बैंक ऑफ बड़ौदा की शिवसागर शाखा से जुड़ा कथित धोखाधड़ी मामला, ग्राहक के नाम पर 40 हजार रुपये के लेन-देन का आरोप : महिला ग्राहक का आरोप—क्रेडिट कार्ड लेने के लिए बनाया गया दबाव, मोबाइल फोन लेकर OTP के कथित इस्तेमाल का संदेह : बिना ऋण लिए 40 हजार रुपये चुकाने का फोन आने से उड़े होश—शिवसागर सदर थाने में दर्ज कराई शिकायत
ग्राहक के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड कर्मचारी के पास मिलने का दावा—पैकेट पहले से खुला होने का भी आरोप

शिवसागर, 29 सितंबर : बैंक ऑफ बड़ौदा की शिवसागर नगर शाखा से जुड़ा कथित धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। शिवसागर निवासी एक महिला ग्राहक ने आरोप लगाया है कि बैंक की एक कर्मचारी ने उसके नाम पर जारी क्रेडिट कार्ड का कथित तौर पर इस्तेमाल कर करीब 40 हजार रुपये का ऋण अथवा अन्य लेन-देन किया। मामले को लेकर पीड़ित ग्राहक ने शिवसागर सदर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस तथा बैंक की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सिलाई का काम कर परिवार की मदद करती हैं शाहिदा बेगम
प्राप्त जानकारी और शिकायतकर्ता के आरोपों के अनुसार, शिवसागर नगर से करीब एक किलोमीटर दूर मरनैकिनार नामघरिया अली निवासी शाहिदा बेगम का बैंक ऑफ बड़ौदा की शिवसागर शाखा में खाता है। अविवाहित शाहिदा घर पर सिलाई का काम करती हैं और इससे होने वाली सीमित आमदनी से परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करती हैं।
शाहिदा का आरोप है कि शाखा में कार्यरत भाग्यश्री बोरा नामक एक महिला कर्मचारी ने उन पर क्रेडिट कार्ड लेने के लिए दबाव बनाया था। शाहिदा के मुताबिक उन्हें क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल और इससे जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं थी। उन्होंने संबंधित कर्मचारी को स्पष्ट रूप से बताया था कि उन्हें क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता नहीं है।
घर के पास बुलाकर मोबाइल फोन लेने का आरोप
शाहिदा का दावा है कि इसके कुछ दिनों बाद संबंधित महिला कर्मचारी उनके घर के पास पहुंचीं और फोन कर उन्हें बाहर बुलाया। आरोप के मुताबिक कर्मचारी ने उनसे कहा कि उनके मोबाइल फोन पर बैंक के क्रेडिट कार्ड से संबंधित एक संदेश आया है और कार्ड जारी होने की प्रक्रिया रोकने के लिए उस संदेश को देखना जरूरी है।
शाहिदा का कहना है कि बैंक कर्मचारी होने के कारण उन्होंने भरोसा करते हुए अपना मोबाइल फोन उन्हें दे दिया। आरोप है कि कर्मचारी ने कुछ देर तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और बाद में उसे शाहिदा को वापस कर दिया। शाहिदा के अनुसार उस समय उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।
40 हजार रुपये चुकाने का फोन आया तो सामने आया मामला
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब कुछ दिनों बाद शाहिदा को एक फोन आया। उनका दावा है कि फोन करने वाले ने उनसे कथित तौर पर कहा कि उनके द्वारा लिए गए 40 हजार रुपये के ऋण की कोई किस्त जमा नहीं हुई है और बकाया राशि का तत्काल भुगतान करना होगा।
यह सुनकर शाहिदा हैरान रह गईं। उनका कहना है कि उन्होंने न तो ऐसा कोई ऋण लिया था और न ही इसके लिए कोई आवेदन किया था। इसके बावजूद उनके नाम पर 40 हजार रुपये की देनदारी बताए जाने से उन्हें कथित गड़बड़ी का संदेह हुआ।
शाखा प्रबंधक को दी पूरे घटनाक्रम की जानकारी
इसके बाद शाहिदा बैंक ऑफ बड़ौदा की शिवसागर शाखा पहुंचीं और शाखा प्रबंधक को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार का ऋण नहीं लेने के बावजूद उन्हें 40 हजार रुपये के भुगतान के लिए फोन और संदेश मिल रहे हैं।
शाहिदा ने शाखा प्रबंधक को संबंधित कर्मचारी द्वारा कथित रूप से क्रेडिट कार्ड लेने के लिए दबाव बनाए जाने और बाद में उनके घर के पास पहुंचकर मोबाइल फोन देखने की घटना के बारे में भी बताया।
कर्मचारी के पास मिला ग्राहक के नाम का क्रेडिट कार्ड—शिकायतकर्ता का दावा
शाहिदा के आरोप के मुताबिक, उनकी शिकायत सुनने के बाद शाखा प्रबंधक ने संबंधित महिला कर्मचारी को बुलाकर क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी मांगी। इस दौरान कर्मचारी ने कथित तौर पर अपने पास रखा शाहिदा बेगम के नाम पर जारी क्रेडिट कार्ड सौंप दिया।
शाहिदा का आरोप है कि कार्ड सीलबंद पैकेट में नहीं था, बल्कि उसका पैकेट पहले से खुला हुआ था। इसके बाद उनका संदेह और गहरा गया।
मोबाइल पर आए OTP के दुरुपयोग का संदेह
शाहिदा ने आशंका जताई है कि उनके मोबाइल फोन को लेने का उद्देश्य उसमें आए OTP तक पहुंच हासिल करना हो सकता था। उनका आरोप है कि संभवतः उसी OTP का इस्तेमाल उनके नाम पर जारी क्रेडिट कार्ड को सक्रिय करने अथवा उसके माध्यम से करीब 40 हजार रुपये का लेन-देन करने में किया गया।
हालांकि 40 हजार रुपये की राशि वास्तव में किस माध्यम से निकाली अथवा इस्तेमाल की गई, यह ऋण था या किसी अन्य प्रकार का क्रेडिट कार्ड लेन-देन, और रकम किस खाते या माध्यम में गई—इन तथ्यों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में बैंकिंग रिकॉर्ड, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, OTP से संबंधित तकनीकी रिकॉर्ड और संबंधित लेन-देन का विवरण सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बैंक से समाधान नहीं मिलने का भी आरोप
शाहिदा का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने मामले के समाधान और 40 हजार रुपये की देनदारी को लेकर बैंक से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि संबंधित कर्मचारी को पहले ही बैंक से हटा दिया गया है और कथित लेन-देन की जिम्मेदारी बैंक स्वीकार नहीं करेगा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, संबंधित पूर्व कर्मचारी की ओर से भी 40 हजार रुपये चुकाने को लेकर कोई समाधान नहीं निकलने के बाद उन्होंने पुलिस की शरण लेने का निर्णय लिया।
शिवसागर सदर थाने में लिखित शिकायत
इसके बाद शाहिदा बेगम ने शिवसागर सदर थाने में भाग्यश्री बोरा के खिलाफ कथित धोखाधड़ी को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शाहिदा ने मीडिया के समक्ष भी पूरे घटनाक्रम का विवरण रखते हुए अपने साथ धोखाधड़ी होने का आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच तथा उचित समाधान की मांग की।
घर पर सिलाई का काम कर सीमित आय से परिवार की मदद करने वाली शाहिदा के लिए 40 हजार रुपये बड़ी रकम है। उनका कहना है कि जिस कथित ऋण अथवा लेन-देन से उनका कोई संबंध नहीं है, उसकी देनदारी उनके नाम पर आने से वे गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानी में पड़ गई हैं।
ग्राहकों की वित्तीय जानकारी की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
इस मामले ने बैंकिंग सेवाओं में ग्राहकों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी, क्रेडिट कार्ड तथा OTP की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि आम लोग अपनी जमा पूंजी और वित्तीय लेन-देन की सुरक्षा के भरोसे बैंकिंग संस्थानों से जुड़ते हैं। ऐसे में यदि किसी बैंक कर्मचारी पर ही ग्राहक के क्रेडिट कार्ड अथवा उससे जुड़ी जानकारी के कथित दुरुपयोग का आरोप लगता है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाना जरूरी है।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए सभी आरोप जांच के अधीन हैं। संबंधित कर्मचारी और बैंक का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस जांच तथा बैंकिंग रिकॉर्ड की पड़ताल से ही यह तय होगा कि शाहिदा बेगम के नाम पर कथित 40 हजार रुपये का लेन-देन किस तरह हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।




