सड़क पर तड़पती घायल बछिया के लिए आगे आया मारवाड़ी युवा मंच—इलाज से सुरक्षित आश्रय तक निभाई जिम्मेदारी : शिवसागर गर्ल्स कॉलेज के सामने घायल मिली बछिया के पैर में फ्रैक्चर—पशु एंबुलेंस नहीं मिलने पर शाखाध्यक्ष अंकुश कुमार केड़िया ने संभाला मोर्चा : बंद हो चुके पशु चिकित्सालय को आपात स्थिति में खुलवाकर कराया उपचार, डॉ. मर्ज़िना बेगम की देखरेख में फ्रैक्चर वाले पैर पर चढ़ाया गया प्लास्टर
अर्जुनगुड़ी के प्रोबिन बरुआ बने घायल बछिया का सहारा—अपनी घरेलू गौशाला में रखकर देखभाल की जिम्मेदारी स्वीकार की

शिवसागर, 15 सितंबर : सड़क किनारे घायल और असहाय अवस्था में पड़ी एक बछिया को समय पर चिकित्सा सहायता दिलाने से लेकर उसके भोजन, उपचार और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने तक मारवाड़ी युवा मंच, शिवसागर शाखा ने सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया। शिवसागर गर्ल्स कॉलेज के सामने घायल मिली बछिया के आगे के एक पैर में फ्रैक्चर के साथ शरीर पर कई चोटें थीं। सूचना मिलने के बाद मंच के शाखाध्यक्ष अंकुश कुमार केड़िया ने विभिन्न स्तरों पर संपर्क कर उसे चिकित्सा सहायता दिलाने की कोशिश शुरू की। पशु एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने सहित कई व्यावहारिक बाधाओं के बावजूद प्रयास जारी रहे और अंततः बछिया को उपचार के बाद सुरक्षित गौशाला तक पहुंचाया गया।

दुकानदार के फोन से मिली घायल बछिया की जानकारी
रविवार को शिवदौल के पास एक दुकानदार ने मारवाड़ी युवा मंच की शिवसागर शाखा के अध्यक्ष अंकुश कुमार केड़िया को फोन कर बताया कि शिवसागर गर्ल्स कॉलेज के सामने एक बछिया घायल अवस्था में पड़ी है। प्रथम दृष्टया उसका पैर टूटा हुआ दिखाई दे रहा था।
सूचना मिलते ही केड़िया ने बछिया की तस्वीरें और संबंधित जानकारी जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की। इसके साथ ही पशुओं के लिए संचालित राज्य की मोबाइल एंबुलेंस हेल्पलाइन 1962 पर संपर्क कर तत्काल सहायता मांगी गई।
शिवसागर की पशु एंबुलेंस खराब, नाज़िरा से भी नहीं मिली मदद
मंच की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हेल्पलाइन से बताया गया कि शिवसागर में तैनात पशु एंबुलेंस पिछले चार दिनों से खराब होने के कारण परिचालन में नहीं थी। इसके बाद नज़दीकी नाज़िरा स्थित पशु एंबुलेंस से सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई।
हालांकि बाद में वहां से बताया गया कि दूरी अधिक होने के कारण एंबुलेंस घायल बछिया की मदद के लिए मौके पर पहुंचने की स्थिति में नहीं है। एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाने के बावजूद मंच अध्यक्ष ने प्रयास जारी रखा।

डॉ. राजेन शर्मा से संपर्क के बाद मौके पर पहुंचीं इंटर्न चिकित्सक
इसके बाद अंकुश कुमार केड़िया ने उप-मंडलीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन शर्मा से संपर्क कर तत्काल पशु चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। डॉ. शर्मा ने मामले की जिम्मेदारी डॉ. मर्ज़िना बेगम को सौंपी।
डॉ. मर्ज़िना बेगम ने शिवसागर पशु चिकित्सालय में कार्यरत इंटर्न डॉ. चंद्रली कलिता को घटनास्थल पर भेजा। प्रारंभिक जांच में बछिया के पैर में फ्रैक्चर और शरीर के कई हिस्सों में खरोंच एवं चोट के निशान पाए गए। उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बछिया को बेहतर उपचार के लिए शिवसागर पशु चिकित्सालय पहुंचाने की सलाह दी।
शाम तक सड़क पर ही पड़ी रही बछिया, ठेले से अस्पताल पहुंचाया
उस समय मंच शाखाध्यक्ष शहर से बाहर थे। उन्होंने सबसे पहले सूचना देने वाले दुकानदार से बछिया को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने का अनुरोध किया और इस दौरान लगातार डॉ. मर्ज़िना बेगम के संपर्क में रहे।
शाम करीब पांच बजे शहर लौटने के बाद जब अंकुश कुमार केड़िया घटनास्थल पर पहुंचे तो बछिया अब भी वहीं पड़ी मिली। इसके बाद उन्होंने अपने निजी कर्मचारियों को सहायता के लिए बुलाया और एक ठेले की व्यवस्था कर घायल बछिया को पशु चिकित्सालय ले जाने की पहल की।

अस्पताल हो चुका था बंद, आपात स्थिति में खुलवाकर कराया उपचार
घायल बछिया को लेकर टीम शाम करीब छह बजे शिवसागर पशु चिकित्सालय पहुंची, लेकिन तब तक अस्पताल दिनभर के लिए बंद हो चुका था। इसके बाद संबंधित लोगों से समन्वय कर आपात स्थिति में अस्पताल खुलवाया गया।
डॉ. मर्ज़िना बेगम ने बछिया की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान उसमें आफरा (Bloat), आगे के पैर में फ्रैक्चर, निर्जलीकरण, शरीर का तापमान सामान्य से कम होने और शरीर पर कई खरोंचों की समस्या पाई गई। इसके बाद तत्काल आवश्यक चिकित्सा शुरू की गई।

खुद पानी भी नहीं पी पा रही थी बछिया
बछिया की स्थिति ऐसी थी कि वह टब से स्वयं पानी तक नहीं पी पा रही थी। अस्पताल के चौकीदार बिपेन भुइयां की सहायता से उसे दो बोतल पानी पिलाया गया। पानी और प्राथमिक उपचार मिलने के बाद उसकी स्थिति में सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई दी।
वह लेटी हुई अवस्था से उठकर बैठने का प्रयास करने लगी और अपने तीन स्वस्थ पैरों के सहारे खड़े होने की भी कोशिश की। चिकित्सक ने बताया कि फ्रैक्चर वाले पैर पर प्लास्टर लगाने के साथ बछिया को लगातार विशेष देखभाल की आवश्यकता होगी।
अस्पताल परिसर में अस्थायी टेंट, मंच ने संभाली भोजन की जिम्मेदारी
स्थिति को देखते हुए डॉ. मर्ज़िना बेगम और मंच शाखाध्यक्ष के बीच चर्चा के बाद बछिया को पशु चिकित्सालय परिसर में ही अस्थायी टेंट में रखने का निर्णय लिया गया। यहां चिकित्सकों द्वारा उपचार जारी रखा जाना था, जबकि मारवाड़ी युवा मंच ने उसके भोजन और अन्य बुनियादी जरूरतों की जिम्मेदारी संभालने का फैसला किया।
मंच अध्यक्ष ने टेंट वाले स्थान की सफाई करवाई और मच्छरों से बचाने के लिए जाली की व्यवस्था की। स्टेशन चरियाली निवासी जयप्रकाश अग्रवाल की पत्नी ममता अग्रवाल के सहयोग से बछिया के लिए घास एवं चारे का भी इंतजाम किया गया।

एक रात पहले भी अस्पताल लाई गई थी बछिया!
इसी दौरान चर्चा में यह जानकारी भी सामने आई कि संभवतः यह वही बछिया थी, जिसे एक रात पहले कुछ स्थानीय लोग कार से पशु चिकित्सालय लेकर आए थे। बताया गया कि उस समय प्रारंभिक दवा एवं दर्द निवारक उपचार दिलाने के बाद वे लोग बछिया को अपने साथ वापस ले गए थे।
हालांकि बाद में वही बछिया गर्ल्स कॉलेज के सामने घायल अवस्था में मिली या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि का विवरण उपलब्ध नहीं है।
सोमवार को पैर पर चढ़ाया गया प्लास्टर
सोमवार को चिकित्सकों ने बछिया को आवश्यक दवाइयां देने के साथ उसके फ्रैक्चर वाले पैर पर प्लास्टर चढ़ाया। इसके बाद उसके लिए ऐसे सुरक्षित स्थान की तलाश शुरू की गई, जहां नियमित देखभाल, भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसी उद्देश्य से मंच अध्यक्ष ने नाज़िरा गौशाला से संपर्क किया। गौशाला के अध्यक्ष ने बताया कि इस तरह के घायल गोवंश की देखभाल के लिए उनके पास उपलब्ध एकमात्र ‘सपोर्ट हैंगर’ पहले से ही हाल में लाए गए एक अन्य गोवंश के उपयोग में है। इस कारण तत्काल बछिया को वहां रखना संभव नहीं हो सका।

अर्जुनगुड़ी के प्रोबिन बरुआ ने दिया सुरक्षित आश्रय
इसके बाद डॉ. मर्ज़िना बेगम के सहयोग से अर्जुनगुड़ी के स्थानीय किसान प्रोबिन बरुआ से संपर्क किया गया। बरुआ अपने घर पर करीब 20 गायों वाली घरेलू गौशाला संचालित करते हैं।
घायल और बेसहारा बछिया की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से उसे अपनी गौशाला में रखने और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी स्वीकार की। इसके बाद आवश्यक चारा और दवाइयों के साथ बछिया को सुरक्षित रूप से प्रोबिन बरुआ की गौशाला पहुंचाया गया।

नियमित जांच के लिए गौशाला जाएंगी डॉ. मर्ज़िना बेगम
डॉ. मर्ज़िना बेगम ने बछिया के स्वस्थ होने तक आवश्यक चिकित्सा सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया है। आवश्यकता के अनुसार प्रोबिन बरुआ के निवास पर जाकर बछिया की जांच और उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
मारवाड़ी युवा मंच ने कहा कि प्रोबिन बरुआ ने घायल और बेसहारा बछिया को आश्रय देकर उसकी देखभाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी स्वीकार की है। ऐसे में समाज के इच्छुक लोगों से भी उसके उपचार, चारे और अन्य आवश्यकताओं में सहयोग की अपील की गई है।

समय पर सूचना और सामूहिक प्रयास से मिली घायल जीव को मदद
मंच ने इस पूरे प्रयास में सहयोग करने वाले पशु चिकित्सकों, कर्मचारियों और समाज के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन ने कहा कि किसी घायल और असहाय जीव की मदद के लिए समय पर सूचना, प्रशासनिक समन्वय, चिकित्सकीय सहायता और सामाजिक सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है।
घायल बछिया के उपचार और आगे की देखभाल में अपनी ओर से सहयोग करने के इच्छुक लोग मारवाड़ी युवा मंच, शिवसागर शाखा के अध्यक्ष अंकुश कुमार केड़िया से 8135056822 पर संपर्क कर सकते हैं।




