोटे दुकानदारों, किराना व्यापारियों और स्थानीय विक्रेताओं के कारोबार पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
व्यापारी पहले से आर्थिक दबाव में : असम चेंबर ऑफ कॉमर्स
असम चेंबर ऑफ कॉमर्स जोरहाट जिला समिति के अध्यक्ष रूपम दत्ता ठाकुर और सचिव रंजन बरुआ ने नगरपालिका को भेजे आवेदन में उल्लेख किया है कि वर्तमान समय में जोरहाट शहर के व्यापारी गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उनके अनुसार पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन व्यापार प्रणाली और बड़े मॉल आधारित कारोबार के बढ़ते प्रभाव के कारण कई छोटे एवं पारंपरिक व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
कई व्यापारिक प्रतिष्ठान पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि कई अन्य प्रतिष्ठान आर्थिक संकट के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
नए ऑनलाइन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लाइसेंस नहीं देने की मांग
चेंबर ऑफ कॉमर्स ने अपने आवेदन में कहा है कि वर्तमान में ब्लिंकिट और इसी तरह की अन्य ऑनलाइन व्यापारिक कंपनियां जोरहाट शहर में व्यापारिक लाइसेंस लेकर अपना कारोबार चला रही हैं।
संगठन का कहना है कि यदि इस प्रकार के बड़े ऑनलाइन आधारित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लगातार अनुमति मिलती रही, तो पहले से संघर्ष कर रहे स्थानीय व्यापारियों की स्थिति और खराब हो सकती है।
उन्होंने आशंका जताई कि इससे कई छोटे कारोबारियों की आय का स्रोत प्रभावित होगा और अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन ने जोरहाट नगरपालिका से मांग की है कि ऐसे बड़े ऑनलाइन रिटेल और ऐप आधारित व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मौजूदा लाइसेंस की समीक्षा कर उन्हें रद्द किया जाए तथा भविष्य में ऐसी नई कंपनियों को व्यापारिक अनुमति प्रदान न की जाए।
मेघालय सरकार के कदम का भी दिया उदाहरण
व्यापारी संगठन ने इस संदर्भ में पड़ोसी राज्य मेघालय का उदाहरण भी सामने रखा है, जहां स्थानीय व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ ऑनलाइन ऐप आधारित व्यापारिक गतिविधियों पर नियंत्रण संबंधी कदम उठाए गए हैं।
चेंबर ऑफ कॉमर्स का मानना है कि स्थानीय व्यापार और छोटे दुकानदारों को संरक्षण देने के लिए असम में भी इस दिशा में गंभीर विचार किया जाना चाहिए।
जोरहाट में व्यापार बनाम ऑनलाइन सेवा पर शुरू हुई नई बहस
ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव और स्थानीय व्यापारियों की चिंताओं को लेकर अब जोरहाट में यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है।
एक ओर जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ग्राहकों को घर बैठे सामान उपलब्ध कराने की सुविधा दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छोटे व्यापारी इसे अपने पारंपरिक कारोबार के लिए बड़ी चुनौती मान रहे हैं।
अब सभी की नजरें जोरहाट नगरपालिका पर टिकी हैं कि वह असम चेंबर ऑफ कॉमर्स जोरहाट जिला समिति की मांगों पर क्या निर्णय लेती है।
हालांकि व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थानीय व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो ऑनलाइन ऐप आधारित होम डिलीवरी सेवाओं का सीधा असर छोटे दुकानदारों की आजीविका पर पड़ सकता है।




