मूसलाधार बारिश से गुवाहाटी के खारघुली में भूस्खलन : होमस्टे की रिटेनिंग वॉल ढही : सड़क अवरुद्ध, कई दोपहिया वाहन मलबे में दबे : बड़ा हादसा टला, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं : स्थानीय लोगों ने पहाड़ी कटाव और अनियंत्रित निर्माण पर उठाए सवाल : प्रशासन ने शुरू कराया मलबा हटाने का कार्य

गुवाहाटी, 19 जुलाई : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रविवार सुबह गुवाहाटी के खारघुली क्षेत्र में भूस्खलन की एक बड़ी घटना सामने आई। भारी वर्षा के कारण एक होमस्टे की रिटेनिंग (गार्ड) वॉल अचानक ढह गई, जिससे बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े कम से कम छह वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।

सुबह करीब 10 बजे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे हुई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलान की मिट्टी कमजोर हो गई थी। इसी दौरान होमस्टे की रिटेनिंग वॉल भरभराकर गिर गई और उसके साथ भारी मात्रा में मलबा नीचे सड़क पर आ गया। कई दोपहिया वाहन मलबे के नीचे दब गए और यातायात बाधित हो गया।

पांच स्कूटर और एक मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त
स्थानीय लोगों के अनुसार मलबे में दबे वाहनों में पांच स्कूटर और एक मोटरसाइकिल शामिल हैं। कुछ वाहन पूरी तरह मिट्टी में दब गए, जबकि अन्य को गंभीर क्षति पहुंची। सड़क बंद होने से आसपास के क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा।

आपदा प्रबंधन और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और मलबा हटाकर सड़क को जल्द से जल्द चालू करने का अभियान शुरू किया। साथ ही पहाड़ी की स्थिरता का भी आकलन किया जा रहा है ताकि आगे किसी और भूस्खलन का खतरा न रहे।

स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल
घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि अनियंत्रित पहाड़ी कटाई, अवैज्ञानिक निर्माण कार्य और संवेदनशील ढलानों पर पर्याप्त निगरानी के अभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि जिस भवन की रिटेनिंग वॉल गिरी, उसकी स्थिति पहले से कमजोर थी और ऐसे ढांचों की समय-समय पर सुरक्षा जांच होनी चाहिए थी। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।

बड़ा हादसा टलने से लोगों ने ली राहत की सांस
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह भूस्खलन किसी व्यस्त समय में होता, जब सड़क पर अधिक आवाजाही रहती, तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान गुवाहाटी के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।
मानसून में बढ़ी सतर्कता की जरूरत
हाल के दिनों में गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा के दौरान पहाड़ी ढलानों पर स्थित इमारतों, रिटेनिंग वॉल और संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी तथा समय रहते सुरक्षा उपाय अत्यंत आवश्यक हैं।




