इंजीनियर्स डे पर पारीक महिला परिषद की अनूठी पहल—समाज की इंजीनियर प्रतिभाओं का सम्मान : ‘समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान’ प्रकल्प के तहत सलोनी पारीक का घर पहुंचकर किया अभिनंदन : प्रतीक पारीक, अभिलाष पारीक, निकिता पारीक और नयन पारीक भी होंगे सम्मानित; उपलब्धता के अनुसार परिषद करेगी अभिनंदन
डॉक्टर, सीए और शिक्षकों के बाद अब इंजीनियर प्रतिभाओं को सम्मान—अगले चरण में समाज के होनहार वकीलों को मिलेगा गौरव सम्मान

गुवाहाटी, 15 सितंबर : समाज की प्रतिभाओं की उपलब्धियों को पहचान देने, उनके परिवारों की खुशियों में सहभागी बनने और नई पीढ़ी को उच्च शिक्षा एवं सफलता के लिए प्रेरित करने की दिशा में पारीक महिला परिषद, गुवाहाटी ने इंजीनियर्स डे के अवसर पर एक प्रेरणादायी पहल की। परिषद द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी प्रकल्प “समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान” के अंतर्गत समाज की होनहार इंजीनियर प्रतिभाओं को सम्मानित करने की श्रृंखला शुरू की गई।
इस पहल के तहत इंजीनियर सलोनी पारीक, प्रतीक पारीक, अभिलाष पारीक, निकिता पारीक एवं नयन पारीक को उनकी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। परिषद का मानना है कि समाज के युवाओं की उपलब्धियां केवल उनके व्यक्तिगत या पारिवारिक गौरव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा और गर्व का विषय है।

सलोनी पारीक के घर पहुंचकर साझा की उपलब्धि की खुशी
सम्मान अभियान की शुरुआत इंजीनियर सलोनी पारीक के अभिनंदन के साथ हुई। पारीक महिला परिषद की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनके घर पहुंचकर परिवारजनों के बीच उनकी उपलब्धि की खुशी साझा की। इस अवसर पर सलोनी पारीक को स्मृति-चिह्न एवं फूलाम गमछा भेंट कर स्नेह और सम्मान के साथ अभिनंदन किया गया।
घर-परिवार के बीच आयोजित इस आत्मीय सम्मान ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप दिया। परिषद की पहल का उद्देश्य केवल किसी प्रतिभा को मंच पर सम्मानित करना नहीं, बल्कि उसके परिवार तक पहुंचकर उस उपलब्धि से जुड़ी खुशी, संघर्ष और गौरव को पूरे समाज के साथ जोड़ना है।
चार अन्य इंजीनियर प्रतिभाओं का आगामी दिनों में होगा सम्मान
परिषद की ओर से बताया गया कि समाज की अन्य इंजीनियर प्रतिभाएं प्रतीक पारीक, अभिलाष पारीक, निकिता पारीक एवं नयन पारीक वर्तमान में अपनी-अपनी व्यस्तताओं के कारण इस अवसर पर उपस्थित नहीं हो सके। इसलिए परिषद उनकी सुविधा, उपस्थिति एवं उपलब्धता के अनुरूप आगामी दिनों में व्यक्तिगत रूप से उनका भी सम्मान करेगी।
इस प्रकार परिषद यह सुनिश्चित करना चाहती है कि समाज की कोई भी चिह्नित प्रतिभा केवल अनुपस्थिति के कारण सम्मान से वंचित न रहे और प्रत्येक उपलब्धि को उचित पहचान मिले।

‘प्रतिभाओं की सफलता पूरे समाज का गौरव’
पारीक महिला परिषद का मानना है कि प्रतिभाओं के परिवारों के बीच पहुंचकर उनका सम्मान करना महज एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में आत्मीयता और जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास है। जब किसी युवक या युवती की उपलब्धि को पूरा समाज अपनी उपलब्धि मानकर उसका अभिनंदन करता है, तो इससे न केवल उस प्रतिभा और उसके परिवार का उत्साह बढ़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
इसी सोच के साथ परिषद समाज की अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें सम्मानित करने और उनके योगदान को समाज के सामने लाने का प्रयास कर रही है।
डॉक्टर, सीए और शिक्षकों के बाद इंजीनियरों की बारी
पारीक महिला परिषद की यह पहल केवल इंजीनियरिंग क्षेत्र तक सीमित नहीं है। “समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान” प्रकल्प के तहत इससे पहले समाज के डॉक्टरों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) एवं शिक्षकों को सम्मानित किया जा चुका है।
इसी गौरवमयी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए इंजीनियर्स डे के अवसर पर अब समाज की इंजीनियर प्रतिभाओं के अभिनंदन की शुरुआत की गई। विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में सफलता अर्जित करने वाले समाजबंधुओं को एक-एक कर सम्मानित करने की इस पहल के माध्यम से परिषद समाज के भीतर शिक्षा, ज्ञान, मेहनत और उपलब्धि की सकारात्मक संस्कृति को और मजबूत करना चाहती है।

अगले चरण में होनहार वकीलों का होगा अभिनंदन
परिषद ने इस सम्मान श्रृंखला को भविष्य में भी जारी रखने का निर्णय लिया है। इंजीनियर प्रतिभाओं के सम्मान के बाद आगामी चरण में पारीक समाज के होनहार वकीलों को सम्मानित किया जाएगा। इस तरह विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और मेहनत से पहचान बनाने वाले समाज के सदस्यों को क्रमबद्ध रूप से सम्मान देने की योजना है।
इस अभियान के माध्यम से परिषद यह संदेश भी देना चाहती है कि समाज की प्रगति केवल किसी एक क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने से नहीं, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, वित्त, कानून और अध्यापन सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई पीढ़ी की मजबूत भागीदारी से होती है।
नई पीढ़ी को शिक्षा और मेहनत के लिए प्रेरित करना प्रमुख उद्देश्य
परिषद के इस प्रकल्प का प्रमुख उद्देश्य समाज की प्रतिभाओं को पहचान एवं सम्मान देना, उनकी उपलब्धियों को समाज के सामने प्रस्तुत करना तथा उनके परिवारों की खुशियों में सहभागी बनना है। इसके साथ ही इस अभियान का महत्वपूर्ण लक्ष्य बच्चों और युवाओं को यह संदेश देना है कि शिक्षा, निरंतर मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता हासिल की जा सकती है।
परिषद का प्रयास है कि आज जिन प्रतिभाओं को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने। इससे समाज के बच्चे उच्च शिक्षा एवं विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हों और भविष्य में अपनी योग्यता के बल पर परिवार एवं समाज का नाम रोशन करें।

महिला परिषद की पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों की रही आत्मीय उपस्थिति
इंजीनियर प्रतिभाओं के सम्मान की इस पहल में पारीक महिला परिषद की अध्यक्ष निशा पारीक एवं सचिव जया पारीक की सक्रिय भागीदारी रही। उनके साथ परिषद की पूर्व अध्यक्ष विनिता पारीक, कौशल्या व्यास, सरोज जोशी एवं सीमा जोशी भी गरिमामयी एवं आत्मीय रूप से उपस्थित रहीं।
परिषद की सदस्यों ने इस अवसर पर प्रतिभाओं की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम ने एक ओर समाज की प्रतिभाओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर यह भी रेखांकित किया कि किसी व्यक्ति की सफलता को जब समाज सामूहिक गौरव के रूप में स्वीकार करता है, तो उससे सामाजिक जुड़ाव और अधिक मजबूत होता है।
सम्मान से प्रेरणा तक—समाज को जोड़ने की सार्थक पहल
इंजीनियर्स डे पर शुरू की गई यह सम्मान श्रृंखला पारीक महिला परिषद के उस व्यापक उद्देश्य को सामने लाती है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान, परिवार से आत्मीय जुड़ाव और नई पीढ़ी को प्रेरणा—तीनों को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया गया है। डॉक्टर, सीए और शिक्षकों के सम्मान से शुरू हुई यह यात्रा अब इंजीनियरों तक पहुंची है और आगे वकीलों सहित अन्य क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी समाज के सामने गौरव के साथ प्रस्तुत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
परिषद की इस पहल के माध्यम से संदेश दिया गया कि समाज की हर उपलब्धि को पहचान मिलनी चाहिए और सफल प्रतिभाओं की यात्रा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बननी चाहिए। ज्ञान, मेहनत, संस्कार और सफलता को सामाजिक गौरव से जोड़ने की यही भावना “समाज का गौरव–हमारी शान, ज्ञान की ज्योति–पारीक की पहचान” प्रकल्प की मूल अवधारणा है।




