दिसांगमुख में ONGC के DS-3 तेल कुएं का घेराव—बाढ़ प्रभावितों को राहत नहीं मिलने पर अनुसूचित जाति छात्र संघ का जोरदार प्रदर्शन : एजारगुड़ी में सैकड़ों बाढ़ प्रभावितों के साथ प्रदर्शन—दो माह दस दिन बाद भी सहायता नहीं मिलने का आरोप : करीब एक घंटे तक तेल कुएं का घेराव, ONGC के खिलाफ नारेबाजी—मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रबंधन से हुई वार्ता
छह सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला आयुक्त को भेजा—ONGC प्रबंधन ने शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का दिया आश्वासन

शिवसागर, 29 सितंबर : शिवसागर जिले के दिसांगमुख क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों को कथित रूप से राहत एवं सहायता उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर अखिल असम अनुसूचित जाति छात्र संघ ने सोमवार को ओएनजीसी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दिसांगमुख आंचलिक अनुसूचित जाति छात्र संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय बाढ़ प्रभावित लोगों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने एजारगुड़ी स्थित ओएनजीसी के DS-3 तेल कुएं का घेराव किया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

‘दो माह दस दिन बाद भी नहीं मिली सहायता’
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एजारगुड़ी स्थित DS-3 तेल कुएं के आसपास रहने वाले कई परिवार हाल की बाढ़ से प्रभावित हुए थे, लेकिन बाढ़ के करीब दो महीने दस दिन बीत जाने के बावजूद उन्हें ओएनजीसी की ओर से अपेक्षित राहत अथवा सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
संगठन का कहना है कि प्रभावित परिवार लंबे समय से सहायता की उम्मीद लगाए हुए हैं। कथित तौर पर उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। इसी के बाद दिसांगमुख आंचलिक अनुसूचित जाति छात्र संघ ने बाढ़ प्रभावितों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाया।

सैकड़ों बाढ़ प्रभावितों के साथ DS-3 तेल कुएं का घेराव
विरोध कार्यक्रम के तहत संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय बाढ़ प्रभावित लोग एजारगुड़ी स्थित ओएनजीसी के DS-3 तेल कुएं के पास एकत्र हुए और उसका घेराव किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ओएनजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रभावित परिवारों की कथित उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बाढ़ के कारण परेशानियों का सामना कर रहे परिवारों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए थी, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका प्रमुख उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं की ओर ओएनजीसी प्रबंधन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना तथा उनके लिए शीघ्र राहत सुनिश्चित कराना है।

करीब एक घंटे तक चला घेराव
ओएनजीसी के तेल कुएं का घेराव करीब एक घंटे तक जारी रहा। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन और ओएनजीसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट इंडिका गोगोई की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों और ओएनजीसी प्रबंधन के बीच बातचीत हुई।
वार्ता के दौरान प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं और अपनी विभिन्न मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा। बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों ने तेल कुएं का घेराव समाप्त कर दिया।

छह सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला आयुक्त को भेजा
प्रदर्शन के दौरान अखिल असम अनुसूचित जाति छात्र संघ की ओर से अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन को शिवसागर जिला आयुक्त के पास भी भेजा गया है।
संगठन ने ज्ञापन में शामिल मांगों पर शीघ्र और समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराना और लंबे समय से लंबित उनकी समस्याओं का समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

ONGC प्रबंधन ने शीघ्र कार्रवाई का दिया आश्वासन
संगठन के अनुसार, वार्ता के दौरान ओएनजीसी प्रबंधन ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ज्ञापन में उल्लिखित छह सूत्री मांगों पर शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और घेराव कार्यक्रम समाप्त किया गया।
अब प्रदर्शनकारी ओएनजीसी और प्रशासन की ओर से किए जाने वाले कदमों का इंतजार कर रहे हैं। संगठन ने अपनी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है।
छात्र संघ के केंद्रीय और जिला पदाधिकारी रहे मौजूद
विरोध कार्यक्रम में अखिल असम अनुसूचित जाति छात्र संघ के केंद्रीय महासचिव मृदुल दास, शिवसागर जिला समिति के सचिव दीपांकर दास, उपाध्यक्ष प्रदीप हजारिका, सहायक सचिव विकास बर्मन और संगठन सचिव प्रकाश सरकार मौजूद रहे।
इसके अलावा दिसांगमुख आंचलिक समिति की अध्यक्ष बिकी दास और सचिव थानेश्वर सेनापति सहित संगठन के विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय बाढ़ प्रभावित लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
ONGC की ओर से डेम्बी राम पांगिंग और रिंकू दास वार्ता में शामिल
वहीं ओएनजीसी की ओर से ऑल इंडिया एससी-एसटी एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन, ओएनजीसी असम एसेट के अध्यक्ष डेम्बी राम पांगिंग और सदस्य रिंकू दास भी मौके पर मौजूद रहे। दोनों प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच हुई बातचीत में शामिल हुए।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए शीघ्र राहत की मांग
दिसांगमुख में हुए इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अनुसूचित जाति छात्र संघ ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई है। साथ ही संगठन ने जिला प्रशासन और ओएनजीसी प्रबंधन से छह सूत्री ज्ञापन में शामिल मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान और उन्हें अपेक्षित सहायता उपलब्ध कराना उनकी प्रमुख मांग है। फिलहाल ओएनजीसी प्रबंधन की ओर से शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद घेराव समाप्त कर दिया गया है और अब संगठन तथा प्रभावित परिवारों की नजर आगे की कार्रवाई पर है।




