जल संरक्षण से स्वच्छता तक—शिवसागर में ‘जल अर्पण दिवस’ और ‘स्वच्छताई सेवा-2026’ अभियान की शुरुआत : अभयपुरिया टिंग बस्ती पाइप जलापूर्ति योजना परिसर में विधायक मयूर बोरगोहाईं ने किया ‘जल अर्पण दिवस’ का शुभारंभ : नाजिरा विकास खंड में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का उद्घाटन, विद्यार्थियों ने ‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’ के तहत किया शैक्षणिक भ्रमण
डिमौ में सामुदायिक कम्पोस्ट पिट का उद्घाटन—वर्मी कम्पोस्टिंग और टिकाऊ कचरा प्रबंधन पर लोगों को किया गया जागरूक

शिवसागर, 17 सितंबर : शिवसागर जिले में सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालिक और टिकाऊ बनाने के साथ-साथ स्वच्छता एवं वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। आमगुड़ी विकास खंड के अंतर्गत अभयपुरिया टिंग बस्ती पाइप जलापूर्ति योजना परिसर में गंभीर एवं गरिमामय वातावरण में ‘जल अर्पण दिवस’ मनाया गया। वहीं नाजिरा विकास खंड में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के उद्घाटन के साथ ‘स्वच्छताई सेवा-2026’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। डिमौ क्षेत्र में सामुदायिक कम्पोस्ट पिट का भी उद्घाटन किया गया।

अभयपुरिया टिंग बस्ती में ‘जल अर्पण दिवस’
आमगुड़ी विकास खंड के अंतर्गत अभयपुरिया टिंग बस्ती पाइप जलापूर्ति योजना परिसर में आयोजित ‘जल अर्पण दिवस’ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ नाजिरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मयूर बोरगोहाईं ने किया। कार्यक्रम में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर आयोजित सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए विधायक बोरगोहाईं ने पाइप जलापूर्ति योजना को लंबे समय तक सुचारु और टिकाऊ बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से जल उपयोगकर्ता समिति द्वारा प्रभावी तरीके से उपयोग शुल्क संग्रह किए जाने को योजना की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी जागरूकता फैलाई गई। एक स्वयं सहायता समूह की सदस्य ने चालू वर्ष के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुरूप चार अलग-अलग प्रकार के कचरे के पृथक्करण की प्रक्रिया के बारे में उपस्थित लोगों को विस्तार से समझाया। इसके माध्यम से घरेलू स्तर से ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने और उसके उचित प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

नाजिरा में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का उद्घाटन
दूसरी ओर, नाजिरा विकास खंड में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के उद्घाटन के साथ ‘स्वच्छताई सेवा-2026’ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। नाजिरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक तथा नाजिरा सह-जिले की आयुक्त श्रीमती प्रतिभा मेश्राम ने संयुक्त रूप से इस इकाई का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी, नाजिरा के खंड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में स्थापित इस इकाई के माध्यम से क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’ में विद्यार्थियों की भागीदारी
‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’ के तहत खंगिया प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का शैक्षणिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों को प्लास्टिक कचरे के संग्रह, पृथक्करण और उसके उचित प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।

डिमौ में सामुदायिक कम्पोस्ट पिट का उद्घाटन
इसी क्रम में जल संसाधन एवं न्यायिक विभाग के मंत्री तथा डिमौ विधानसभा क्षेत्र के विधायक के प्रतिनिधि मृणाल फुकन ने एक सामुदायिक कम्पोस्ट पिट (Community Compost Pit) का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में शुकानपुखुरी गांव पंचायत के अध्यक्ष, डिमौ के कृषि विकास अधिकारी, शिवसागर के सहायक कार्यकारी अभियंता, एस.ओ., आई.एस.ए. समन्वयक, बी.डब्ल्यू.सी. सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वर्मी कम्पोस्टिंग से जैविक कचरे के उपयोग का संदेश
कार्यक्रम के अंतर्गत डिमौ के कृषि विकास अधिकारी ने टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से वर्मी कम्पोस्टिंग यानी केंचुआ खाद तैयार करने की प्रक्रिया पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया।
सत्र के दौरान लोगों को जैविक कचरे को अनुपयोगी समझकर फेंकने के बजाय उससे उपयोगी जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया और इसके महत्व की जानकारी दी गई। सामुदायिक स्तर पर कम्पोस्टिंग और वर्मी कम्पोस्टिंग को अपनाकर कचरे की मात्रा कम करने के साथ कृषि के लिए उपयोगी जैविक खाद तैयार करने के संदेश पर विशेष जोर दिया गया।
जल, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में जनभागीदारी पर जोर
शिवसागर जिले में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता, जल उपयोगकर्ता समितियों की सक्रिय भूमिका, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन, जैविक कचरे से कम्पोस्ट निर्माण तथा विद्यार्थियों और आम नागरिकों की भागीदारी को प्रमुखता दी गई।
‘जल अर्पण दिवस’, ‘स्वच्छताई सेवा-2026’, ‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’ और सामुदायिक कम्पोस्टिंग जैसी पहलों ने जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ते हुए लोगों को स्वच्छ एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।




