शिवसागर के जेंगनिकटिया में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, किराए के मकान से बैंक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त : आरोपी अरमान अली के कमरे से 8 पासबुक, 2 चेकबुक, 8 सिम कार्ड, 7 एटीएम कार्ड और 4 मोबाइल फोन बरामद : i10 कार और स्कूटी भी पुलिस ने की जब्त—ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों से रुपये ऐंठने का आरोप
महाराष्ट्र के कथित ऑनलाइन ठगी गिरोह से कनेक्शन का संदेह—बैंक खातों, सिम कार्ड और डिजिटल लेन-देन की जांच जारी : पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर नाजिम अली की तलाश में भी छापेमारी—पुलिस पहुंचने से पहले फरार होने की जानकारी

शिवसागर, 29 सितंबर : साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिवसागर सदर पुलिस ने जेंगनिकटिया इलाके के एक किराए के मकान में अभियान चलाकर बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस की कार्रवाई अरमान अली नामक एक युवक के किराए के कमरे में की गई। युवक पर साइबर अपराध और ऑनलाइन माध्यम से लोगों के साथ कथित धोखाधड़ी कर रुपये ऐंठने का आरोप है। मामले में पुलिस अब जब्त सामग्रियों और डिजिटल लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।

किराए के कमरे में पुलिस का अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवसागर सदर पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में जेंगनिकटिया निवासी एक व्यक्ति के मकान में अभियान चलाया। इस मकान में अरमान अली किराएदार के रूप में रह रहा था। पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी ली और वहां से बैंकिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब्त किए गए बैंकिंग दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया तथा इनका कथित ऑनलाइन धोखाधड़ी से क्या संबंध है।
8 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड और 8 सिम कार्ड जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस ने अरमान अली के कमरे से आठ बैंक पासबुक, दो चेकबुक, आठ सिम कार्ड, सात एटीएम कार्ड और चार मोबाइल फोन जब्त किए। मामले की जांच के लिए इन सभी सामग्रियों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
पुलिस के लिए अब यह जांच का अहम विषय है कि बरामद पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड किन-किन बैंक खातों से जुड़े हैं, सिम कार्ड किन लोगों के नाम पर जारी किए गए थे और मोबाइल फोन में किस तरह की डिजिटल गतिविधियों तथा वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड मौजूद है।

कार और स्कूटी भी जब्त
पुलिस ने जांच के सिलसिले में दो वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें AS04-H-9622 नंबर की एक i10 कार और AS04-AH-6532 नंबर की एक स्कूटी शामिल है। इन वाहनों का मामले से क्या संबंध है, इसकी भी जांच की जा रही है।
ऑनलाइन ठगी के जरिए रुपये ऐंठने का आरोप
आरोप है कि अरमान अली ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करता था और उनसे रुपये ऐंठता था। हालांकि कथित ठगी का तरीका क्या था, कितने लोगों को इसका शिकार बनाया गया और कितनी राशि का लेन-देन हुआ, इन तथ्यों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर कथित वित्तीय लेन-देन तथा डिजिटल गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामले में अरमान के अलावा अन्य लोग शामिल थे या नहीं।
महाराष्ट्र के कथित ऑनलाइन ठगी गिरोह से संबंध का संदेह
मामले की जांच के दौरान अरमान अली के महाराष्ट्र के एक कथित ऑनलाइन ठगी गिरोह से जुड़े होने का भी संदेह सामने आया है। पुलिस अब इस संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।
यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यदि ऐसा कोई नेटवर्क सक्रिय था तो उसका संचालन किस तरह किया जा रहा था, स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग उससे जुड़े थे और विभिन्न बैंक खातों तथा मोबाइल नंबरों का कथित तौर पर किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।

अरमान से पूछताछ के बाद नाजिम अली की तलाश में छापेमारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अरमान अली से पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने जेंगनिकटिया क्षेत्र के ही नाजिम अली नामक एक अन्य व्यक्ति की तलाश में भी अभियान चलाया। हालांकि पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही नाजिम अली के फरार हो जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित साइबर अपराध के मामले में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं और अरमान अली से उसका क्या संबंध था।
बाघ हाजरिका ऐक्य मंच की जिला समिति का सहायक महासचिव बताया गया नाजिम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाजिम अली को बाघ हाजरिका ऐक्य मंच की शिवसागर जिला समिति का सहायक महासचिव बताया गया है। हालांकि कथित साइबर अपराध में उसकी भूमिका और उससे जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बैंक खातों से लेकर डिजिटल नेटवर्क तक की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब पूरे मामले में संभावित साइबर ठगी नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है। जब्त पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड से जुड़े बैंक खातों के लेन-देन के साथ ही सिम कार्ड तथा मोबाइल फोन से जुड़ी डिजिटल गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बरामद बैंक खाते और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किस उद्देश्य से इस्तेमाल किए जा रहे थे, कथित लेन-देन किन लोगों अथवा खातों के बीच हुआ और क्या इसका संबंध किसी अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी नेटवर्क से था।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप और संबंधित व्यक्तियों की कथित भूमिका जांच के अधीन है। पुलिस जांच, डिजिटल एवं बैंकिंग रिकॉर्ड की पड़ताल और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर तथा संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।




